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बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे | बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ का घरेलू उपाय
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बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे:- बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾(child constipation problem) होना à¤à¤• आम बात है। वैसे देखा जाà¤, तो कबà¥à¤œ इतनी गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती।
लेकिन लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक अनियमित मल निकलना अनà¥à¤¯ बीमारियों का संकेत à¤à¥€ हो सकता है। साथ ही लंबे समय तक गंà¤à¥€à¤° कबà¥à¤œ, अनà¥à¤¯ बीमारियों का कारण बन सकता है।
à¤à¤• माता-पिता होने के नाते अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कबà¥à¤œ से होने वाली पीड़ा से परेशान होते देखना काफी कषà¥à¤Ÿà¤•ारक होता है।
लेकिन कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ काफी लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक रहने से यह अनेक बीमारियों को जनà¥à¤® दे सकती है। कबà¥à¤œ होने से baby के पेट में दरà¥à¤¦, सूजन, à¤à¥‚ख ना लगने और गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा हो सकती है।
जब बचà¥à¤šà¤¾ 6 महीने से ऊपर का हो जाता है तो उसे कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¤¾ माठके दूध के साथ-साथ अनà¥à¤¯ चीजें जैसे दाल, दलिया, खिचड़ी और केला आदि का सेवन करने लग जाता है।
आज इस पोसà¥à¤Ÿ में हम आपको Bacho me kabj ka desi ilaj, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कबà¥à¤œ होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें, बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे, बताà¤à¤à¤—े जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनाकर आप कबà¥à¤œ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पा सकते हैं।
Table of Contents
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ के कारण (Child Constipation Causes In Hindi)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ के लकà¥à¤·à¤£ (Signs & Symptoms of Kids Constipation in Hindi)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का पेट साफ करने के उपाय (Kids Constipation Home Remedies)
तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ है बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कबà¥à¤œ की दवा (Triphala: Home Remedies of Children Constipation in Hindi)
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ का देसी घरेलू इलाज(Child With Constipation Treatment)
शहद (बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे)
हरड़ का चूरà¥à¤£
फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार लें (बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे)
मालिश (बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे)
छाछ
अरंडी का तेल
1 साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठआहार योजना (Child Constipation Diet Plan)
कबà¥à¤œ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिà¤?
बचà¥à¤šà¥‡ में कबà¥à¤œ की दवाई (बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे)
शिशà¥à¤“ं में कबà¥à¤œ की होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाईयां (Homoeopathic medicine For Kids Constipation)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ के कारण (Child Constipation Causes In Hindi)
पानी या तरल पदारà¥à¤¥ का उपयोग कम करना
कठोर खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥/आहार की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤
आहार में लगातार परिवरà¥à¤¤à¤¨
गाय का दूध उपयोग में लाना
पारिवारिक पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि
दवाइयों के सेवन से
à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बीच में और बाद में पानी पीने से
पानी कम पीने से
à¤à¥‹à¤œà¤¨ को चबाकर ना खाने से
à¤à¤° पेट à¤à¥‹à¤œà¤¨ ना खाने से
जरà¥à¤°à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध पीने से à¤à¥€ कबà¥à¤œ होती है
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ के लकà¥à¤·à¤£ (Signs & Symptoms of Kids Constipation in Hindi)
शिशॠदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कठोर मल(पॉटी) का तà¥à¤¯à¤¾à¤— (मल किस तरह का होता है, कबà¥à¤œ को हम इससे à¤à¥€ पहचान सकते हैं न कि सिरà¥à¤« इसके आवृतà¥à¤¤à¤¿ से)
मल के साथ खून का आना (मल में खून का आना इस बात की ओर संकेत करता है कि बचà¥à¤šà¤¾ मल निकालने के लिठबहà¥à¤¤ अधिक दबाव डाल रहा है। कठोर मल को निकालने से गà¥à¤¦à¤¾à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤° के चारों ओर कट जाता हैं जिसकी वजह से मल में खून आ सकता है)
