Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गर्भाशय का आकार बढ़ना
आकार बढ़ने के कारण पेल्विक एरिया और पेट में मौजूद दूसरे अंगो के बीच डिस्प्लेसमेंट शुरू हो जाती है जिसके कारण आपके Pregnancy Me Pet Ke Niche Dard in Hindi पेट में दर्द की समस्या सामने आती है। गर्भाशय बढ़ने के कारण आपको दूसरी भी परेशानियां होती हैं जिसमें जी मिचलाने और उलटी होना शामिल है।
क्या गर्भावस्था में पेट दर्द महसूस होना सामान्य है?
गर्भावस्था के दौरान पेट में दर्द, पीड़ा और मरोड़ होना सामान्य बात है। अधिकांश गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कभी न कभी पेट दर्द होता ही है। अगर आपकी गर्भावस्था एकदम स्वस्थ चल रही है, तो पेट दर्द आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होते।
गर्भ में शिशु के होने की वजह से आपकी मांसपेशियों, जोड़ों और नसों पर काफी दबाव पड़ता है। इससे आपको पेट के आसपास के क्षेत्र में काफी असहजता महसूस हो सकती है।
हड्डियों को जोड़ने वाले मजबूत उत्तक व अस्थि-बंध (लिगामेंट्स) आपके गर्भस्थ शिशु को सहारा देते हैं। इसलिए पूरी गर्भावस्था के दौरान इनमें खिंचाव रहता है। इसकी वजह से हिलने-डुलने पर आपको शरीर में एक या दोनों तरफ हल्का दर्द महसूस हो सकता है।
जैसे-जैसे आपका शिशु बढ़ता है, आपके गर्भाशय का झुकाव दाईं तरफ होने लगता है और ऐसे में आपके अस्थि-बंध (लिगामेंट) में ऐंठन या संकुचन हो सकता है। इसलिए आपको मरोड़ का दर्द दाईं तरफ ज्यादा महसूस हो सकता है।
प्रेगनेंसी में पेट दर्द किस वजह से होता है?
पेट दर्द होने के बहुत से संभावित कारण हैं। कई बार यह केवल गैस या कब्ज की वजह से भी हो सकता है। मगर कभी-कभी यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
आपका दर्द सामान्य है या गंभीर, यह पता लगाने के लिए डॉक्टर जानना चाहेंगी कि वास्तव में दर्द कैसा महसूस हो रहा है। इसलिए निम्न बातों को लिखकर रखें:
दर्द कितने बजे शुरु हुआ?
दर्द कितनी देर तक रहा और कितना प्रबल था?
क्या यह तीक्ष्ण दर्द था या फिर हल्का दर्द था?
क्या आपके हिलने-डुलने पर दर्द आ-जा रहा था या फिर लगातार बना हुआ था?
आप कैसा महसूस कर रही हैं, यह भी लिखकर रखें, ताकि आप डॉक्टर को पूरा विवरण दे सकें। काफी देर आराम करने के बाद भी यदि दर्द ठीक न हो या फिर आपको निम्न लक्षणों के साथ संकुचन भी हों, तो देर न करें और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
पेशाब में खून आना
पेशाब करते समय दर्द या जलन होना
असामान्य योनिस्त्राव
खून के धब्बे या रक्तस्त्राव होना
संवेदनशीलता और दर्द
उल्टी होना
बुखार
कंपकंपी होना
कई बार आपका पेट दर्द किसी ऐसी समस्या का संकेत हो सकता है, जो गर्भावस्था से जुड़ी न हो, जैसे कि:
एपेंडिसाइटिस
अंडाशय में गांठ (ओवेरियन सिस्ट)
गुर्दों से जुड़ी समस्या
मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई) या पथरी
पित्त की थैली से जुड़ी परेशानी
यह भी संभव है कि आपकी प्रेगनेंसी की वजह से कोई समस्या हुई हो। गर्भाशय में फाइब्राइड्स हो तो ये गर्भधारण से पहले परेशान नहीं करते, मगर गर्भवती होने पर इनके कारण असहजता हो सकती है।
कई बार संभोग करने और चरमोत्कर्ष पर पहुंचने से आपको संकुचन और हल्का पीठ दर्द हो सकता है। चरमोत्कर्ष पर पहुंचने से आपकी योनि और गर्भाशय से स्पंदन ऊपर की तरफ पहुंच जाता है, जिससे आपको बाद में मरोड़ जैसा महसूस हो सकता है।
तीसरी तिमाही में चरमोत्कर्ष या संभोग की वजह से अभ्यास संकुचन (ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन) शुरु हो सकते हैं। मगर चिंता न करें, चरमोत्कर्ष पर पहुंचने से प्रसव शुरु नहीं होता, फिर चाहे आपकी ड्यू डेट नजदीक ही क्यों न हो।
तीसरी तिमाही में पेट दर्द कब चिंता का कारण होता है?
तीसरी तिमाही में दर्द और असहजता शिशु के अवस्था बदलने, शिशु के बढ़ने के साथ गर्भाशय के बड़ा होने या ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन होने की वजह से हो सकती है। हालांकि, यह निम्नांकित स्थितियों का भी संकेत हो सकता है:
प्री-एक्लेमप्सिया
यदि आपको अपनी पसली के ठीक नीचे तेज दर्द हो, तो तुरंत डॅक्टर से बात करें। यह प्री-एक्लेमप्सिया का लक्षण हो सकता है। यदि आपको प्री-एक्लेमप्सिया हो, तो आपको साथ में अन्य लक्षण भी होंगे, जैसे कि तेज सिरदर्द, तबियत ज्यादा खराब लगना और अचानक से सूजन बढ़ जाना (इडिमा)।
समय से पहले प्रसव
तीसरी तिमाही में पहुंचने पर पेट दर्द होने का मतलब यह हो सकता है कि आपका शरीर प्रसव के लिए काफी पहले से तैयार हो रहा है। समय से पहले प्रसव पीड़ा होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आपके शिशु का जन्म अभी होने वाला है। कई बार, जब तक आपके पानी की थैली नहीं फटती, तब तक ये केवल गलत संकेत हो सकते हैं।
समय से पहले प्रसव 24 से 37 सप्ताह की गर्भावस्था के बीच कभी भी हो सकता है। आपको श्रोणि या पेट के निचले हिस्से में संकुचनों की वजह से दर्द महसूस होगा। गर्भाशय के मुख को बंद रखने वाला श्लेम डाट (म्यूकस प्लग) भी बाहर आ सकता है। आपको ऐसा भी महसूस हो सकता है कि आपकी पानी की थैली फट गई है।
यदि आपको ऐसा लगे, तो तुरंत डॉक्टर से बात करें और अपने मैटरनिटी अस्पताल जाएं।
प्रसव के शुरुआती चरण
37 सप्ताह की गर्भावस्था के बाद यदि आपको मरोड़ महसूस हो, तो इसका मतलब हो सकता है कि आप प्रसव के शुरुआती चरण में हैं। इस समय तक आपकी गर्भावस्था पूर्ण समय पर पहुंच गई है, इसलिए मरोड़ होना एक सामान्य प्रक्रिया है, जो बताती है कि आपका शरीर प्रसव के लिए तैयार हो रहा है।
| --------------------------- | --------------------------- |