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pregnancy 9th symptom
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के नौंवे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ तक मां और शिशॠकई बदलावों से गà¥à¤œà¤° रहे होते हैं। नौंवे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के तीसरे महीने की à¤à¥€ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ हो जाती है। मातृतà¥â€à¤µ का अहसास दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे सà¥à¤–द अहसास है।
आपके à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤• ननà¥â€à¤¹à¥€ जिंदगी पल रही है। 9वें हफà¥à¤¤à¥‡ तक आते-आते आपको अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ और उसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपनी जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ का à¤à¤¾à¤µ का à¤à¥€ अहसास होने लगा होगा। यह आपकी पहली तिमाही का आखिरी महीना है। आइठजानें इस समय कà¥â€à¤¯à¤¾-कà¥â€à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देंगे।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला के शरीर में बदलाव
नौवें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में आपको अपने शरीर में कई बदलाव दिख सकते हैं। कमर का साइज बढ़ने और बà¥â€à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की वजह से अब आपको अपने कपड़े टाइट लग सकते हैं। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ à¤à¥€ बढ रही होती है और निपà¥â€à¤ªà¤² का रंग गहरा हो रहा होता है। शिशॠको पोषण देने के लिठबà¥â€à¤²à¤¡ वॉलà¥â€à¤¯à¥‚म में à¤à¥€ इजाफा होता है। आपको अपनी नसें उà¤à¤°à¥€ हà¥à¤ˆ दिख सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इन फूडà¥à¤¸ से मिलेगा फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शिशॠके बेहतरीन विकास के लिठमां को फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की जरूरत पड़ती है।
बादाम à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• गिना जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में इसका अधिक सेवन करने से बचें।
कई पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होने के साथ-साथ गाजर में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ पाया जाता है।
संतरे का सेवन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¥€ कर सकते हैं। इसमें à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है।
अलसी के बीज में à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ पायी जाती है।
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में चाव से खाने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाने वाली शतावरी à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से यà¥à¤•à¥à¤¤ होती है।
बà¥à¤°à¥‹à¤•ली को सबà¥à¤œà¥€ के रूप में खाने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। इसमें à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है।
पपीता हर मौसम में मिल जाता है। इसे à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र फलों की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में रखा गया है।
बचà¥â€à¤šà¥‡ का आकार
अब तक आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ का आकार à¤à¤• बड़े अंगूर जितना हो गया होगा। उसका वजन लगà¤à¤— 2 गà¥à¤°à¤¾à¤® के आसपास होगा। सारे अहम अंग बन चà¥à¤•े हैं और विकसित हो रहे हैं। सबसे खà¥à¤¶à¥€ की बात यह है कि आपको उसकी हलचल महसूस हो सकेगी।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के नौवें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में आपका शिशॠ¾ इंच लंबा होगा। पà¥à¤°à¤®à¥à¤– अंग अà¤à¥€ à¤à¥€ विकसित हो रहे होते हैं। बचà¥â€à¤šà¥‡ की बांह और विकसित हो रही होती है और उसकी कोहनी अब मà¥à¤¡ सकती है। अब बचà¥â€à¤šà¤¾ पहले जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ होगा और आपको à¤à¥€ जलà¥â€à¤¦ ही उसकी मूवमेंट महसूस होने लगेगी।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इन फूडà¥à¤¸ से मिलेगा फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शिशॠके बेहतरीन विकास के लिठमां को फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की जरूरत पड़ती है।
बादाम à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• गिना जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में इसका अधिक सेवन करने से बचें।
कई पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होने के साथ-साथ गाजर में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ पाया जाता है।
संतरे का सेवन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¥€ कर सकते हैं। इसमें à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है।
अलसी के बीज में à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ पायी जाती है।
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में चाव से खाने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाने वाली शतावरी à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से यà¥à¤•à¥à¤¤ होती है।
बà¥à¤°à¥‹à¤•ली को सबà¥à¤œà¥€ के रूप में खाने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। इसमें à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है।
पपीता हर मौसम में मिल जाता है। इसे à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र फलों की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में रखा गया है।
9वें हफà¥à¤¤à¥‡ के लकà¥à¤·à¤£
सबसे अहम लकà¥à¤·à¤£ है आपके सिरदरà¥à¤¦ के साथ-साथ आपकी पीठमें दरà¥à¤¦ होना। पेट और पेडू के हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में à¤à¥€ हलà¥â€à¤•ा दरà¥à¤¦à¥¤ पीठमें दरà¥à¤¦ की वजह आपका बढ़ता वजन है। आपके हाथों, पैरों की नसें à¤à¥€ उà¤à¤°à¤¨à¥‡ लगी होंगी। 9वें हफà¥à¤¤à¥‡ के लकà¥à¤·à¤£ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥â€à¤¸ : मूड में उतार-चढ़ाव जारी रहेंगे। जी मिचलाने के साथ यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ अà¤à¥€ बनी रहेगी। à¤à¤¸à¤¾ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤‚स में बदलाव के कारण हो रहा है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ का साइज :आपके बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ का साइज अब बढ़ने लगा होगा कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥â€à¤šà¥‡ के पोषण के लिठदà¥à¤—à¥â€à¤§ गà¥à¤°à¤‚थियां बनने लगती हैं। बार-बार पेशाब आने की समसà¥â€à¤¯à¤¾ अà¤à¥€ जारी रहेगी कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि बढ़ते गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का à¤à¤¾à¤° आपके बà¥â€à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पर पड़ता रहेगा।
कबà¥â€à¤œ: कबà¥â€à¤œ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ बढ़ सकती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कबà¥â€à¤œ से बचने के लिठआप कà¥à¤› उपाय कर सकते हैं जैसे कि फाइबर वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, सलाद, फल खाइà¤à¥¤ मैदा जैसे उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚, मैगी और दूसरे नूडलà¥â€à¤¸ वगैरह से बचें। खूब पानी पिà¤à¤‚, कम से दिन में दस से बारह गिलास। अगर इतना पानी न पी सकें तो फà¥à¤°à¥‚ट जूस, दूध, मटà¥à¤ ा, नीबू पानी और नारियल पानी पी सकते हैं।
सà¥à¤¬à¤¹-शाम हलà¥â€à¤•ी कसरत या वॉक वगैरह करें इससे à¤à¥€ आपका पाचन तंतà¥à¤° सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहेगा व कबà¥â€à¤œ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ नहीं होगी।
जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कबà¥â€à¤œ होने पर डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करने के बाद ही दवा लें कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि बहà¥à¤¤ सारी कबà¥â€à¤œ खतà¥â€à¤® करने वाली दवाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के समय नहीं ली जा सकतीं। हां ईसबगोल की à¤à¥‚सी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जा सकता है। इसके अलावा सारे शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ जारी रहेंगे।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इन फूडà¥à¤¸ से मिलेगा फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शिशॠके बेहतरीन विकास के लिठमां को फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की जरूरत पड़ती है।
बादाम à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• गिना जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में इसका अधिक सेवन करने से बचें।
कई पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होने के साथ-साथ गाजर में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ पाया जाता है।
संतरे का सेवन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¥€ कर सकते हैं। इसमें à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है।
अलसी के बीज में à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ पायी जाती है।
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में चाव से खाने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाने वाली शतावरी à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से यà¥à¤•à¥à¤¤ होती है।
बà¥à¤°à¥‹à¤•ली को सबà¥à¤œà¥€ के रूप में खाने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। इसमें à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है।
पपीता हर मौसम में मिल जाता है। इसे à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र फलों की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में रखा गया है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाà¤à¤‚ इस समय कà¥â€à¤¯à¤¾ करें
अगर आप पहले चेकअप के लिठनहीं गई हैं तो इस सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ जा सकती हैं। आप डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से इस बार जेनेटिक टेसà¥â€à¤Ÿ के बारे में बात कर सकती हैं। 9 से 13 सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच आमतौर पर टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की जाती है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ बढ़ने की वजह से आपको असहज महसूस हो सकता है। इस समय आपको बाईं करवट सोना चाहिà¤à¥¤ शिशॠतक रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाने का यह अचà¥â€à¤›à¤¾ तरीका है।
अगर आपको अचानक या तेज सिरदरà¥à¤¦ हो रहा है या उलà¥â€à¤Ÿà¥€, देखने में दिकà¥â€à¤•त, पसलियों में दरà¥à¤¦, पेट दरà¥à¤¦ और सूजन, हाथों, चेहरे या पैरों में अचानक सूजन आ रही है तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को जरूर दिखाà¤à¤‚। यह पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पà¥â€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकता है। इसमें पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° हो जाता है।
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