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एसजीपीटी को नियंत्रित कैसे कर सकते है? - How to control SGPT in Hindi?
आहार और सही जीवन शैली आपके लिवर और आपके शरीर को उनकी स्वस्थ स्थिति में रखने में मदद कर सकते हैं। लेकिन, कई बीमारियों और अन्य स्तिथियों के कारण एसजीपीटी अधिक बढ़ जाता है। एसजीपीटी लेवल बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि अनियंत्रित खान-पान, अधिक शराब और स्मोकिंग का सेवन, मोटापा, मधुमेह, एक्यूट वायरल हेपेटाइटिस ए और बी, या लिवर कैंसर आदि जैसे रोग। ऐसे में एसजीपीटी का स्तर नियंत्रित करने के लिए निम्न चीजें करें:
१. डाइट से एसजीपीटी को नियंत्रित करें
२. जीवनशैली में सुधार कर एसजीपीटी को नियंत्रित करें
३. मेडिकल उपचार लें
डाइट से एसजीपीटी को नियंत्रित करें - Control SGPT with Diet
मरीजों को पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेना चाहिए। डाइट में आर्गेनिक फूड (बिना कीटनाशक और रसायनों से पैदा हुई सब्जी और फल) शामिल करने से लिवर को कार्य करने में आसानी होती है और एसजीपीटी का स्तर सामान्य हो सकता है। आर्गेनिक फूड में एंटी-ऑक्सीडेंट, मिनरल्स और विटामिन होते हैं। इसके साथ ही आर्गेनिक फूड में वसा काफी कम होता है। इसके अलावा, विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों को अपने डायट में शामिल करें। विटामिन डी ना सिर्फ हमें लिवर डैमेज से बचाता है बल्कि एसजीपीटी स्तर को भी कम करता है। एसजीपीटी को नियंत्रित करने के लिए इन खाद्य पदार्थ का सेवन करे:
टोफू
सोया मिल्क
डेरी प्रोडक्ट्स
फोर्टीफाइड सीरियल्स
मशरूम
हरी पत्तेदार सब्जियां
क्रूसिफेरस सब्जियां - क्रूस वाली सब्जियों में ब्रसेल्स स्प्राउट्स, ब्रोकोली, फूलगोभी, केल और सरसों के साग शामिल हैं
कॉड लिवर ऑइल
फिश
अंडे
सीप
ओएस्टर
कैवियार
आप अपने खान पान में जूस का सेवन भी कर सकते है। एसजीपीटी को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित जूस फायदेमंद होगा:
चुकंदर का जूस: चुकंदर का जूस पोटैशियम, विटामिन सी, विटामिन डी और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को छानने में मदद करेगा। इसमें चुकंदर के साथ सेब, खीरा, ताजा पुदीना और कुछ हरी सब्जियां भी मिला सकते हैं।
संतरे का जूस: संतरे का जूस एक स्वस्थ पेय है जिसे आप अपने लिवर को डिटॉक्सीफाई करने के लिए अपने आहार में शामिल कर सकते है। संतरे के जूस में भरपूर मात्रा में पोटेशियम और विटामिन सी होता हैं, जो आपके लिवर की कोशिकाओं को विषाक्त (टॉक्सिक) पदार्थों से बचाता है।
नींबू का जूस: लिवर डिटॉक्सीफिकेशन (विषाक्त पदार्थों को हटाने की प्रक्रिया) के लिए सबसे सस्ता और अच्छा है नींबू। नींबू में शरीर को शुद्ध करने वाले पदार्थ ( एंटी - ऑक्सीडेंट) मौजूद होते हैं। इसलिए नींबू का जूस का सेवन लिवर को स्वस्थ रखने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। आप नींबू के रस में हल्दी मिलाकर इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों का भी लाभ उठा सकते हैं।
