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9 महीने के शिशु का विकास पिछले महीनों की तुलना में काफी एक्टिव हो जाता है। उसके वजन और हाइट में भी काफी बदलाव होते हैं। नौ महीने की बेबी गर्ल का सामान्य वजन लगभग 7.2 से लेकर 9.3 किलो तक और लंबाई करीब 70 सेंटीमीटर तक हो सकती है। वहीं, बेबी बॉय का सामान्य वजन लगभग 7.9 किलो से लेकर 10.2 किलो तक हो सकता है और लंबाई लगभग 72 सेंटीमीटर तक हो सकती है (1)।
हर शिशु का शारीरिक विकास अलग-अलग होता है। इसलिए, सभी के वजन और लंबाई में अंतर हो सकता है। माता-पिता के लिए ध्यान रखने वाली एक बात यह है कि आमतौर पर बच्चे का वजन जन्म के वजन पर निर्भर करता है। इसलिए, माता-पिता को अपने बच्चे के वजन की तुलना उसके जन्म के वजन से करनी चाहिए। पांचवें महीने तक शिशु का वजन उसके जन्म के वजन से दोगुना होना चाहिए 1 वर्ष का होने तक तिगुना होना चाहिए।
अब आपका शिशु नौ महीने का हो चुका है और वह पहले से ज्यादा फुर्तीला हो गया होगा। 9 महीने की उम्र में बच्चे की गतिविधियों में बदलाव आने लगता है और वो नई-नई चीजें सीखने लगता है। ऐसे में उसके मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तनों पर ध्यान देना जरूरी है। यहां जानिए कि 9 महीने के शिशु में क्या-क्या परिवर्तन आते हैं :
मानसिक विकास
इशारों की नकल करना – आपने यह तो सुना ही होगा कि बड़े जो करते हैं, बच्चे उसे देखकर दोहराने की कोशिश करते हैं। यह बात काफी हद तक सच है, क्योंकि 9 महीने के बच्चे अपने आसपास हर वक्त रहने वाले लोगों की नकल करने का प्रयास करते हैं। सिर्फ आदतें ही नहीं, बल्कि आवाजों की भी नकल करने लगते हैं। इसलिए, जो उनके साथ रहते हैं, उन्हें कोई भी काम सावधानी से करना चाहिए और सोच-समझकर बोलना चाहिए (2) (3)।
आवाजें निकालना – 9 महीने में शिशु कई तरह की आवाजें निकालने लगते हैं, यहां तक कि ‘मम्मा-बाबा’ तक बोलना सीखने लगते हैं (2) (4)।
चीजों को दिखाना – इस उम्र में शिशु को चीजों और लोगों की काफी समझ हो जाती है। उन्हें जो चीज चाहिए होती है या जिस इंसान के पास जाना होता है, वो उनकी तरफ उंगली से इशारा करके दिखाने लगते हैं (2)।
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