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Breech Baby यानी गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की पोजिशन बदलना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कई बार डिलीवरी के समय सिजेरियन सिरà¥à¤« इसलिठकरना पड़ता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¤¾ गरà¥à¤ में उलà¥à¤Ÿà¤¾ होता है। यानी उसके पैर नीचे व सिर ऊपर होना। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को मेडिकली बà¥à¤°à¥€à¤š बेबी डिलीवरी कहते हैं।
20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ समयपूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में उलà¥à¤Ÿà¤¾ पैदा होते हैं। मà¥à¤¯à¥‚जिक मेडिटेशन की मदद से शिशॠकी हरकत बढ़ाते हैं।
4-5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ सामानà¥à¤¯à¤¤: उलà¥à¤Ÿà¥€ पोजिशन में पैदा होते हैं।
06 हफà¥à¤¤à¥‡ आखिर के होते हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में जब शिशॠअपनी पोजिशन तय कर लेता है।
Breech Baby यानी गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की पोजिशन बदलना
Breech Baby यानी गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की पोजिशन बदलना
समयपूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के अलावा कई वजहों से बचà¥à¤šà¥‡ के उलà¥à¤Ÿà¥€ पॉजिशन में जनà¥à¤® की आशंका बढ़ती है। बà¥à¤°à¥€à¤š बेबी के तीन पà¥à¤°à¤•ार मानते हैं। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान नीचे की तरफ शिशॠके हाथ पैर मà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हों (फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¥à¤¡ बà¥à¤°à¥€à¤š), पैर à¤à¤•दम सीधे हों (फà¥à¤°à¥ˆà¤‚क बà¥à¤°à¥€à¤š) और पंजे बाहर निकल रहे हों (फà¥à¤Ÿà¤²à¤¿à¤‚ग बà¥à¤°à¥€à¤š)। इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान हड़बड़ी में शिशॠको खींचने की बजाय पेट के ऊपर से हलà¥à¤•ा पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° देने के लिठकहते हैं। बà¥à¤°à¥€à¤š बेबी के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में शिशॠके पैर और कूलà¥à¤¹à¥‡ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान पहले बाहर आते हैं।
ये पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण हैं
* गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ या तीन शिशॠहोना।
* आंवल नाल की छोटी लंबाई।
* सिर का आकार बड़ा होना।
* तीसरे या चौथे पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय।
* यूटà¥à¤°à¤¸ में जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ कोई विकृति।
संà¤à¤²à¤•र हो पà¥à¤°à¤¸à¤µ
विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि उलà¥à¤Ÿà¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ की डिलीवरी में जटिलताà¤à¤‚ होती हैं। इसलिठपà¥à¤°à¤¸à¤µ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतनी होती है। वरà¥à¤¨à¤¾ सिर फंस या हेमरेज, कॉलर बोन फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° हो सकते हैं। पà¥à¤°à¤¸à¤µ में देरी होने पर शिशॠका दम घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ का खतरा à¤à¥€ रहता है।
बचाव के तरीके
* पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के 37 हफà¥à¤¤à¥‡ बाद दवा से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को रिलेकà¥à¤¸ कर शिशॠकी धड़कनों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रख हाथों से पेट पर धीरे-धीरे शिशॠको घà¥à¤®à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
* दूसरी तिमाही बाद पेट की पेलà¥à¤µà¤¿à¤• रॉकिंग वरà¥à¤•आउट में हाथ-पैरों को जमीन पर रख बाकी शरीर ऊपर उठाते हैं।
* मॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¬à¤¶à¤¨ तकनीक में चाइनीज हरà¥à¤¬ मॉकà¥à¤¸à¤¾ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को जलाने से निकलने वाले कैमिकल की गंध गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠतक पहà¥à¤‚चकर मूवमेंट में मददगार होती है। ये सब किसी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž की देखरेख में ही किया जाना चाहिà¤à¥¤
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