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डिलीवरी के कितने दिनों बाद शà¥à¤°à¥‚ होते हैं पीरियडà¥à¤¸?
डिलीवरी के बाद शरीर में बहà¥à¤¤ बदलाव आ जाता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद महिलाओं के मन में यह सवाल à¤à¥€ जरूर आता है कि अब उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पहला पीरियड कब और कैसे आà¤à¤—ा।
periods
10-12 साल की उमà¥à¤° से शà¥à¤°à¥‚ होकर 45 से 55 साल की उमà¥à¤° तक जब तक मेनॉपॉज नहीं आ जाता तब तक पीरियडà¥à¤¸ हर महीने महिलाओं के साथ रहते हैं। लेकिन इस दौरान जब महिला गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती है तब उनके पीरियडà¥à¤¸ बंद हो जाते हैं। वहीं पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के बाद तà¥à¤°à¤‚त पीरियडà¥à¤¸ होना संà¤à¤µ नहीं। अगर à¤à¤¸à¤¾ होता है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
लेकिन डिलिवरी के बाद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं के मन में ये सवाल रहता है कि आखिर उनके पीरियडà¥à¤¸ दोबारा कब शà¥à¤°à¥‚ होंगे? कहीं पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ न होने का मतलब ये तो नहीं कि वह दोबारा गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो गई हैं? अगर आपके मन में à¤à¥€ इस तरह के कई सवाल हैं तो आज हम आपको बताà¤à¤‚गे डिलिवरी के बाद माहवारी दोबारा शà¥à¤°à¥‚ होने से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सà¤à¥€ अहम बातें।
1 महीने से 6 महीने के बीच शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है पीरियडà¥à¤¸
वैसे तो पीरियडà¥à¤¸ साइकल के दोबारा शà¥à¤°à¥‚ होने के पीछे कई कारण जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं। जैसे- आप अपने शिशॠको बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करवाती हैं या नहीं। अगर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग कराती हैं तो कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में बचà¥à¤šà¤¾ आपका दूध पीता है। लेकिन अधिकांश मामलों में पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद 1 महीने से लेकर 6 महीने के बीच कà¤à¥€ à¤à¥€ दोबारा से पहला पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है। à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ हो सकता है कि जब तक आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करवाती रहें तब तक आपका मेनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकल फिर से शà¥à¤°à¥‚ ना हो।
मां बनने के बाद कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं
कलà¥à¤•ि ने बताया 17 घंटे तक रहीं लेबर पेन में, डिलिवरी के लिठआप खà¥à¤¦ को à¤à¤¸à¥‡ करें तैयार
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अपने इंसà¥à¤Ÿà¤¾à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® पोसà¥à¤Ÿ में कलà¥à¤•ि ने बताया कि वह पूरे 17 घंटे तक लेबर पेन में रहीं। कलà¥à¤•ि कहती हैं कि इतनी देर तक दरà¥à¤¦ में रहने की वजह से वह इतना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थक गईं थीं कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ से कहा कि वो अब जैसे à¤à¥€ हो बचà¥à¤šà¥‡ को बस किसी तरह से बाहर निकाल दें यानी कलà¥à¤•ि सिजेरियन के लिठà¤à¥€ तैयार हो गईं थीं। लेकिन डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ ने उनसे कहा कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इतनी देर हिमà¥à¤®à¤¤ दिखायी है तो उनकी नैचरल वॉटर बरà¥à¤¥ डिलिवरी ही होगी। इसी के करीब 1 घंटे बाद कलà¥à¤•ि की बेटी का जनà¥à¤® हà¥à¤†à¥¤
(तसà¥à¤µà¥€à¤° साà¤à¤¾à¤°: instagram)
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लेबर के वकà¥à¤¤ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ (यूटà¥à¤°à¤¸) की मांसपेशियों में सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨ और मरोड़ होने लगती है और सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ पर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बढ़ने लगता है जिस वजह से तेज दरà¥à¤¦ महसूस होता है। लेबर के दौरान आमतौर पर ये दरà¥à¤¦ पेट में, पेट और जांघ के बीच के हिसà¥à¤¸à¥‡ (पेड़ू) में, पीठमें और बहà¥à¤¤ सी महिलाओं को जांघ और पैरों में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ महसूस होता है। जब बचà¥à¤šà¥‡ का सिर बाहर आने की कोशिश करता है तो बरà¥à¤¥ कैनाल और वजाइना सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š होने लगती है जिससे बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बढ़ता है और इस वजह से à¤à¥€ बहà¥à¤¤ तेज दरà¥à¤¦ होने लगता है। जिस तरह हर महिला की पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी अलग-अलग होती है, ठीक उसी तरह डिलिवरी के वकà¥à¤¤ होने वाला दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हर महिला का अलग-अलग ही होता है।
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à¤à¤¸à¥‡ में अगर आप à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट हैं और आपकी डिलिवरी की डà¥à¤¯à¥‚ डेट नजदीक आ रही है तो बेहतर है कि आप इस बारे में खà¥à¤¦ को पहले से तैयार रखें। नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी के दौरान होने वाले लेबर पेन के बारे में सोचकर ही डरने और सिजेरियन करवाने का खà¥à¤¯à¤¾à¤² मन में लाने की बजाठखà¥à¤¦ को इसके लिठतैयार करें ताकि आप इस लेबर पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ के दौरान खà¥à¤¦ को बेहतर तरीके से कैरी कर सकें। इससे आपको दरà¥à¤¦ à¤à¥€ कà¥à¤› कम होगा।
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डिलिवरी, लेबर पेन और चाइलà¥à¤¡ बरà¥à¤¥ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जितनी बातें हो सकें उसके बारे में पढ़ें। आप चाहें तो चाइलà¥à¤¡ बरà¥à¤¥ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कà¥à¤²à¤¾à¤¸ à¤à¥€ जॉइन कर सकती हैं। अपनी गाइनैकॉलजिसà¥à¤Ÿ या डॉकà¥à¤Ÿà¤° से इस बारे में बात करें। नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी, सिजेरियन, à¤à¤ªà¤¿à¤œà¤¡à¥à¤¯à¥‚रल इन सबके बारे में अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें, उसके बाद तय करें कि आप किस तरह से बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देना चाहती हैं। आपके दिमाग में डिलिवरी और लेबर पेन से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ जितने à¤à¥€ सवाल हों सà¤à¥€ के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें और खà¥à¤¦ को पहले से तैयार रखें।
