9 महीने में डिलीवरी कब तक हो सकती है?HealthPlanet

Posted on Fri 14th Oct 2022 : 10:53

9 महीने में डिलीवरी होने के लक्षण

प्रेगनेंसी का 9वां महीना चल रहा है और आप ड्यू डेट के नजदीक हैं, तो आपको 9 महीने में डिलीवरी होने के लक्षण से जुड़ी पूरी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए। इस समय कभी-कभी शरीर को लगता है कि डिलीवरी का समय आ गया है, लेकिन वो फॉल्स अलार्म होता है। ऐसे में आप डिलीवरी होने के लक्षण (और असल में संकुचन के संकेत इस लेख से जान सकते हैं। आइए जानते हैं कि 9 महीने में डिलीवरी लक्षण किस तरह के होते हैं।
9 महीने में डिलीवरी होने के लक्षण |
9 महीने में डिलीवरी होने के लक्षण और प्रसव पीड़ा के लक्षण के बारे में महिला को पहले से ही जान लेना चाहिए। इससे वो डिलीवरी होने संकेत मिलते ही घरवालों की मदद से समय पर क्लिनिक पहुंच सकती है। कई बार महिला को ड्यू डेट से पहले ही कुछ संकेत दिखने लगते हैं, जो जल्दी डिलीवरी होने के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में लेख में आगे जानें कि डिलीवरी का समय आ गया है, यह कैसे पता चलेगा। अगर आपको डिलीवरी वाले लक्षण समय से पहले ही दिखने लगें, तो अपनी गायनो से जरूर चेकअप करवाएं।
हैं।

गर्भस्थ शिशु का सिर ड्यू डेट में श्रोणि की तरफ आने का एहसास होना
कुछ महिलाओं में 9 महीने में डिलीवरी होने के लक्षण में अच्छे से खा-पी पाना भी शामिल है
प्रसव पीड़ा के लक्षण दिखते समय मांसपेशियों में कसावट व खिंचाव होना
योनि से पीला या साफ रंग का डिस्चार्ज निकलना भी प्रसव पीड़ा के लक्षण में से एक हैं।
9 महीने में डिलीवरी होने के लक्षण में चलने-फिरने में दिक्कत होना शामिल है
प्रसव पीड़ा के लक्षण में पेशाब का बार-बार आना भी शामिल
9 महीने में डिलीवरी होने के लक्षण में एक नींद का बार-बार टूटना भी है
पल-पल मूड में बदलाव भी 9 महीने में डिलीवरी होने के लक्षण हो सकते हैं
डिलीवरी से पहले के लक्षण में से एक घर को सजाने की इच्छा

9 महीने में डिलीवरी लक्षण दिखने से पता चलता है कि प्रसव शुरू हो गया है। आगे इस बारे में विस्तार से जानिए।


प्रसव शुरू होने का अनुभव हर महिला का अलग होता है। प्रसवशुरू हो गया है कि नहीं यह आप डिलीवरी होने के लक्षणसे पता लगा सकते हैं।

डिलीवरी से पहले के लक्षण और डिलीवरी के लक्षण में निचले पीठ में तेज दर्द होना या पेट में तेज दर्द व ऐंठन लगातार होना शामिल है। एक्टिव लेबर में रक्तस्राव भी शुरू हो जाता है।
तेज दर्दभरा संकुचन और कसावट, जो अचानक शुरू व बंद होता रहे।
पानी की थैली (वाटर) का फटना और एमनियोटिक द्रव का तेज रिसाव होना
डिस्चार्ज में खून दिखाई देना और ग्रीवा को बंद रखने वाला म्यूकस प्लग (चिपचिपी जैली) का बाहर निकलना।

