healthplanet.net

Posted on

बेबी स्वच्छता से जुड़ी कुछ बातें :

शिशु को नहलाएं – शिशु को रोजाना नहलाएं। आप मौसम के अनुसार शिशु को नहलाने का फैसला कर सकते हैं। अगर रोजाना नहीं नहला सकते हैं, तो गीले तैलिये से हल्का-हल्का करके उनके शरीर को पोछें। फिर मॉइस्चराइजर या बेबी क्रीम लगाएं।

हाथ धोना – बाहर से आने के बाद शिशु को छूने से पहले हाथ धोएं। शिशु बहुत ही नाजुक होते हैं और उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, इसलिए उन्हें किसी भी चीज का संक्रमण जल्दी हो सकता है। इसलिए, बाहर से आने के बाद जो कोई भी शिशु को गोद में ले या छूने की कोशिश करे, तो पहले उसे हाथ धोने को कहें।

घर की साफ-सफाई – 9 महीने में शिशु क्रॉल करके जमीन पर खेलना शुरू कर देते हैं, ऐसे में ध्यान रहे कि आपका घर साफ-सुथरा रहे। इस उम्र में शिशु को कुछ भी उठाकर मुंह में डालने की आदत होती है। ऐसे में वो नीचे पड़ी चीजों को उठाकर मुंह में ले सकते हैं और इससे उनका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इसलिए, हर वक्त घर की सफाई पर ध्यान दें।

खिलौनों को साफ करना – शिशु खिलौनों से खेलते-खेलते कई बार उसे मुंह में लेने लगते हैं। अगर खिलौना गंदा हो, तो वो गंदगी शिशु के पेट में जा सकता है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

शिशु के कपड़े – शिशु के कपड़ों को एंटीसेप्टिक लिक्विड से और गुनगुने पानी से धोएं, ताकि उनमें कीटाणु की समस्या न हो।

खाने का बर्तन – 9 महीने का बच्चा थोड़ा बहुत ठोस आहार लेने लगता है। ऐसे में शिशु को जिस कटोरे और चम्मच से आप आहार दे रहे हैं, उसे अच्छी तरह से धोएं।

दांत की सफाई – शिशु के मुंह की सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। उनके दांत की सफाई छोटे व कोमल बेबी ब्रश या उंगली पर नर्म कपड़ा लपेटकर की जा सकती है।
आगे हम बताएंगे कि कैसे माता-पिता अपने शिशु के विकास में सहयोग कर सकते हैं।

माता-पिता बच्चे के विकास में कैसे मदद कर सकते हैं?

शिशु का सही विकास हो, उसमें माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान होता है। नीचे उसी के बारे में हम कुछ बातें बता रहे हैं
माता-पिता शिशु को रंग-बिरंगी किताबें दिखाएं और कहानियां व लोरी सुनाएं।
पौष्टिक आहार खिलाएं।
उनके साथ खेलें और ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताएं।
नई-नई चीजें और खिलौने दिखाएं।
उन्हें जमीन पर खेलने और क्रॉल करने दें।
इस उम्र में शिशु जमीन पर खेलने और क्रॉल करने लगते हैं। ऐसे में आपका घर बेबी प्रूफ होना भी जरूरी है, ताकि आपके शिशु को चोट न लगे या कोई अन्य समस्या न हो। टेबल व कुर्सी के नुकीले कोनों का ध्यान रखें। इससे आपके शिशु को चोट लगने का डर होता है। छोटी-छोटी चीजें जमीन पर न हो, जिसे शिशु मुंह में ले सके, कहीं पर भी तार न निकला हो।

अब हम आपको 9 महीने बच्चे के कुछ लक्षण बताएंगे, जिसके बारे में माता-पिता को ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि अगर इन लक्षणों पर ध्यान न दिया गया, तो यह चिंता का कारण हो सकता है।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info