Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ कब आती है और कितनी होनी चाहिठ- Fetal heartbeat during pregnancy in Hindi
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी महीने से ⇨
पहला महीना दूसरा महीना तीसरा महीना चौथा महीना पांचवा महीना छठा महीना सातवा महीना आठवा महीना नौवा महीना
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से ⇨
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने का तरीका 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के नाम
अगर आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं तो पहली बार अपने बचà¥à¤šà¥‡ की दिल की धड़कन को सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ किसी à¤à¥€ माता-पिता के लिठसबसे बेहतरीन, यादगर और जीवन बदलने वाले अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• होता है और यह किसी माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ से कम नहीं होता। लेकिन यह पैरंटà¥à¤¸ और गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ के बीच पहले "हेलो" से कहीं अधिक बढ़कर होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह छोटी सी धड़कन आपको बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत के बारे में बहà¥à¤¤ कà¥à¤› बता सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर पल रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण की हारà¥à¤Ÿ बीट पूरे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सामानà¥à¤¯ है या नहीं यह माता-पिता को कैसे पता चलेगा, इस बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ कितनी होनी चाहिà¤, यह हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ पहली बार कब सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ देती है, हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी कैसे की जा सकती है और पूरे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की दिल की धड़कन पर नजर रखना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है, इस बारे में हम आपको इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में बता रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ कब आती है? - Pregnancy me baby ki heartbeat kab aati hai?
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ कितनी होनी चाहिà¤? - Pregnancy me baby ke heartbeat kitni honi chahiye
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी कैसे की जाती है? - Pregnancy me baby ke heartbeat ko monitor kaise karte hain?
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ को कैसे सà¥à¤¨ सकते हैं? - Baby ke heartbeat kaise sun sakte hain?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ में बदलाव - Pregnancy me baby ke heartbeat me changes
पà¥à¤°à¤¸à¤µ या लेबर के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है? - Labour ke waqt baby ki heartbeat monitor karna kyu jaruri hai?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ कब आती है और कितनी होनी चाहिठके डॉकà¥à¤Ÿà¤°
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ कब आती है? - Pregnancy me baby ki heartbeat kab aati hai?
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के साढ़े 5 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ या 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद वजाइना या योनि का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड किया जाता है और इसके जरिठपहली बार à¤à¥à¤°à¥‚ण के दिल की धड़कन सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ पड़ती है। इसी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के दौरान फीटल पोल à¤à¥€ नजर आ सकता है। फीटल पोल गरà¥à¤ में पल रहे विकासशील à¤à¥à¤°à¥‚ण का दिखाई देने वाला पहला संकेत है, जो कà¤à¥€-कà¤à¥€ देखा जा सकता है। हालांकि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 9 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद तक à¤à¥€ फीटल पोल का दिखाई न देना पूरी तरह से सामानà¥à¤¯ है।
à¤à¤²à¥‡ ही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 5 से 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच à¤à¥à¤°à¥‚ण की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ आ जाठलेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 6 से 7 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच, à¤à¥à¤°à¥‚ण के दिल की धड़कन का बेहतर तरीके से मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन किया जा सकता है। यही वह समय होता है जब डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके पहली बार योनि या पेट का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने की सलाह देते हैं ताकि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और विकासशील गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के संकेतों की जांच की जा सके।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का पहला सà¥à¤•ैन 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में ही शà¥à¤°à¥‚ करने की सलाह दे सकते हैं अगर:
आपको पहले से कोई बीमारी या चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ हो
अगर आपका पहले कà¤à¥€ मिसकैरेज हो चà¥à¤•ा हो
अगर पहले कà¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को बनाठरखने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हà¥à¤ˆ हो
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के पहले अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के दौरान, डॉकà¥à¤Ÿà¤° या अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड टेकà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित बातों की जांच करते हैं:
वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥à¤¯ या विकसित गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की जा सके और गैर-वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥à¤¯, मोलर या à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• (असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤•) पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की जांच की जा सके
बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की जा सके
बचà¥à¤šà¥‡ के सिर से लेकर कूलà¥à¤¹à¥‡ तक की लंबाई मापी जाती है जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण की गरà¥à¤à¤•ालीन आयॠनिरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिलती है
असामानà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ का आकलन (और पढ़ें- गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ का सही समय कà¥à¤¯à¤¾ है, जानें)
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ कितनी होनी चाहिà¤? - Pregnancy me baby ke heartbeat kitni honi chahiye
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 6 हफà¥à¤¤à¥‡ से लेकर 7वें हफà¥à¤¤à¥‡ के बीच के समय में आपके शिशॠके दिल की धड़कन 90 से 110 बीट पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट (बीपीà¤à¤®) होनी चाहिà¤à¥¤ 9वां सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ आते-आते आपके बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन 140 से 170 बीपीà¤à¤® तक पहà¥à¤‚च जानी चाहिà¤à¥¤ लेकिन कई बार à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ हो सकता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के दौरान आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ ही न दे। आमतौर पर, à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ समय है और हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ न देने का मतलब ये जरूरी नहीं कि किसी तरह की कोई समसà¥à¤¯à¤¾ हो। इस दौरान हो सकता है कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको 1-2 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद फिर से à¤à¤• अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने की सलाह दें।
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ को न सà¥à¤¨ पाने के कà¥à¤› और कारण à¤à¥€ हो सकते हैं, जैसे:
अगर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ टिपà¥à¤ªà¤¡ हो (आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ या गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ की ओर आगे बढ़ता है। à¤à¤• à¤à¥à¤•ा हà¥à¤† गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, जिसे टिपà¥à¤ªà¤¡ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ à¤à¥€ कहा जाता है, आगे की बजाय गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में पीछे की ओर बढ़ता है। यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ शारीरिक à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ है।) à¤à¤¸à¥‡ में अगर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ आगे की ओर या पेट की ओर टिपà¥à¤ªà¤¡ हो तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में बचà¥à¤šà¥‡ की दिल की धड़कन को सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है।
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का पेट बड़ा हो
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पांचवें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में आपके बचà¥à¤šà¥‡ का दिल धड़कना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। यह वह अवधि होती है जब बचà¥à¤šà¥‡ का दिल और उसके अनà¥à¤¯ अंग बनने शà¥à¤°à¥‚ होते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में, बचà¥à¤šà¥‡ का दिल रकà¥à¤¤ पंप करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही में बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति
à¤à¤• बार जब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की दूसरी तिमाही में पहà¥à¤‚च जाती है, तो उसके गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन 110 से 160 बीट पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट के बीच रहती है और डॉपलर डिवाइस की मदद से हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ का पता लगाया जा सकता है। यदि बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ अनियमित हो यानी बहà¥à¤¤ धीमी या बहà¥à¤¤ तेज हो तो बचà¥à¤šà¥‡ को दिल की बीमारी होने का खतरा हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति दूसरी तिमाही की तरह ही होगी लेकिन अंतर सिरà¥à¤« इतना होगा कि इस दौरान बचà¥à¤šà¤¾ अधिक तेजी से बढ़ने लगेगा।
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी कैसे की जाती है? - Pregnancy me baby ke heartbeat ko monitor kaise karte hain?