अब 9 महीने में डिलीवरी लक्षण कैसे दिखेंगे जानने के बाद प्रसव संकुचन से जुड़ी जानकारी पर एक नजर डालते हैं।
कैसे पता चलेगा कि प्रसव के संकुचन असली हैं या नकली?
पहली गर्भावस्था में यह बताना मुश्किल होता है कि प्रसव का संकुचन असली है या नकली। हां, प्रसव के संकुचन की आवृत्ति, अवधि और प्रबलता के आधार पर इसकी पहचान की जा सकती है। एक संकुचन असली वाला होता है और दूसरा ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन कहलाता जाता है। ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन को प्रैक्टिस संकुचन और झूठा लेबर भी कहा जाता है।
ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन –
यह संकुचन कभी-कभी एक घंटे में एक व दो बार हो सकता है।
ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन एक्टिविटी बदलने में बंद हो जाता है। ऐसे में संकुचन असली है या नकली जानने के लिए अपनी गतिविधि में बदलाव करके देखें, जैसे चल रहे हैं, तो बैठ जाएं, लेटे हैं, तो खड़े हो जाएं।
ये संकुचन अनियमित होते हैं और कभी नियमित हो जाएं, तो कुछ ही देर के लिए होते हैं।
इस संकुचन में ज्यादा दर्द नहीं होता। बस थोड़ी असहजता होती है।

वास्तविक संकुचन –
वास्तविक प्रसव संकुचन नियमित होते हैं
वास्तविक संकुचन धीरे-धीरे बढ़ते हैं
बार-बार यह संकुचन महसूस होते हैं
वास्तविक संकुचन में तेज दर्द होने लगता है
स्थिति व गतिविधि बदलने पर भी दर्द और संकुचन बना रहता है
वास्तविक संकुचन स्पष्ट रूप से महसूस होता है और प्रबलता भी बढ़ती जाती है

डॉक्टर से कब संपर्क करना –
गर्भावस्था के अंतिम दिनों में डॉक्टर के पास कब जाना है, यह आप डिलीवरी होने के लक्षण से जान सकते हैं। अधिकतर मामलों में डॉक्टर आपकी गर्भावस्था के आधार पर बता देती हैं कि अंतिम दिनों में कैसा महसूस होने पर अस्पताल जाना है। आप फोन पर अपनी गायनाकोलॉजिस्ट से बात करके इस बारे में पूछ भी सकते हैं। इसके अलावा, निम्न स्थितियों में चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें –

हर 5 मिनट में संकुचन होना और एक मिनट तक रहना
37वें हफ्ते से पहले संकुचन और ब्लीडिंग होना
गर्भस्थ शिशु असमान्य तरीके से हिल-डुल रहा हो
तेज बुखार आना और पेट में तेज दर्द होना
बिना किसी कारण के लगातार सिरदर्द
ऐसा कोई भी लक्षण, जो आपको असमान्य लगे

संकुचन के अंतराल और अन्य लक्षण जानने के बाद अगर डॉक्टर को लगेगा कि अभी प्रसव (prasav) का समय नहीं हुआ है, तो वह आपको कुछ समय के बाद अस्पताल आने के लिए कह सकते हैं।
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डिलीवरी के लक्षण पहले चरण में ही दिखने लगते हैं। इस दौरान गर्भाशय ग्रीवा करीब 4 cm फैल जाता है। इसके बाद महावारी जैसा तीव्र दर्द होता है। इस समय आपको जितना हो सके, उतना शांत रहना होगा। इससे संकुचन का सामना करने का बल मिलता है।

आप मन को शांत करने वाले मंत्र पढ़ सकते हैं या फिर कोई मनपसंदीदा शो देख सकती हैं।
अगर हाई रिस्क प्रेगनेंसी नहीं है, तो आप आराम से टहल सकती हैं।
दोस्तों और परिवार के लोगों से बातचीत करें, इससे रिलैक्स फील होगा।
पेट में दर्द ज्यादा हो, तो गर्म पानी से हल्का सेंक ले सकती हैं। साथ ही डॉक्टर से पूछकर गर्म पानी से नहा सकती हैं।
हाथ पैर की हल्की मालिश करवा सकती हैं।
भूख लगे, तो उच्च कार्बोहाइड्रेट युक्त खाना खा लें। इसमें टेस्ट, बिस्कुट, सैंडविच, केले, आदि शामिल हैं।
कुछ खाने का मन न हो, तो पेय पदार्थ ले लें।
खुद को प्रसव के लिए तैयार करने के लिए कुछ हल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं।