गाजर का जूस: गाजर आसानी से उपलब्ध होने वाली सब्जी है जो आपके लिवर को अच्छे से साफ़ करने का काम करती है। गाजर में रेटिनोइक एसिड होता है जो लिवर की रक्षा करता है। इसीलिए इसे पीना चाहिए। गाजर के जूस में गाजर, नींबू और अदरक डालने से जूस और भी फायदेमंद हो सकता है।
यदि अगर आप को फैटी लिवर की समस्या है तोह फैटी लिवर डाइट के बारे में जानने के लिए फैटी लिवर डाइट चार्ट - क्या खाएं क्या नहीं | पर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है।
जीवनशैली में सुधार कर एसजीपीटी को नियंत्रित करें
आपकी जीवनशैली के विकल्प आपके लिवर के स्वास्थ्य को निर्धारित करने में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं और बहुत अधिक शराब, धूम्रपान और व्यायाम की कमी जैसी आदतें आपके लिवर को प्रभावित कर सकती हैं। इनसे लिवर में वसा, चर्बी जमा हो सकता है, जो लिवर के स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है। एसजीपीटी को नियंत्रित रखने के लिए नीचे दिए गए जीवनशैली को अपनाये:
शराब छोड़ दें: शराब आपके लिवर का सबसे बड़ा दुश्मन है। इसका सबसे अधिक असर लिवर पर पड़ता है। इसे छोड़ देने से बढ़ा हुआ एसजीपीटी की मात्रा काफी आसानी से नियंत्रित हो जाता है।
स्मोकिंग छोड़ दें: शराब की तरह खतरनाक, धूम्रपान भी लिवर को नुकसान पहुंचाने का एक और प्रमुख कारण है। सिगरेट के धुएं में हानिकारक टॉक्सिन्स होते हैं जो लिवर तक जा सकते हैं और समय के साथ लिवर खराब हो सकता है।
स्वस्थ खाना शुरू करें: लिवर को स्वस्थ रखने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है संतुलित और स्वस्थ आहार का सेवन करना। खाने के पैटर्न में छोटे बदलाव करना जैसे पौष्टिक नाश्ता खाकर दिन की सही शुरुआत करना, आहार में भरपूर मात्रा में फल और सब्जियां शामिल करें, कुछ ऐसे बदलाव हैं जो लिवर को स्वस्थ बनाएंगे। नमक, वसा, अधिक प्रोसेस्ड या जंक फूड का सेवन कम करना चाहिए।
तनाव से लड़ना: बहुत से लोग नहीं जानते होंगे कि लिवर की सेहत और तनाव के बीच क्या संबंध है। यह एक झटके के रूप में आ सकता है, लेकिन तनाव लिवर के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है। स्वस्थ लिवर के लिए शरीर को उचित आराम देना चाहिए।
एक्सरसाइज करें: ब्रिस्क वॉकिंग, जॉगिंग, योग और स्विमिंग जैसी एक्सरसाइज करने से एसजीपीटी को सामान्य होने में मदद मिलती है। नियमित तौर पर कम से कम ३० मिनट की एक्सरसाइज करने से एसजीपीटी को नियंत्रण होने में आसानी होती है।
मेडिकल उपचार लें
मेडिकल उपचार से एसजीपीटी को नियंत्रित करने से पहले डॉक्टर आपके खून की जांच करेंगे। खून की जांच के परिणाम के आधार पर डॉक्टर आपका उपचार करेंगे।
लिवर में हेपेटाइटिस वायरस के वजह से इंफेक्शन हो सकता है। इसके कारण भी एसजीपीटी लेवल बढ़ जाता है। इसके लिए डॉक्टर आपको दवाइयां देंगे।
मेडिकेशन के साथ आप हर्बल सप्लीमेंट ले सकते हैं। हर्बल सप्लीमेंट से एसजीपीटी स्तर को कम होने में मदद मिल सकती है। डॉक्टर की सलाह पर ही हर्बल सप्लीमेंट लेना चाहिए।
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