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इन फलों के सेवन है फायदेमंद
60 साल की उम्र के बाद पाचन क्षमता को देखते हुए जिन फलों का सेवन सबसे अधिक करना चाहिए उनमें स्ट्रॉबेरी, ब्लू बेरीज और चेरीज खास हैं। क्योंकि ये सभी ऐंटिऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं। विटमिन-सी इनमें अच्छी मात्रा में होता है और इनकी ऐंटिइंफ्लामेट्री क्वालिटी वायरल, हर्ट डिजीज और हाई बीपी से भी सुरक्षा प्रदान करती है।
ये सब्जियां हैं अधिक उपयोगी
इस मौसम में ब्रोकली, शिमला मिर्च और ब्रूसेल्स स्प्राउट्स (एक तरह की पत्ता गोभी) का सेवन अधिक करना चाहिए। क्योंकि इन सभी सब्जियों में पाए जानेवाले पौषक तत्व 60 साल और इससे अधिक उम्र में होनेवाली शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करते हैं। ये सब्जियां फाइबर से भरपूर होती हैं, इस कारण इनका पाचन आसान होता है और कब्ज की समस्या नहीं होती।
दालें और साबुत अनाज
60 की उम्र के बाद उन दालों और अनाज का उपयोग करना चाहिए जो प्राकृतिक तौर पर हल्की और सुपाच्य होती हैं। जैसे मूंग की दाल, मूंग-मसूल की मिश्रित दाल, उड़द की छिलका दाल और मूंग धुली दाल। साथ ही बाजरा, ओट्स और खिचड़ी। ये सभी चीजें संपूर्ण सेहत को मजबूत बनाती हैं।
एक टाइम दलिया जरूर खाएं
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, दलिया बहुत अधिक सुपाच्य होता है। यानी इसे पचाने में डायजेस्टिव सिस्टम पर प्रेशर नहीं पड़ता और फाइबर से भरपूर होने के कारण यह पेट को साफ रखने में भी मदद करता है। इसलिए बड़ी उम्र के लोगों के लिए यह एक अच्छा भोजन है। इसे नाश्ते में या डिनर में आराम से लिया जा सकता है।
कद्दू के बीज खाएं
कद्दू के बीज (Pumpkin seeds) ऐंटिऑक्सीडेंट्स और ऐंटिइंफ्लामेट्री गुणों से भरपूर होते हैं। ये बॉडी में फ्री रेडिकल्स को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। अगर सही मात्रा में और नियमित रूप से इनका सेवन किया जाए तो ये हृदय रोग से बचने और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।
मुलेठी के हैं अपने फायदे
मुलेठी प्राकृतिक रूप से कफ विरोधी गुणों से भरपूर होती है। यह शरीर में वायरस और बैक्टीरिया को पनपने से रोकती है क्योंकि इसमें ऐंटिऑक्सीडेंट और ऐंटिइंफ्लामेट्री प्रॉपर्टीज होती हैं। सामान्य सर्दी-जुकाम और गीली खांसी में मुलेठी का सेवन लाभदायक रहता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है।
ग्रीन-टी के सेवन से फायदा
ग्रीन-टी केवल वेट कंट्रोलिंग में ही मदद नहीं करती बल्कि यह यादाश्त बनाए रखने में भी मददगार है। यही वजह है कि अल्जाइमर के मरीजों के लिए यह एक अच्छा ड्रिंक मानी जाती है। ग्रीन टी शरीर में किसी भी तरह सूजन को बनने और बढ़ने से रोकने में मददगार है। क्योंकि इसमें ऐंटिइंफ्लामेट्री प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं।
हल्दी खाने के फायदे
खांसी और फ्लू जैसे लक्षणों में हल्दी का सेवन बहुत अधिक लाभकारी होता है। क्योंकि हल्दी शरीर में किसी भी तरह के बैक्टीरिया और वायरस को नहीं पनपने देती। अगर मौसम के अनुसार और सही मात्रा में नियमित रूप से हल्दी का सेवन किया जाए तो डायबीटीज, ऑर्थराटिस और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से भी जीवनभर बचा जा सकता है।
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