प्रसव शुरू होने के इंतजार में क्या कर सकती हूं? |
सबसे पहले आप हॉस्पिटल बैग तैयार कर लें।
ड्यू डेट नजदीक आते ही स्क्वाट कर सकती हैं। इससे शिशु को नीचे आने में मदद मिल सकती है।
डाइट में घी को शामिल कर लें। शरीर को प्रसव के लिए ऊर्जा और चिकनाहट की जरूरत होती है।
गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ का सेवन कर सकती हैं। इससे लेबर शुरू होने में मदद मिलेगी।
घर के लोगों के साथ मिलकर तय कर लें कि अस्पताल किसके साथ व किस गाड़ी से जाना है। बैकअप प्लान व फ्रेंड भी तैयार रखें।
गर्भ में शिशु के होने के आखिरी दिनों को इंजॉय करें।
बेबी बॉय और गर्ल दोनों ही नाम सोचकर रखें।

सारांश – Conclusion

९ महीने में डिलीवरी होने के लक्षण आप समझ ही गए होंगे। जैसे ही आपको ९ महीने में डिलीवरी होने के लक्षण दिखने लगें आप अपनी डॉक्टर से बात करें। वह आपको इससे जुड़ी सटीक जानकारी देंगी। साथ ही अपना हॉस्पिटल बैग भी पूरी तरह तैयार रखें। अगर आपको ड्यू डेट से पहले ही प्रसव पीड़ा के संकेत जैसे पेट और पीठ में दर्द, योनि से रक्त निकलना दिख रहे हैं, तो यह जल्दी डिलीवरी होने के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए तुरंत क्लिनिक जाएं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल –

9 महीने में डिलीवरी लक्षण नहीं दिख रहे हैं, तो हो सकता है कि आपको थोड़ा इंतजार करना होगा। अगर आपकी ड्यू डेट निकल गई है, तो डॉक्टर से पूछें कि 9 महीने में डिलीवरी लक्षण क्यों नहीं दिख रहे हैं।

नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण में पेट में गर्माहट महसूस होना, पेट में संकुचन व खिंचाव का बढ़ता जाना, पीठ में तेज दर्द, योनि से रक्तस्राव, आदि शामिल हैं। ध्यान दें कि यह सिर्फ नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण नहीं हैं, यह लक्षण प्रसव से पहले हर महिला में नजर आते हैं। डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन यह आखिरी में महिला की मेडिकल स्थिति में निर्भर करता है।


नहीं, नार्मल डिलीवरी के लक्षण और सिजेरियन डिलीवरी के लक्षण कुछ अलग नहीं होते। हां, अगर प्रेगनेंसी उच्च जोखिम वाली है, तो हो सकता है कि महिला को कुछ अलग लक्षण दिखें। लेकिन, नार्मल डिलीवरी के लक्षण और ऑपरेशन से होने वाली डिलीवरी के लक्षण जैसा कुछ नहीं होता। सभी महिलाओं को डिलीवरी से पहले अधिकतर एक जैसे लक्षण ही दिखते हैं।
क्या गर्भावस्था के 9 महीने में झूठा दर्द होता है?

हां, गर्भावस्था के 9 महीने में झूठा दर्द हो सकता है। यह ऐसा संकुचन होता है कि जिससे महिला को लगता है कि प्रसव का समय आ गया है। लेकिन ऐसा नहीं होता। महिला को अगर गर्भावस्था के 9 महीने में झूठा दर्द व संकुचन हो, तो उसे ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन कहा जाता है।
जल्दी डिलीवरी होने के लक्षण क्या हैं?

प्रसव के लक्षण अगर समय से पहले दिखने लगें, तो इसे जल्दी डिलीवरी होने के लक्षण कहा जाता है। जल्दी डिलीवरी होने के लक्षण में बार-बार पेशाब औना, पेट में एहसास होना की गर्भस्थ शिशु का सिर नीचे आ रहा है, म्यूकस प्लग (चिपचिपे पदार्थ) का निकलना, पानी की थैली फटना, कमर व पेट में तेज दर्द व ऐंठन ये सब शामिल हैं।

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