शिशॠके पेट का मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® नहीं होना (कबà¥à¤œ से होने वाली सूजन और दबाव बचà¥à¤šà¥‡ के पेट को कठोर बनाता है और पेट à¤à¤°à¤¾ जैसा महसूस होता है)
बचà¥à¤šà¥‡ का अपने पसंदीदा खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ को खाने से à¤à¥€ इनकार करना (अगर शिशॠको कबà¥à¤œ हो जाता है तो उनको पूरी तरह से पेट à¤à¤°à¤¾ महसूस होता है)
कबà¥à¤œ होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥‚ख कम लगती है
शौच करते समय जोर लगाना
लैटà¥à¤°à¤¿à¤¨ करते समय बचà¥à¤šà¥‡ का रोना
शौच करते समय पेट में दरà¥à¤¦ होना
नाà¤à¤¿ के आस-पास दरà¥à¤¦ होना
à¤à¤• चीज़ जिसे हम सà¤à¥€ अपने अनà¥à¤à¤µ से जानते है कि- आहार को विनियमित करना ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को ठीक करने में सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ कारक है और कबà¥à¤œ इससे अलग नहीं है।
हमें पता हो, कि हमारी बचà¥à¤šà¥€/बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ और कैसे खा रही/रहा है ; इसका विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ किया जाना चाहिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का पेट साफ करने के उपाय (Kids Constipation Home Remedies)
पानी : जनà¥à¤® से लेकर 6 महीने तक शिशॠको तरल (दूध,पानी,जूस आदि) देना à¤à¤•मातà¥à¤° उपाय है – सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध।
लेकिन 6 महीने बाद, जब उनके रोज़ाना आहार में कà¥à¤› सेमि सॉलिड (थोड़े ठोस) खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को दिया जाता है परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प दूध काम पीने के साथ उनका तरल सेवन à¤à¥€ कम हो जाता है। इसलिà¤, शिशॠको पानी पिलाने पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤• सामानà¥à¤¯ आà¤à¤•ड़ा के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• 1 साल के बचà¥à¤šà¥‡ को रस, पानी और सूप के रूप में कम से कम 960 मिलीलीटर तरल पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन दिया जाना चाहिà¤à¥¤
धीरे-धीरे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ठोस à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाने के साथ पानी à¤à¥€ अधिक पिलाना चाहिà¤, लेकिन ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की अपरिपकà¥à¤µ किडनी पर अतिरिकà¥à¤¤ दबाव à¤à¥€ डाल सकता है।
इसलिà¤, पानी के साथ चीनी और नमक घोलकर पिलाने से संतà¥à¤²à¤¨ बनाना आवशà¥à¤¯à¤• है।
हलà¥à¤¦à¥€ है बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कबà¥à¤œ की दवा: कबà¥à¤œ का रामबाण इलाज करने के लिठहलà¥à¤¦à¥€ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ गरà¥à¤® दूध में आधा चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर मिलाकर पिला दें। यह उपाय छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कबà¥à¤œ को ठीक करने में मदद पहà¥à¤‚चाता है।
आलूबà¥à¤–ारा या सूखे बेर: 6 महीने से 1 साल तक के शिशà¥à¤“ं के लिठआलूबà¥à¤–ारा या सूखे बेर का रस अचà¥à¤›à¤¾ होता है।
इसमें सोरà¥à¤¬à¤¿à¤Ÿà¥‹à¤² (चीनी वाला अलà¥à¤•ोहल) होता है जो à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक लैकà¥à¤¸à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ (घà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€) की तरह काम करता है, जिसे रस या पà¥à¤¯à¥‚री के रूप में लिया जा सकता है।
इसे तैयार करने के लिà¤, थोड़े पानी में आलूबà¥à¤–ारा या सूखे बेर को घोलकर फिर रस को छान लें, बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को बनाने के लिठथोड़ी सी चीनी डाल सकते हैं।
1 साल तक के बचà¥à¤šà¥‡ को 30 से 60 मिलीलीटर तक ये रस दिया जा सकता है।
इस रस को ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पिलाने से दसà¥à¤¤ हो सकता है अतः गंà¤à¥€à¤° कबà¥à¤œ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में इसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— इस तरह किया जा सकता है।
आलूबà¥à¤–ारा या सूखे बेर का रस न सिरà¥à¤« à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक लकà¥à¤¸à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ(laxative) हैं, बलà¥à¤•ि इनमें अनà¥à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤• विटामिन और मिनरलà¥à¤¸ à¤à¥€ शामिल हैं जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पूरे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठà¤à¥€ फायदेमंद है।
अचà¥à¤›à¥€ कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ का शà¥à¤¦à¥à¤§ आलूबà¥à¤–ारा अà¤à¥€ खरीदें
तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ है बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कबà¥à¤œ की दवा (Triphala: Home Remedies of Children Constipation in Hindi)
कबà¥à¤œ का आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• तरीके से इलाज करने के लिठतà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ कबà¥à¤œ के लिठसबसे सही हरà¥à¤¬à¤² इलाज है।
कबà¥à¤œ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ पानी, या दूध में मिलाकर सोने से पहले दें।
बà¥à¤°à¤¾à¤‚डेड और विशà¥à¤µà¤¶à¤¨à¥€à¤¯ डाबर तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ अà¤à¥€ ऑरà¥à¤¡à¤° करें
किशमिश : किशमिश- पोटेशियम, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से यà¥à¤•à¥à¤¤ सघन आहार फाइबर का सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है।
इसमें मौजूद आहार फाइबर कबà¥à¤œ को ठीक करने में बहà¥à¤¤ सहायक है और इसे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पानी में उबालकर और पà¥à¤¯à¥‚री के रूप में दिया जा सकता है।
इस पà¥à¤¯à¥‚री को अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ जैसे ओटà¥à¤¸ या खोई में à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठदलिया के रूप में दिया जा सकता है लेकिन सात महीने पूरे होने के बाद ही बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकिशमिश का उपयोग किया जाना चाहिà¤à¥¤
खजूर : खजूर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में आहार फाइबर पाठजाने के कारन इसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक लैकà¥à¤¸à¤Ÿà¤¿à¤µ के रूप में कबà¥à¤œ से पीड़ित बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकिया जाता है।
इसके कारण शिशॠको मल परितà¥à¤¯à¤¾à¤— में आसानी होती है साथ ही इसमें मौजूद आयरन और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शारीरिक विकास में à¤à¥€ सहायक होता है।
बेहतर मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® और ताज़ा खजूर अà¤à¥€ ऑरà¥à¤¡à¤° करें
आहार को विनियमित करने के अलावा कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ घरेलॠउपचार à¤à¥€ हैं जिसे करने से अचà¥à¤›à¥‡ लाठमिलते हैं :
नारियल के तेल से शिशॠके पेट की घड़ी की दिशा में और विपरीत दिशा में दोनों तरफ (कà¥à¤²à¥‰à¤• वाइज और à¤à¤‚टी कà¥à¤²à¥‰à¤• वाइज) हलà¥à¤•े हाथ मालिश करनी चाहिà¤à¥¤
शिशॠके पैरों को धीरे-धीरे साइकिल चलाने की गति में घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥€ चाहिठजिसे पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ शिशॠपसंद à¤à¥€ करते हैं ।
शिशॠको गरà¥à¤® सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ देने के लिठउसके बाथटब में थोड़ा गरà¥à¤® पानी और बेटाडीन डाल कर उसे सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराना चाहिà¤à¥¤
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ का देसी घरेलू इलाज(Child With Constipation Treatment)
शहद (बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे)
आधे गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को दें। à¤à¤¸à¤¾ करने से कबà¥à¤œ दूर हो जाती है। छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को आप यह पानी चमà¥à¤®à¤š से à¤à¥€ पिला सकती हैं। इससे कबà¥à¤œ दूर (bacho ki kabj ke gharelu upay) होती है।
सà¥à¤¬à¤¹ जब आपके बचà¥à¤šà¥‡ का पेट खाली हो तो आप उसे à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ दूध में 1-2 चमà¥à¤®à¤š शहद डालकर पिला सकते हैं।
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हरड़ का चूरà¥à¤£
हरड़ का चूरà¥à¤£ पेट से जà¥à¥œà¥€ हर परेशानी के लिठफायदेमंद होता है। चà¥à¤Ÿà¤•ी à¤à¤° हरड़ में थोड़ा सा नमक मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में 2 बार चटाये।
नोट:- 8 महीने से छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को यह ना खिलायें।
फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार लें (बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे)
फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार खाने से कबà¥à¤œ से राहत मिलती है। सेब, मौसमी फल और हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाने से कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर होती है।
मालिश (बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे)
सरसों के तेल से बचà¥à¤šà¥‡ के पेट की मालिश करने से आंते मजबूत बनती है और आंतों में फंसा हà¥à¤† मल आसानी से निकल जाता है। यह उपाय छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को लाठपहà¥à¤‚चाता है।
छाछ
à¤à¤• गिलास छाछ में à¤à¤• चमचà¥à¤š काला नमक और चà¥à¤Ÿà¤•ी à¤à¤° जीरा डालकर सेवन करने कबà¥à¤œ दूर होती है। इस उपाय को बचà¥à¤šà¥‡ और बड़े दोनों अपना सकते हैं.