à¤à¥à¤°à¥‚ण की हृदय गति की निगरानी आपके बचà¥à¤šà¥‡ (à¤à¥à¤°à¥‚ण) की हृदय गति और लय को मापने का काम करती है। à¤à¥à¤°à¥‚ण की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ या हृदय गति के जरिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° को यह जानने में मदद मिलती है कि गरà¥à¤ के अंदर आपका बचà¥à¤šà¤¾ सही तरीके से विकसित हो रहा है या नहीं। इसके अलावा डॉकà¥à¤Ÿà¤° लेट पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में और लेबर के दौरान à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति की निगरानी करते हैं। गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति औसतन 110 से 160 बीट पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट होनी चाहिठलेकिन इसमें 5 से 25 बीट पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट के अंतर à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ माना जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ अलग-अलग सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के हिसाब से पेट में पल रहा बचà¥à¤šà¤¾ जिस तरह की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है उस हिसाब से ही à¤à¥à¤°à¥‚ण या बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति में बदलाव देखने को मिल सकता है। अगर à¤à¥à¤°à¥‚ण की हृदय गति असामानà¥à¤¯ हो जाठतो इसका मतलब है कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ नहीं मिल पा रहा है या फिर कोई और समसà¥à¤¯à¤¾ है। à¤à¥à¤°à¥‚ण की हृदय गति की निगरानी करने का मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से 2 तरीका है: बाहरी और आंतरिक।
à¤à¥à¤°à¥‚ण की हृदय गति की बाहर से निगरानी करना
इस पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के तहत आपके पेट के माधà¥à¤¯à¤® से बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन को सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और रिकॉरà¥à¤¡ करने के लिठà¤à¤• खास तरह के उपकरण का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• उपकरण है डॉपलर अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड डिवाइस। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान जब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ चेकअप के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाती है तो इसी डॉपलर डिवाइस की मदद से बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति की गणना की जाती है।
इतना ही नहीं कई बार इस डॉपलर डिवाइस का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण की हृदय गति की जांच के लिठà¤à¥€ किया जा सकता है। कई बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° लेबर और बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के दौरान लगातार इस डिवाइस की मदद से बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति की जांच करते हैं। इसके लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड डिवाइस के टà¥à¤°à¤¾à¤‚सडà¥à¤¯à¥‚सर को गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के पेट पर बांधा जाता है। यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन की आवाज को कंपà¥à¤¯à¥‚टर में à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ है। बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति की दर और पैटरà¥à¤¨ सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ पर दिखायी देता है और साथ ही वह कागज पर पà¥à¤°à¤¿à¤‚ट à¤à¥€ होता रहता है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण की हृदय गति की आंतरिक निगरानी
इस पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में आपके बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤•ैलà¥à¤ª पर à¤à¤• पतली तार (इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¡) का उपयोग किया जाता है। यह तार आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ (सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸) के माधà¥à¤¯à¤® से बचà¥à¤šà¥‡ तक जाती है और फिर यह तार à¤à¤• मॉनिटर से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है। बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति की निगरानी करने की यह विधि बेहतर रीडिंग देती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों का इस पर कोई असर नहीं होता है। लेकिन इस विधि का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सिरà¥à¤« तà¤à¥€ किया जा सकता है जब गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को घेरकर रखने वाली तरल पदारà¥à¤¥ से à¤à¤°à¥€ थैली (à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• सैक) फट जाठऔर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का मà¥à¤‚ह खà¥à¤² गया हो।
जब बाहर से ली जा रही à¤à¥à¤°à¥‚ण की हारà¥à¤Ÿ रेट रीडिंग सही जानकारी न दे पा रही हो तब डॉकà¥à¤Ÿà¤° आंतरिक निगरानी की इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं। इसके अलावा अगर आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° लेबर और डिलिवरी के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को अधिक बारीकी से देखना चाहें तब à¤à¥€ इस पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ का उपयोग किया जाता है।
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ को कैसे सà¥à¤¨ सकते हैं? - Baby ke heartbeat kaise sun sakte hain?
