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जैसे-जैसे à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास होता है उसके आसपास पानी की थैली (à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• सेक) बनने लगती है जो उसके लिठतकिये का काम करती है। इसी दौरान à¤à¤• पà¥à¤²à¥‡à¤œà¥‡à¤¨à¥à¤Ÿà¤¾ (à¤à¤• गोल डिसà¥à¤• के समान ओरà¥à¤—न) à¤à¥€ बनने लगता है, यह माठऔर शिशॠ(à¤à¥à¤°à¥‚ण) को जोड़ता है जिससे माठके पोषक ततà¥à¤µ शिशॠको मिलते हैं।
पहले महीने में शिशॠका चेहरा आकार लेने लगता है, इस दौरान मà¥à¤à¤¹, आà¤à¤–ें, नीचे का जबड़ा और गला à¤à¥€ बनने लगता है साथ ही रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ बनने शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है और रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। पहले महीने के अंत तक à¤à¥à¤°à¥‚ण का आकार चावल के दाने से à¤à¥€ छोटा होता है।
दूसरे महीने में चेहरा और अधिक विकास करने लगता है, धीरे-धीरे à¤à¥à¤°à¥‚ण के दोनों कान बनना शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं, दोनों हाथ – पैर और उनकी अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤, आहार नलिका और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤ बनना à¤à¥€ आरमà¥à¤ हो जाता है। छठे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में शिशॠकी धड़कन सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ के माधà¥à¤¯à¤® से देखी जा सकती है। दिमाग और सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कोरà¥à¤¡ बनाने वाली नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब बन जाती है, शिशॠमें थोड़ी सी महसूस करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पैदा होने लगती है। इस महीने के अंत तक शिशॠविकसित होकर 1.5 सेंटीमीटर का हो जाता है और उसका वजन à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤® होता है।
9 वें से 13 वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का समय शिशॠके विकास का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पड़ाव होता है इसलिठइसे पीरियड ऑफ ओरà¥à¤—नोजेनेसिस à¤à¥€ कहते हैं। इस समय तक शिशॠके चेहरा कान, हाथ-पैर और अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ पूरी तरह से बन चà¥à¤•ी होती हैं। नाखà¥à¤¨ बनना शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं और जननांग बनने लगते हैं। इस महीने के अंत तक हृदय, धमनियाà¤, लीवर और यूरिनरी सिसà¥à¤Ÿà¤® काम करना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। यह शिशॠके विकास का कà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€à¤•ल समय होता है इसलिठगरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ महिला को अपना विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होता है। छोटी-मोटी समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर महिला को बिना चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह के दवाई नहीं लेनी चाहिà¤à¥¤
शिशॠके विकास का पहला चरण तीन महीनों में पूरा हो जाता है इसलिठइसके बाद गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम ही रहती है। तीसरे महीने के अंत तक शिशॠकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ 5.4 सेंटीमीटर होता है और वजन 4 गà¥à¤°à¤¾à¤® होता है। महिला का शिशॠसे à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से लगाव होना शà¥à¤°à¥ हो जाता है।
चौथे महीने में आà¤à¤–ें, à¤à¥Œà¤‚हे, नाखà¥à¤¨ और जनजांग बन जाते हैं। दाà¤à¤¤ और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤ मजबूत होने लगती हैं। अब शिशॠसिर घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¾, अंगà¥à¤ ा चà¥à¤¸à¤¨à¤¾ आदि शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। इस महीने फीटल डोपनर मशीन से माठबचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन को पहली बार सà¥à¤¨ सकती है। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤¯à¤¾ इस समय डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको डिलीवरी की तारीख दे देते हैं, शिशॠका वजन 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® तथा लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ 11.5 सेंटीमीटर होता है।
पाà¤à¤šà¤µà¥‡ महीने में सिर के बाल बनना शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं। कंधा, कमर और कान बालों से ढके होते हैं यह बाल बहà¥à¤¤ मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® और à¤à¥‚रे रंग के होते हैं यह बाल जनà¥à¤® के बाद पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक à¤à¥œ जाते हैं इसके अलावा शिशॠपर à¤à¤• वेकà¥à¤¸ जैसी कोटिंग होती है जो जनà¥à¤® के समय निकल जाती है। इस समय तक शिशॠकी मांसपेशिया विकसित हो जाती है इसलिठवह हलचल शà¥à¤°à¥‚ कर देता है जिसे माठमहसूस कर सकती है। महीने के अंत तक वजन 300 गà¥à¤°à¤¾à¤® और लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ 16.5 सेंटीमीटर हो जाती है।
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