अरंडी का तेल
आधा गिलास दूध में आधा चमà¥à¤®à¤š अरंडी का तेल मिलाकर शिशॠको दें। à¤à¤¸à¤¾ करने से बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ कबà¥à¤œ से राहत मिलती है।
1 साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठआहार योजना (Child Constipation Diet Plan)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठआहार योजना (Child Constipation Diet)
सà¥à¤¬à¤¹ 8.00 बजे: खाली पेट आलूबà¥à¤–ारा या सूखे बेर का रस (120 मिलीलीटर)
सà¥à¤¬à¤¹ 9.30 बजे: किशमिश और खजूर के साथ ओटà¥à¤¸
सà¥à¤¬à¤¹ 11.00 बजे: मां का दूध / फारà¥à¤®à¥‚ला दूध**
दोपहर 12.30 बजे: सबà¥à¤œà¥€ (पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°) और मछली के साथ चावल
दोपहर 2.30 बजे: मां का दूध / फारà¥à¤®à¥‚ला दूध
शाम 5.00 बजे: खोई + सतà¥à¤¤à¥‚ (घर का बना) + दूध
शाम 7.00 बजे: मां का दूध / फारà¥à¤®à¥‚ला दूध
रात 8.30 बजे: सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बनी दलिया खिचड़ी
रात 10.00 बजे: मां का दूध / फारà¥à¤®à¥‚ला दूध
**फारà¥à¤®à¥‚ला दूध/पाउडर मिलà¥à¤•–
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• के विकलà¥â€à¤ª के तौर पर पाउडर या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• दिया जाता है। डिलीवरी के बाद सà¤à¥€ महिलाओं के सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ दूध नहीं बन पाता है, à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पाउडर मिलà¥â€à¤• दिया जा सकता है। लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ मिलà¥â€à¤• को वेपराइज करके मिलà¥â€à¤• पाउडर बनाया जाता है। इससे शिशॠको कई पोषक ततà¥â€à¤µ मिल जाते हैं।
कबà¥à¤œ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिà¤?
अगर बचà¥à¤šà¤¾ छह महीने से कम उमà¥à¤° का है, तो उसे कबà¥à¤œ से बचाने के लिठमां का दूध सबसे बेहतर है।
लेकिन, अगर बचà¥à¤šà¤¾ छह माह से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ का है, तो उसे फाइबर वाली à¤à¥‹à¤œà¤¨ देना जरूरी है। नीचे हम à¤à¤• तालिका बता रहा हूà¤, जिसमें बताया गया है कि कबà¥à¤œ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिà¤:
à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने की चीजें
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ रूट सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे – गाजर व चà¥à¤•ंदर
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤•ा सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ – फूलगोà¤à¥€, गोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली
फलियां – बीनà¥à¤¸ व दालें
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ – पालक
आलू और बटरनट सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤¶
फल बेरीज – सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€, बà¥à¤²à¥ˆà¤•बेरी
सेब, आम, पपीता
संतरा, नाशपाती और à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो
सूखे फल खजूर, किशमिश, अंजीर
अनाज ओटà¥à¤¸, सà¥à¤Ÿà¥€à¤² कट ओटà¥à¤¸ आदि
बचà¥à¤šà¥‡ में कबà¥à¤œ की दवाई (बेबी को पॉटी न आये तो कà¥à¤¯à¤¾ करे)
यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ के आहार को बदलना असंà¤à¤µ है या काम नहीं करता है, तो ओवर द काउंटर कà¥à¤› सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ दवाà¤à¤‚ हैं जिनका उपयोग किया जा सकता है।
बलà¥à¤• फॉरà¥à¤®à¤¿à¤‚ग à¤à¤œà¥‡à¤‚ट: ये सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤œà¥‡à¤‚ट हैं और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बिना किसी चिंता के रोजाना इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है।
1. psyllium, जैसे, मेटामà¥à¤¸à¤¿à¤², पेरà¥à¤¡à¥€à¤®
2. मिथाइलसेलà¥à¤²à¥‹à¤œ, उदाहरण के लिà¤, साइटà¥à¤°à¥à¤¸à¥‡à¤²
3. पॉलीकारà¥à¤¬à¥‹à¤«à¤¿à¤², उदाहरण के लिà¤, फाइबरकॉन, कोनà¥à¤¸à¤¿à¤²
