डायबिटीज में कौन कौन सी दाल खा सकते हैं?HealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 14:20


जानिए शुगर में कौन सी दाल खानी चाहिए : मधुमेह में दाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां

दाल भारत में खाए जाने वाले मुख्य खाद्य पदार्थों में से एक है। लोग दिन में कम से कम एक बार के आहार में दाल का सेवन जरूर करते हैं। दालें कई प्रकार की होती हैं, ऐसे में शुगर में कौन सी दाल खानी चाहिए यह एक महत्वपूर्ण सवाल है। दरअसल, दाल सबसे सामान्य खाद्य पदार्थों में से एक है। ऐसे में लोग कई बार इसे सामान्य आहार सोचकर अनदेखा कर सकते हैं। जबकि, यह जरूरी है कि डायबिटीज के लिए कौन सी दाल अच्छी है, इस बारे में लोग जागरूक रहें। तो शुगर में कौन सी दाल खानी चाहिए, इससे जुड़ी हर जानकारी यहां पढ़ें।
कौन सी दाल डायबिटीज के लिए अच्छी है?
बता दें कि दालें बीन्स, सोयाबीन, मटर, ल्यूपिन, मूंगफली, लेनटिल्स सहित 12 फसलों का समूह है। ये आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को लाभ पहुंचा सकते हैं। वहीं, मधुमेह में दाल को अपनी डाइट में शामिल कर ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं। ऐसे में शुगर में कौन सी दाल खाएं यह काफी उत्सुकता भरा सवाल है। तो आइये जानते हैं शुगर में कौन सी दाल खानी चाहिए।

चना दाल

चना दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 8 होता है, और यह प्रोटीन और फोलिक एसिड से भरपूर होता है। यह रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद कर सकता है। बता दें लाल रक्त कोशिकाएं फेफड़ों से पूरे शरीर में ऑक्सीजन कैरी करने का काम करती हैं। वहीं कभी-कभी मधुमेह की कुछ दवाइयों की वजह से रेड ब्लड सेल्स प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि लाल रक्त कोशिकाओं को स्वस्थ रखने के लिए मधुमेह मरीज चना दाल को अपनी डाइट में शामिल करें।

मूंग दाल

डायबिटीज में मूंग दाल खा सकते हैं। मूंग दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 38 होता है। साथ ही इसमें फाइबर, प्रोटीन और फोलेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह दाल शरीर में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है, जिसका सकारत्मक असर ह्रदय स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल सकता है। बता दें कि डायबिटीज के मरीजों में ह्रदय रोग का भी जोखिम बना रहता है। ऐसे में इससे बचाव के लिए मूंग दाल लाभकारी हो सकता है।

उड़द दाल

उड़द दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 43 होता है। इसमें हाई फाइबर और प्रोटीन कंटेट ब्लड शुगर को मैनेज करने में मदद कर सकता है। आप उड़द दाल से बनी इडली और डोसा को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

मसूर दाल

डायबिटीज के रोगी वजन घटाने के लिए और डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए मसूर की दाल का सेवन कर सकते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 25 होता है और यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट (फ्लेवोनोइड्स) भी होते हैं जो अग्नाशय की कोशिकाओं (pancreatic cells) को नुकसान से बचाते हैं और ब्लड ग्लूकोज के स्तर को मैनेज करने में मदद कर सकते हैं।
डायबिटीज के लिए दाल के फायदे
दालों में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो डायबिटिक के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। आइये जानते हैं दाल खाने से डायबिटीज के मरीज को क्या फायदे हो सकते हैं।

प्रोटीन का अच्छा स्रोत

दालें प्रोटीन का अच्छा स्रोत होती हैं। ये मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाती है। यदि आप शाकाहारी हो तो यह प्रोटीन लेने का सबसे अच्छा स्रोत है। जो नॉन वेजिटेरियन हैं वो बहुत अधिक मीट इन्टेक को कम करने के लिए भी दालों का सेवन कर सकते हैं। प्रोटीन ग्लूकोज को कंट्रोल कर रक्त में शुगर को नियंत्रित कर सकता है। साथ ही यह डायबिटीज में वजन बढ़ने के जोखिम को भी कम कर सकता है।

डायबिटीज का असर मांसपेशियों व हड्डियों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में प्रोटीन युक्त दाल के सेवन से मांसपेशियां व हड्डियां भी स्वस्थ हो सकती हैं।