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बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देना कोई आसान बात नहीं है। इसके लिठबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤‚थ और सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤®à¤¿à¤¨à¤¾ की जरूरत होती है। लिहाजा अगर आप पहले से ही अपनी बॉडी को तैयार करके रखेंगी तो ये आपके लिठही फायदेमंद होगा। खà¥à¤¦ को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ से दूर रखें, à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें, फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ करें ताकि बॉडी सà¥à¤Ÿà¤¿à¤« ना हो और मूवमेंट बनी रहे। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान योगा करना à¤à¥€ काफी मददगार साबित हो सकता है।
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अगर आपकी दोसà¥à¤¤ या रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° आपको लेबर पेन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बातें और कहानियां सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥€ हैं जो नेगेटिव हो या जिससे आपका डर और बढ़ जाठउसे बिलकà¥à¤² न सà¥à¤¨à¥‡à¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आप और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नरà¥à¤µà¤¸ हो जाà¤à¤‚गी। नेगेटिव बातों और विचारों से लेबर और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तनावपूरà¥à¤£ हो जाता है और दरà¥à¤¦ à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। लिहाजा जहां तक संà¤à¤µ हो खà¥à¤¦ को पॉजिटिव रखने की कोशिश करें।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रिलैकà¥à¤¸ करेंगी, आराम से रहेंगी लेबर के दौरान होने वाले चैलेंज को फेस करना उनके लिठउतना ही आसान हो जाà¤à¤—ा। इसके अलावा कà¥à¤› बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ और टेकà¥à¤¨à¥€à¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ हैं जिसके जरिठआप अपने शरीर और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को शांत कर सकती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे à¤à¥€ दरà¥à¤¦ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने में मदद मिलती है। इन बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤œ को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान पà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ करें ताकि जब लेबर शà¥à¤°à¥‚ हो तो आप इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकें। मेडिटेशन à¤à¥€ इसमें आपकी मदद कर सकता है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग और पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ होने के बीच है लिंक
बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करवाने का सीधा संबंध पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के बाद दोबारा पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ होने से है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि महिलाओं के शरीर में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨, ऑवà¥à¤¯à¥‚लेशन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को रोक देता है और इसलिठपीरियडà¥à¤¸ फिर से शà¥à¤°à¥‚ नहीं होते। यही वजह है कि जो महिलाà¤à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ को अपना दूध नहीं पिलातीं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तो 4 से 8 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के अंदर दोबारा पीरियडà¥à¤¸ आ जाता है। लेकिन जो महिलाà¤à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ को नियमित रूप से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करवाती हैं उनके पीरियडà¥à¤¸ दोबारा शà¥à¤°à¥‚ होने में कई महीनों का वकà¥à¤¤ लग सकता है। लिहाजा हम यह मानकर चल सकते हैं कि डिलिवरी के 6 महीने बाद तक दोबारा पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ न होना à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सी बात है।
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीना चाहिà¤
दोबारा पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ होने पर हो सकते हैं कà¥à¤› बदलाव
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के बाद जब लंबे गैप के बाद दोबारा आपके पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ होते हैं तो हो सकता है कि इसमें कà¥à¤› बदलाव हो, पीरियडà¥à¤¸ के दिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम हो, बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम हो सकती है, पेट में दरà¥à¤¦ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम हो सकता है। या फिर ये à¤à¥€ हो सकता है आपका मेनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकल बिलकà¥à¤² पहले जैसा हो और उसमें कोई चेंज न आà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपका यूटà¥à¤°à¤¸ यानी गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बड़ा हो जाता है। हालांकि डिलिवरी के बाद वह सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ लगता है लेकिन उसमें à¤à¥€ समय लगता है। साथ ही पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान और डिलिवरी के बाद à¤à¥€ शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं और इसका à¤à¥€ मेनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकल पर असर पड़ता है।
कलà¥à¤•ि ने बताया 17 घंटे तक रहीं लेबर पेन में, डिलिवरी के लिठआप खà¥à¤¦ को à¤à¤¸à¥‡ करें तैयार
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