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चार सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास
चार सप्ताह की गर्भावस्था होने तक आपके गर्भ में कोशिकाओं का गोलाकार गुच्छा भ्रूण (एम्ब्रेयो) के रूप में विकसित हो चुका होता है। हालांकि, इसका माप केवल खसखस के बीज जितना है, फिर भी भीतर बहुत कुछ हो रहा है। कोशिकाएं प्रिमिटिव स्ट्रीक नामक क्षेत्र में जाकर बस रही हैं, और तीन परतों में विभाजित हो रही हैं, जो कि आगे चलकर आपके शिशु के अंग और ऊत्तक बनेंगे:

सबसे ऊपरी परत में, न्यूरल ट्यूब नामक एक खोखली संरचना रूप लेगी। यही वह जगह है, जहां आपके शिशु का मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, मेरु-रज्जु और नसें विकसित होंगी। त्वचा, बाल और नाखून भी इसी परत से विकसित होंगे।

मध्य परत में अस्थि-पंजर (हड्डियां) और मांसपेशियां विकसित होंगी, और यहीं शिशु का दिल और रक्त संचरण तंत्र बनेगा।

तीसरी परत में फेफड़ों, आंतों और मूत्रीय प्रणाली के विकास की शुरुआत होगी।

भ्रूण के चारों तरफ एमनियोटिक थैली होती है, जो तरल से भरी होती है। ये गर्भस्थ शिशु का बचाव करती है। अपरा (प्लसेंटा) विकास के शुरुआती चरण में हैं। 10 सप्ताह की गर्भावस्था तक जब यह पूरी तरह विकसित हो जाएगी, यह आपके शिशु तक जरुरी आॅक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाएगी। तब तक, छोटी पीत्तक झिल्ली (योक सैक) भ्रूण को सभी जरुरी पोषण प्रदान करती है।

नोट: विशेषज्ञों का कहना है कि हर शिशु अलग ढंग से विकसित होता है-- गर्भाशय में भी। ये भ्रूण विकास की जानकारी आपको इस बात का सामान्य अंदाजा देती है कि गर्भ में शिशु किस तरह बढ़ रहा है।
गर्भावस्था के चौथे सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन


हो सकता है इस सप्ताह पहली बार आपको अपने शरीर के भीतर हो रहे बदलावों का आभास हो। गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं संवेदनशील स्तन या निप्पलों में सिहरन या झुनझुनी। यदि अभी तक ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ है, तो आप जल्द ही अपने स्तनों में परिवर्तन देखेंगी।


लगभग इस समय या फिर आपकी माहवारी की तारीख के समय पर आपको हल्का रक्तस्त्राव या स्पॉटिंग भी हो सकती है। इसे ब्रेकथ्रू ब्लीडिंग कहा जाता है। यह तब होता है, जब माहवारी चक्र के लिए जिम्मेदार हॉर्मोन रक्तस्त्राव प्रेरित करते हैं। पूरी गर्भावस्था के दौरान ऐसा एक से ज्यादा बार भी हो सकता है, मगर आमतौर पर इसमें कोई चिंता की बात नहीं होती।
चार सप्ताह गर्भवती होने पर क्या जानना जरुरी है
यदि गर्भधारण के प्रयास के दौरान आपने रोजाना फॉलिक एसिड अनुपूरक लेना शुरु नहीं किया था, तो अब समय है कि आप इसे लेना शुरु करें।
फॉलिक एसिड आपके शिशु को न्यूरल ट्यूब दोषों, जैसे कि स्पाइना बिफिडा से बचाता है। आपको 12 सप्ताह की गर्भावस्था तक प्रतिदिन पांच मि.ग्रा. फॉलिक एसिड के सेवन की सलाह दी जाती है।

अगर आपकी जांचों में विटामिन डी की कमी का पता चले, तो डॉक्टर आपको उचित अनुपूरक लेने की सलाह देंगी।

" जब मैंने घर पर पॉजिटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट देखा तब मेरे पति काम से शहर से बाहर गए हुए थे। मैं यह बात उन्हें फोन पर नहीं बताना चाहती थी।

जब वे दो दिन के बाद घर आए, तो मैंने पेपर क्विलिंग का एक छोटा क्राफ्ट पीस बनाया। इसे मैंने एचपीटी स्ट्रिप के साथ लिफाफे में डाला और उन्हें थमा दिया। लिफाफा खोलने के बाद उन्हें सबकुछ समझने में कुछ मिनट लगे, और उसके बाद वे खुशी से बच्चे की तरह उछलने लगे!"


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