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जानिठशà¥à¤—र में कौन सी दाल खानी चाहिठ: मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में दाल से जà¥à¥œà¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ जानकारियां
दाल à¤à¤¾à¤°à¤¤ में खाठजाने वाले मà¥à¤–à¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। लोग दिन में कम से कम à¤à¤• बार के आहार में दाल का सेवन जरूर करते हैं। दालें कई पà¥à¤°à¤•ार की होती हैं, à¤à¤¸à¥‡ में शà¥à¤—र में कौन सी दाल खानी चाहिठयह à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सवाल है। दरअसल, दाल सबसे सामानà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। à¤à¤¸à¥‡ में लोग कई बार इसे सामानà¥à¤¯ आहार सोचकर अनदेखा कर सकते हैं। जबकि, यह जरूरी है कि डायबिटीज के लिठकौन सी दाल अचà¥à¤›à¥€ है, इस बारे में लोग जागरूक रहें। तो शà¥à¤—र में कौन सी दाल खानी चाहिà¤, इससे जà¥à¥œà¥€ हर जानकारी यहां पà¥à¥‡à¤‚।
कौन सी दाल डायबिटीज के लिठअचà¥à¤›à¥€ है?
बता दें कि दालें बीनà¥à¤¸, सोयाबीन, मटर, लà¥à¤¯à¥‚पिन, मूंगफली, लेनटिलà¥à¤¸ सहित 12 फसलों का समूह है। ये आपके संपूरà¥à¤£ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को लाठपहà¥à¤‚चा सकते हैं। वहीं, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में दाल को अपनी डाइट में शामिल कर बà¥â€à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में शà¥à¤—र में कौन सी दाल खाà¤à¤‚ यह काफी उतà¥à¤¸à¥à¤•ता à¤à¤°à¤¾ सवाल है। तो आइये जानते हैं शà¥à¤—र में कौन सी दाल खानी चाहिà¤à¥¤
चना दाल
चना दाल का गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ 8 होता है, और यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। यह रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में मदद कर सकता है। बता दें लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ फेफड़ों से पूरे शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ कैरी करने का काम करती हैं। वहीं कà¤à¥€-कà¤à¥€ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की कà¥à¤› दवाइयों की वजह से रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकते हैं। इसलिठयह जरूरी है कि लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठमधà¥à¤®à¥‡à¤¹ मरीज चना दाल को अपनी डाइट में शामिल करें।
मूंग दाल
डायबिटीज में मूंग दाल खा सकते हैं। मूंग दाल का गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ 38 होता है। साथ ही इसमें फाइबर, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और फोलेट à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। यह दाल शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करती है। यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है, जिसका सकारतà¥à¤®à¤• असर हà¥à¤°à¤¦à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर à¤à¥€ देखने को मिल सकता है। बता दें कि डायबिटीज के मरीजों में हà¥à¤°à¤¦à¤¯ रोग का à¤à¥€ जोखिम बना रहता है। à¤à¤¸à¥‡ में इससे बचाव के लिठमूंग दाल लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
उड़द दाल
उड़द दाल का गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ 43 होता है। इसमें हाई फाइबर और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कंटेट बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को मैनेज करने में मदद कर सकता है। आप उड़द दाल से बनी इडली और डोसा को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
मसूर दाल
डायबिटीज के रोगी वजन घटाने के लिठऔर डायबिटीज को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठमसूर की दाल का सेवन कर सकते हैं। इसका गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ 25 होता है और यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है। इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट (फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸) à¤à¥€ होते हैं जो अगà¥à¤¨à¤¾à¤¶à¤¯ की कोशिकाओं (pancreatic cells) को नà¥à¤•सान से बचाते हैं और बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤²à¥‚कोज के सà¥à¤¤à¤° को मैनेज करने में मदद कर सकते हैं।
डायबिटीज के लिठदाल के फायदे
दालों में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं, जो डायबिटिक के लिठफायदेमंद हो सकते हैं। आइये जानते हैं दाल खाने से डायबिटीज के मरीज को कà¥à¤¯à¤¾ फायदे हो सकते हैं।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤
दालें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होती हैं। ये मांसपेशियों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाती है। यदि आप शाकाहारी हो तो यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ लेने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। जो नॉन वेजिटेरियन हैं वो बहà¥à¤¤ अधिक मीट इनà¥à¤Ÿà¥‡à¤• को कम करने के लिठà¤à¥€ दालों का सेवन कर सकते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ गà¥à¤²à¥‚कोज को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर रकà¥à¤¤ में शà¥à¤—र को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है। साथ ही यह डायबिटीज में वजन बà¥à¤¨à¥‡ के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है।
डायबिटीज का असर मांसपेशियों व हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ पड़ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ दाल के सेवन से मांसपेशियां व हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हो सकती हैं।