4. मालà¥à¤Ÿà¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤¸, बेनेफाइबर (कई लोग कहते हैं कि यह सबसे अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ वाली दवाई है)
2. सà¥à¤¨à¥‡à¤¹à¤•(Lubricants): ये मल को नरम करते हैं और इसे अधिक फिसलन और पारित करने में आसान बनाते हैं। रोजाना इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने पर à¤à¥€ ये बहà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होते हैं।
1.खनिज तेल – सादा या सà¥à¤—ंधित (कोंडà¥à¤°à¥‡à¤®à¥à¤²) – शिशà¥à¤“ं में अनà¥à¤¶à¤‚सित नहीं not
2. डॉकà¥à¤¯à¥‚सेट सोडियम, उदा। Colace, Surfak, Correctol
3. हाइपरोसà¥à¤®à¥‹à¤²à¤° à¤à¤œà¥‡à¤‚ट: ये शरीर से आंत में पानी लेकर आता है, जिससे मल ढीला और कम सूखा हो जाता है। इसे बिना किसी चिंता के काफी बार इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है।
1.मिरलैकà¥à¤¸, मà¥à¤‚ह से दिया जाता है – शायद इसकी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ रिकॉरà¥à¤¡ के कारण,बाल रोग विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अनà¥à¤¶à¤‚सित सबसे लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ दवा है।
2. लैकà¥à¤Ÿà¥à¤²à¥‹à¤œ
3. मिलà¥à¤• ऑफ मैगà¥à¤¨à¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ (फिलिपà¥à¤¸), मà¥à¤‚ह से दिया गया – दैनिक उपयोग के लिठनहीं
4. सोडियम फॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¾ (बेड़े) – रोजमरà¥à¤°à¤¾ के उपयोग के लिठनहीं
5. गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¥€à¤¨ सपोसिटरी या à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¾ (बेबीलैकà¥à¤¸) – रोजमरà¥à¤°à¤¾ के use के लिठनहीं
4. उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• जà¥à¤²à¤¾à¤¬: इनका उपयोग कà¤à¥€-कà¤à¥€ कबà¥à¤œ के लिठकिया जा सकता है या जब कà¥à¤› और काम नहीं करता है, लेकिन महीने में à¤à¤• बार से अधिक नहीं।
Cascara, e.g. Nature | s Remedy
Senna, e.g., Senokot, ExLax
Bisacodyl, e.g., Dulcolax (oral or suppository)
Castor oil, e.g. Purge
शिशà¥à¤“ं में कबà¥à¤œ की होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाईयां (Homoeopathic medicine For Kids Constipation)
ओपियम (Opium 30) – मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— की इचà¥à¤›à¤¾ बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं के बराबर , मल छोटी छोटी गोलियों के रूप में हो , कई दिनों तक पाखाना न होना
à¤à¤²à¥à¤®à¤¿à¤¨à¤¾ (Alumina 30 ) – बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कृतà¥à¤°à¤¿à¤® खाध पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ या फारà¥à¤®à¥‚ला दूध दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कबà¥à¥› होने पर, जब मल बहà¥à¤¤ कड़ा हो जाय और काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल से निकले , मल काला और गà¥à¤ ली के जैसा
बà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤²à¥à¤¬à¤¾ (Bryonia elba 30 )– शिशà¥à¤“ं मे चिड़चिड़ापन, कई दिनों तक मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— की इचà¥à¤›à¤¾ ही नहीं होती , अधिक पानी पीने की इचह होना, मल सà¥à¤–ा ,कड़ा और काला हो
पैराफिनम (paraffinum 30)- बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में असाधà¥à¤¯ कबà¥à¤œ, मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— की निरंतर परंतॠअसफल इचà¥à¤›à¤¾ होना।
पà¥à¤²à¥à¤®à¥à¤¬à¤® मेट (plumbum met 30) – इचà¥à¤›à¤¾ होती है पर मल काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल से निकले , ये दवा खासकर पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ कबà¥à¤œ में उपयोगी है.
नोट:- ये सारी दवाà¤à¤‚ डॉकà¥à¤Ÿà¤°/चिकितà¥à¤¸à¤• के सलाह मशवरे के बाद ही बचà¥à¤šà¥‡ को दें (1,2,3)
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