कम ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स

अलग-अलग दालों में अलग-अलग ग्लाइसेमिक इंडेक्स का स्तर होता है । दालों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स आमतौर पर कम होता है, यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रख सकता है।

फाइबर से भरपूर

दालें फाइबर का अच्छा स्रोत होती हैं। इसमें फाइबर पाया जाता है और फाइबर युक्त भोजन डायबिटीज के मरीज के पाचन को बेहतर कर सकता है। बता दें मधुमेह में पेट व पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती है। ऐसे में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ पेट के लिए लाभकारी हो सकते हैं। यह पाचन प्रक्रिया को बेहतर करने के साथ-साथ डायबिटीज में पेट से जुड़ी परेशानियों से राहत दिला सकता है। इसके अलावा, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से आपका पेट काफी देर तक भरा रहता है, जिससे यह आपके वजन को बढ़ने से रोकता है। यही कारण है कि दालों में पाया जाने वाला फाइबर आपको डायबिटीज में होने वाली जटिलताओं से बचा सकता है। साथ ही ये आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम कर सकता है।

लो फैट

दालों में पोषक तत्व अधिक होते हैं और फैट की मात्रा कम होती है, इसके सेवन से वेट मेन्टेन रहता है और डायबिटीज होने का जोखिम कम हो सकता है। वहीं, अगर डायबिटीज में वजन अधिक रहेगा तो यह जटिलताओं को बढ़ा सकता है।
डायबिटिक्स के लिए दाल का सेवन करने का सबसे अच्छा समय

आहार विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि डायबिटीज के रोगी को दोपहर के भोजन के दौरान अन्य सब्जियों या एनिमल प्रोटीन के साथ प्रतिदिन आधा से एक छोटी कटोरी दाल का सेवन करना चाहिए।
डायबिटीज में दाल को डाइट में कैसे शामिल करें?

दालों में प्रोटीन,फाइबर, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं जो, डायबिटीज वाले लोगों के लिए लाभदायक होते हैं। आइये जानते हैं डायबिटीज के मरीज अपनी डाइट में दाल को किस प्रकार से शामिल कर सकते हैं।

दाल के चीले बनाकर सुबह ब्रेकफास्ट में ले सकते हैं।
अपने दोपहर के मील में प्लेन दाल सब्जी और रोटी के साथ खा सकते हैं।
अंकुरित दालों को सलाद में शामिल कर सकते हैं।
दाल के पराठे बनाकर भी खा सकते हैं।
दाल को तड़का लगाकर रोटी के साथ खा सकते हैं।
उड़द दाल से बनी इडली या डोसा सुबह के नाश्ते में खा सकते हैं।

डायबिटीज में दाल के अधिक सेवन से जोखिम

बहुत अधिक दाल खाने से शरीर में गैस्ट्राइटिस और ऐंठन हो सकती है, क्योंकि बहुत ज्यादा फाइबर के कारण इसे तोड़ना और डाइजेस्ट करना मुश्किल हो सकता है। नीचे हमने कुछ महत्वपूर्ण दालों के अधिक सेवन से होने वाले जोखिम के बारे में बताया है।

उड़द की दाल का सेवन अधिक करने से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। वहीं, किडनी स्टोन की समस्या वाले लोगों को डॉक्टर के सलाह के बाद ही उड़द दाल का सेवन करना चाहिए।
चना दाल अधिक खाने से गैस, अपच या बदहजमी हो सकती है। कुछ लोगों को इससे एलर्जी भी हो सकती है।
मूंग और मसूर दाल अधिक खाने से गैस की समस्या हो सकती है। पेट दर्द की समस्या भी हो सकती है, अधिक सेवन से वजन बढ़ भी सकता है।
रात में अरहर दाल के सेवन से बचे, क्योंकि रात के समय यह अच्छी तरह से पच नहीं पाता है। इससे एलर्जी की समस्या भी हो सकती है।

इस लेख से हमें यह ज्ञात हुआ कि शुगर में कौन सी दाल खानी चाहिए, दाल शुगर पेशेंट के लिए बहुत उपयोगी होती है। रिसर्च से पता चला है कि शुगर पेशेंट ऊपर दी दालों के साथ छोले यानी काबुली चना और राजमा भी खा सकते हैं। इनमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो आपके ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में आपकी मदद कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे शुगर में खाने वाली दाल का सीमित मात्रा में ही सेवन करें।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info