Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
नवजात से लेकर 4 महीने तक के बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाने के टिपà¥à¤¸
शिशà¥à¤“ं की पोषण संबंधी आवशà¥à¤¯à¤•ताà¤à¤‚ अलग-अलग होती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हर बचà¥à¤šà¤¾ अलग होता है।
कैसे पता करें कि बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥‚खा है?
शिशॠबार-बार अपना मà¥à¤à¤¹ खोलेगा और अपना सिर सà¥à¤¤à¤¨ या बोतल की ओर घà¥à¤®à¤¾à¤à¤—ा।
वह अपनी उंगलियों या हाथों को चूसेगा।
बेहद चिड़चिड़ा हो जाà¤à¤—ा और मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी à¤à¥€à¤‚चकर रोà¤à¤—ा।
à¤à¤• संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ बचà¥à¤šà¥‡ के लकà¥à¤·à¤£
बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¤à¤¨ या बोतल के तरफ कोई दिलचसà¥à¤ªà¥€ नहीं दिखाà¤à¤—ा।
दूध पीने के तà¥à¤°à¤‚त बाद सो जाà¤à¤—ा।
दूध पीते पीते हाथ रिलैकà¥à¤¸ हो जाà¤à¤—ा और धीरे-धीरे चूसेगा।
बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाने से संबधित याद रखने योगà¥à¤¯ अनà¥à¤¯ बातें
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास में अचानक तेजी आती है। कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं के लिठयह दूसरे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में और फिर से तीसरे से छठे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच हो सकता है।
छोटे शिशà¥à¤“ं में दूध उलटना आम है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨à¤²à¥€ और पेट को जोड़ने वाली पेशी अà¤à¥€ अपरिपकà¥à¤µ होती है। इससे कारण पेट से दूध दोबारा बाहर आ सकती है।
मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— कà¤à¥€-कà¤à¥€ हर फीडिंग के बाद या दिन में à¤à¤• बार या तीन दिन में à¤à¤• बार हो सकता है, यह हर शिशॠमें à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होगा। आप बस बचà¥à¤šà¥‡ के दूध पीने की समय-सारणी का पालन करें, सब कà¥à¤› ठीक रहेगा।
अगर à¤à¥‹à¤œà¤¨ की बात की जाà¤, तो à¤à¤• 1 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ तरल पदारà¥à¤¥ होंगे। शिशà¥à¤“ं को ठोस आहार देने से बचें जब तक कि वे कम से कम छह महीने के न हो जाà¤à¤‚।
जब सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚, तब सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि दोनों सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से पिलाà¤à¤‚। इस तरह शिशॠको लगातार दूध मिल सकेगा और सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ à¤à¥€ महसूस नहीं होगा। à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ का दूध खतà¥à¤® करने में बचà¥à¤šà¥‡ को 5 से 15 मिनट के बीच का समय लग सकता है। सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ बदलने से आपके बचà¥à¤šà¥‡ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में हिंडमिलà¥à¤• नहीं मिलà¥à¤• पाà¤à¤—ा जो बेहद पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• और पेट à¤à¤°à¤¨à¥‡ वाला होता है।
सà¥à¤¤à¤¨ बदलते वकà¥à¤¤ हर बार अपने बचà¥à¤šà¥‡ को डकार दिलाना सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें। बहà¥à¤¤ अधिक दूध उलटने वाले शिशà¥à¤“ं को अधिक बार डकार दिलाना जरूरी हो सकता है।
2 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ के विकलà¥à¤ª सीमित होते हैं। हालांकि यह बात 3 महीने के शिशॠके लिठà¤à¥€ सच है। खादà¥à¤¯ के लिठछह महीने तक के शिशà¥à¤“ं के लिठआदरà¥à¤¶ आहार माठका दूध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध है। यदि किसी कारण से आपको ठोस आहार देना जलà¥à¤¦à¥€ शà¥à¤°à¥‚ करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है, तो आप 4 महीने के शिशॠके लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° के परामरà¥à¤¶ के साथ शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |