COVID नाखून कैसे दिखते हैं?HealthPlanet

Posted on Thu 8th Dec 2022 : 09:04

हाथ के नाखून का बदरंग होना भी कोरोना का एक लक्षण हो सकता है। कोरोना के कुछ मरीजों में नाखून का रंग बदलने के अजीबोगरीब मामले देखे गए हैं। वैज्ञानिकों ने इसे 'कोविड नेल' नाम दिया गया है। अब तक बुखार, खांसी, थकान और स्वाद न मिलना जैसे लक्षण कोविड के बताए थे लेकिन नया लक्षण चौंकने वाला है।

नाखून के आधे हिस्से के रंग बदलने की वजह वायरस हो सकता है। संक्रमण होने के बाद वायरस का असर बढ़ने से रक्त वाहिनियां डैमेज हो सकती हैं। नतीजा नाखून का रंग बदल जाता है। संक्रमित मरीजों में रक्त के थक्के जमने के कारण भी ऐसा हो सकता है।

रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, यह लक्षण कितने दिन तक रहते हैं, इसका अब तक पता नहीं चल पाया है। फिलहाल सामने आए मरीजों में यह लक्षण एक से 4 हफ्ते तक देखे गए हैं।

नाखून में कितना बदलाव आया, इन 3 मामलों से समझें

1- नाखून कमजोर होकर गिरने लगे
कोरोना संक्रमित एक महिला के नाखून आधार से ही ढीले हो गए। तीन महीने बाद नाखून गिर गए। इसे ओनिकोमाइकोसिस कहते हैं। जैसे-जैसे बीमारी ठीक हुई नए नाखून आने शुरू हो गए थे।

2- नाखून पर दिखा नारंगी निशान
कोविड-19 से संक्रमित एक मरीज में 112 दिन बाद नाखून के ऊपर नारंगी निशान दिखा। एक महीने बाद भी यह निशान बरकरार रहा। इसकी सटीक वजह अब तक पता नहीं लगाई जा सकी है।

3- नाखून पर सफेद रेखाएं दिखीं
कोरोना के एक और मामले में मरीज के नाखून पर सफेद रेखाएं दिखाई दीं। वायरस की पुष्टि होने के 45 दिन बाद ये रेखाएं नजर आईं। ये रेखाएं इलाज के साथ अपने आप ठीक हो गईं।

तनाव का असर भी नाखून पर दिखता है
कोरोना मरीजों के हाथ और पैर की उंगलियों के नाखून में खास तरह की रेखाएं भी देखी गई हैं जो संक्रमण के 4 हफ्ते और इससे अधिक समय बाद दिखाई देती हैं।

वैज्ञानिकों का कहना है, शरीर में तनाव, संक्रमण, कीमोथैरेपी के साइडइफेक्ट के बाद नाखून अस्थायी तौर पर बढ़ना बंद हो जाते हैं। ऐसा कोविड के कारण हो सकता है।

ये रेखाएं नाखून के अंतिम हिस्से से थोड़ी ऊपर होती हैं। इनका कोई इलाज नहीं है। यह इलाज के साथ धीरे-धीरे ठीक हो जाती हैं।

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