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50 की उम्र के बाद फिट रहने के लिए वर्कआउट पैटर्न में करें ये 5 बदलाव, बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

उम्र बढ़ने के साथ आपका शरीर वैसा नहीं रह जाता जैसा कि युवावस्‍था में होता है. वर्कआउट के दौरान आप उम्र बढ़ने के बाद वैसे एक्‍सरसाइज नहीं कर सकते, जिस तरह यंग एज में किया करते थे. यह बात भी सच है कि आप 50 साल के बाद जितना अधिक शरीर को एक्टिव रखेंगे, आपका शरीर लंबी उम्र तक उतना बेहतर काम करेगा. नियमित व्‍यायाम से आप क्‍वालिटी लाइफ जी पाएंगे और जीवनभर दूसरों पर निर्भरता नहीं रहेगी. इसलिए जरूरी है कि आप यह जानें कि 50 साल की उम्र के बाद खुद को बिना नुकसान पहुंचाए किस तरह खुद को फिट और हेल्‍दी रख सकते हैं.

एक्सरसाइज के क्‍या हैं फायदे?

जब आपकी उम्र बढ़ती है तो मसल मास कमजोर होने लगते हैं लेकिन जब आप वर्कआउट करते हैं तो ये रीबिल्‍ट होने लगते हैं. फैट की तुलना में मसल्‍स अधिक कैलोरी बर्न करते हैं. यही नहीं, वर्कआउट आपके मेटाबॉलिज्‍म को भी बेहतर करने में मदद करता है. व्‍यायाम करने से आप कई बड़ी बीमारियों, हार्ट डिजीज, ब्‍लड प्रेशर, डायबिटीज, अल्‍जाइमर,स्‍ट्रोक आदि से बचे रहते हैं. आपका ब्रेन भी शार्प होता है.

वर्कआउट के दौरान इन बातों का रखें ख्‍याल

सही एक्टिविटी चुनें- आप लोअर इंपैक्‍ट वाले व्‍यायाम करें जिसमें कम जंप करना हो. ये आपके ज्‍वाइंट को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे और आप इंजूरी से बचे रहेंगे. आप अपनी सेहत के अनुसार डॉक्‍टर से एक्टिविटी चुनने में मदद ले सकते हैं .

वॉकिंग करें- वॉकिंग करने से आपका स्‍टैमिना बढ़ेगा और आपके लोअर बॉडी मसल्‍स मजबूत होंगे. वॉकिंग से बोन डिजीज होने की संभावना भी कम हो जाती है.

जॉगिंग करें- अगर आपको वर्कआउट के समय पसीना बहाना पसंद है तो आप कुछ देर जॉगिंग करें. लेकिन इस बात का ध्‍यान रखें कि आप अच्‍छी क्‍वालिटी का जूता पहने हों. जॉगिंग करते वक्‍त धीरे धीरे दौड़ें. ऐसा करने से ज्‍वाइंट की समस्‍या दूर रहेगी. जॉगिंग से पहले वार्मअप जरूर करें.

डांसिंग करें- आप डांस स्‍टेप की मदद से भी खुद का फिट रख सकते हैं. इसके लिए आप घर पर कुछ देर म्‍यूजिक लगाएं और अपने पसंद का डांस करें. आप चाहें तो जुबा आदि क्‍लास भी ज्‍वाइन कर सकते हैं.

साइकलिंग करें- अगर आपके पैरों और लोअर पार्ट में स्टिफनेस महसूस होती है तो आप साइकिलिंग कर सकते हैं. इससे ब्‍लड फ्लो अच्‍छा होता है और मसल्‍स स्‍ट्रेंथ बढ़ता है. इसके अलावा आप योगा, स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग, स्‍वीमिंग, टेनिस, गोल्‍फ जैसी एक्टिविटीज में भी सावधानी से हिस्‍सा ले सकते हैं.

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