कम गà¥â€à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥â€à¤¸
अलग-अलग दालों में अलग-अलग गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ का सà¥à¤¤à¤° होता है । दालों का गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ आमतौर पर कम होता है, यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤£ में रख सकता है।
फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र
दालें फाइबर का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होती हैं। इसमें फाइबर पाया जाता है और फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ डायबिटीज के मरीज के पाचन को बेहतर कर सकता है। बता दें मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में पेट व पाचन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ पेट के लिठलाà¤à¤•ारी हो सकते हैं। यह पाचन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बेहतर करने के साथ-साथ डायबिटीज में पेट से जà¥à¥œà¥€ परेशानियों से राहत दिला सकता है। इसके अलावा, फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन से आपका पेट काफी देर तक à¤à¤°à¤¾ रहता है, जिससे यह आपके वजन को बà¥à¤¨à¥‡ से रोकता है। यही कारण है कि दालों में पाया जाने वाला फाइबर आपको डायबिटीज में होने वाली जटिलताओं से बचा सकता है। साथ ही ये आपके कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² लेवल को à¤à¥€ कम कर सकता है।
लो फैट
दालों में पोषक ततà¥à¤µ अधिक होते हैं और फैट की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है, इसके सेवन से वेट मेनà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨ रहता है और डायबिटीज होने का जोखिम कम हो सकता है। वहीं, अगर डायबिटीज में वजन अधिक रहेगा तो यह जटिलताओं को बà¥à¤¾ सकता है।
डायबिटिकà¥à¤¸ के लिठदाल का सेवन करने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ समय
आहार विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया है कि डायबिटीज के रोगी को दोपहर के à¤à¥‹à¤œà¤¨ के दौरान अनà¥à¤¯ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ या à¤à¤¨à¤¿à¤®à¤² पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के साथ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ आधा से à¤à¤• छोटी कटोरी दाल का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
डायबिटीज में दाल को डाइट में कैसे शामिल करें?
दालों में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨,फाइबर, विटामिन और मिनरलà¥à¤¸ पाठजाते हैं जो, डायबिटीज वाले लोगों के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होते हैं। आइये जानते हैं डायबिटीज के मरीज अपनी डाइट में दाल को किस पà¥à¤°à¤•ार से शामिल कर सकते हैं।
दाल के चीले बनाकर सà¥à¤¬à¤¹ बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ में ले सकते हैं।
अपने दोपहर के मील में पà¥à¤²à¥‡à¤¨ दाल सबà¥à¤œà¥€ और रोटी के साथ खा सकते हैं।
अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ दालों को सलाद में शामिल कर सकते हैं।
दाल के पराठे बनाकर à¤à¥€ खा सकते हैं।
दाल को तड़का लगाकर रोटी के साथ खा सकते हैं।
उड़द दाल से बनी इडली या डोसा सà¥à¤¬à¤¹ के नाशà¥à¤¤à¥‡ में खा सकते हैं।
डायबिटीज में दाल के अधिक सेवन से जोखिम
बहà¥à¤¤ अधिक दाल खाने से शरीर में गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और à¤à¤‚ठन हो सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फाइबर के कारण इसे तोड़ना और डाइजेसà¥à¤Ÿ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। नीचे हमने कà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ दालों के अधिक सेवन से होने वाले जोखिम के बारे में बताया है।
उड़द की दाल का सेवन अधिक करने से शरीर में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है। वहीं, किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ वाले लोगों को डॉकà¥à¤Ÿà¤° के सलाह के बाद ही उड़द दाल का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
चना दाल अधिक खाने से गैस, अपच या बदहजमी हो सकती है। कà¥à¤› लोगों को इससे à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¥€ हो सकती है।
मूंग और मसूर दाल अधिक खाने से गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। पेट दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है, अधिक सेवन से वजन बॠà¤à¥€ सकता है।
रात में अरहर दाल के सेवन से बचे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि रात के समय यह अचà¥à¤›à¥€ तरह से पच नहीं पाता है। इससे à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।
इस लेख से हमें यह जà¥à¤žà¤¾à¤¤ हà¥à¤† कि शà¥à¤—र में कौन सी दाल खानी चाहिà¤, दाल शà¥à¤—र पेशेंट के लिठबहà¥à¤¤ उपयोगी होती है। रिसरà¥à¤š से पता चला है कि शà¥à¤—र पेशेंट ऊपर दी दालों के साथ छोले यानी काबà¥à¤²à¥€ चना और राजमा à¤à¥€ खा सकते हैं। इनमें à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फाइबर, विटामिनà¥à¤¸ और मिनरलà¥à¤¸ पाठजाते हैं, जो आपके बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने में आपकी मदद कर सकते हैं। हालांकि, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे शà¥à¤—र में खाने वाली दाल का सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में ही सेवन करें।
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