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बच्चों के देर से बोलने की समस्या के उपाय (Late Talking Children Prevention)
कई कारणों से बच्चे देर से बोलना शुरू करते हैं। बच्चों के देर से बोलने की समस्या से बचने के लिए आप कुछ उपायों को अपना सकते हैं। बच्चे के मस्तिष्क को प्रशिक्षित करने का सबसे अच्छा तरीका है उससे बात करना। आप जितने अधिक शब्द कहेंगे, उतने अधिक शब्द बच्चे के मस्तिष्क को समझने और समझने की कोशिश करेंगे। इससे उसका मस्तिष्क जुड़ा रहेगा और उसकी शब्दावली बढ़ेगी। वहीं ये गर्भ से ही शुरू हो जाता है। पैदा होने के बाद आप अपने बच्चे को टहलाने ले जाकर बात करने में मदद करें और उसे आस पास होती चीजों के बारे में बताएं। अगर वे आपके सिर को हिलाकर या अपनी बाहों को हिलाकर या आपकी ओर इशारा करके आपकी प्रतिक्रिया का जवाब देते हैं, तो उन्हें और बोलने के लिए प्रेरित करना चाहिए। बच्चों के माता-पिता को परवरिश के दौरान हमेशा इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताएं, उन्हें बोलने के लिए ट्रेन करें।
बच्चों से बार-बार बात करने की कोशिश करें।
बच्चे जो शब्द बोलें उन्हें दोहराएं।
बच्चों के सामने तेज आवाज करके किताब पढ़ें।
बच्चों को अधिक टीवी देखने न दें।
बच्चों को कुछ चीजें रटायें और उसे दोहराने में उसकी मदद करें।
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