बिना किसी चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ उपकरण की मदद के सिरà¥à¤« अपने कानों से गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ को सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ असंà¤à¤µ तो नहीं लेकिन मà¥à¤¶à¥à¤•िल जरूर है। लेकिन कà¥à¤› गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं का दावा है कि वे अपने पेट से बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन को सà¥à¤¨ सकती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही या तीसरी तिमाही के दौरान किसी शांत कमरे में बैठकर बचà¥à¤šà¥‡ की दिल की धड़कन को कानों से सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ संà¤à¤µ हो सकता है।
यदि आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन के अनियमित होने को लेकर चिंतित हैं और उसे सà¥à¤¨ नहीं पा रही हैं तो परेशान न हों। आपके लिठसबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ विकलà¥à¤ª यही है कि आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚। वह आपकी सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ करवा सकते हैं जिससे यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ हो सकता है कि बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कनें सामानà¥à¤¯ हैं या नहीं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ में बदलाव - Pregnancy me baby ke heartbeat me changes
पूरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान, आपके बचà¥à¤šà¥‡ के हृदय का विकास जारी रहता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण के दिल की धड़कन 90 से 110 बीट पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट के बीच शà¥à¤°à¥‚ होती है और गरà¥à¤à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 9वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से लेकर 10वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच यह बढ़कर 140 से 170 बीट पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट तक पहà¥à¤‚च जाती है। हालांकि इसके बाद, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की दूसरी और तीसरी तिमाही में 110 से 160 बीट पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट के बीच की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ को à¤à¥à¤°à¥‚ण के दिल की धड़कन के लिठसामानà¥à¤¯ माना जाता है।
इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ की दिल की धड़कन में पूरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान और हर बार पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ अपॉइंटमेंट से पहले बदलाव आ सकता है। अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज हो, बहà¥à¤¤ धीमी हो या असामानà¥à¤¯ हो तो यह आपके लिठचिंता का विषय हो सकता है। à¤à¤¸à¤¾ होने पर इस बात की आशंका à¤à¥€ हो सकती है कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को हृदय से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कोई जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ समसà¥à¤¯à¤¾ हो। इस वजह से डॉकà¥à¤Ÿà¤° नियमित रूप से आपके बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी कर सकते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ के हृदय के विकास को लेकर अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के मन में किसी तरह की आशंका हो तो à¤à¥à¤°à¥‚ण का ईसीजी à¤à¥€ किया जाता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ या लेबर के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है? - Labour ke waqt baby ki heartbeat monitor karna kyu jaruri hai?
लेबर पेन और डिलिवरी के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण के दिल की धड़कनों की निगरानी करने से कई बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की जान बचाई जा सकती है:
à¤à¤• बार जब आप असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² पहà¥à¤‚च जाती हैं और आपका लेबर सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ हो जाता है (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ 3 सेंटीमीटर से अधिक खà¥à¤² जाता है या उसमें विसà¥à¤¤à¤¾à¤° हो जाता है और आपको लगातार नियमित रूप से मजबूत संकà¥à¤šà¤¨ महसूस हो रहे हों जो आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को और अधिक खोल रहे हों), उसके बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° लेबर के पहले चरण में हर 15 से 30 मिनट के बीच और लेबर के दूसरे चरण में हर मिनट के अंतराल पर बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन की निगरानी करते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ के साथ ही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के संकà¥à¤šà¤¨ की à¤à¥€ निगरानी की जाती है।
लेबर और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी करना इसलिठजरूरी है ताकि बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान कोई कठिनाई हो रही है या नहीं इसका पता लगाया जा सके। बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की असामानà¥à¤¯ धड़कन या लय डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठसचेत कर सकती है ताकि वे हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª कर सकें और नवजात शिशॠको हाइपोकà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾/ à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचाने की कोशिश कर सकें (पेरिनेटल या नवजात शिशॠमें हाइपोकà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾- जनà¥à¤® के ठीक पहले, जनà¥à¤® के दौरान या जनà¥à¤® के ठीक बाद शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ न मिल पाना- नवजात शिशॠकी मृतà¥à¤¯à¥ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारणों में से à¤à¤• है)। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन की निगरानी करने के दो तरीके हैं:
1. लगà¤à¤— 15 मिनट के अंतराल पर, बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन की लगातार निगरानी की जा सकती है। इसके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° डॉपलर फीटल हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ मॉनिटर या पिनारà¥à¤¡ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¥à¥‡à¤¸à¥à¤•ोप का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं। हालांकि डॉपलर फीटल हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ मॉनिटर मशीन आसानी से ओटीसी के तौर पर उपलबà¥à¤§ है, लेकिन विशेषजà¥à¤ž उतà¥à¤¸à¥à¤• माता-पिता और अनà¥à¤¯ गैर-मेडिकà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इसके अति उपयोग के खिलाफ चेतावनी देते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसका बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या अनà¥à¤à¤µà¤¹à¥€à¤¨ उपयोग मां या बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत को किसी तरह का बढ़ावा नहीं देता।
2. वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• तौर पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को à¤à¤• इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• उपकरण (कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤•ोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€) से à¤à¥€ जोड़ा जा सकता है ताकि बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन की लगातार निगरानी की जा सके। इसके लिठà¤à¤• इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• फीटल मॉनिटरिंग मशीना का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। आपके पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ दो टà¥à¤°à¤¾à¤‚सडà¥à¤¯à¥‚सर (पैड) का उपयोग करते हà¥à¤, बाहर से बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की लगातार निगरानी की जा सकती है। कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में योनि के माधà¥à¤¯à¤® से बचà¥à¤šà¥‡ के सिर में à¤à¤• छोटा इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¡ जोड़कर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी की जाती है।
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित मामलों में लेबर के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण की हृदय गति की लगातार निगरानी करने की सिफारिश की जाती है:
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को बà¥à¤–ार हो (मैटरनल पाइरेकà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾)
अगर आप 37 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से कम के समय में लेबर में चली गई हों
अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ 42 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय से आपके गरà¥à¤ में है
अगर आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी मà¥à¤¶à¥à¤•िलों से à¤à¤°à¥€ रही हो या à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास असामानà¥à¤¯ हो
आपके लेबर को ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ के साथ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ या संवरà¥à¤§à¤¿à¤¤ किया गया हो या à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‚इड में बचà¥à¤šà¥‡ का पहला मल (मेकोनियम) हो (यह 40 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में à¤à¥à¤°à¥‚ण के संकट का संकेत हो सकता है) या आपके अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गतिविधि का संकेत हो सकता है
अगर गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ हो जाठ(बà¥à¤°à¥€à¤š पोजिशन) में (बचà¥à¤šà¥‡ का पैर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ की ओर)
आपने लेबर के दौरान à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल (पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान पेनकिलर) का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ किया हो
आपको उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª है
आपको मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, हृदय रोग या किडनी की बीमारी है
अनिरंतर जांच के दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° को à¤à¥à¤°à¥‚ण की हृदय गति में किसी समसà¥à¤¯à¤¾ का पता चला हो
आपके गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ या इससे अधिक बचà¥à¤šà¥‡ पल रहे हों
पिछली गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आपकी सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ (सिजेरियन डिलीवरी) हà¥à¤ˆ हो
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ और पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति नरà¥à¤¸à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठगठबाहरी परीकà¥à¤·à¤£ के आधार पर, आपका बचà¥à¤šà¤¾ छोटा लग रहा हो
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान, बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन आमतौर पर 110 से 160 बीट पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट होती है। अपने गाइनैकॉलजिसà¥à¤Ÿ के साथ अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ सीमा की जांच करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में उचà¥à¤š या निमà¥à¤¨ तरफ हो सकता है। कà¥à¤› मामलों में, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की हृदय गति में à¤à¥€ उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ होना सामानà¥à¤¯ है और डॉकà¥à¤Ÿà¤° इस बारे में जलà¥à¤¦à¥€ से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दे सकते हैं यदि वे पहले से ही बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की लगातार निगरानी कर रहे हों।
| --------------------------- | --------------------------- |