4महीने की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Fri 14th Oct 2022 : 15:14

गर्भावस्था के चौथे महीने में पौष्टिक आहार:

प्रेगनेंसी में वजन बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
पहली तिमाही में आपका वजन शायद नहीं बढ़ा होगा, वास्तव में बहुत सी गर्भवती महिलाओं का वजन पहली तिमाही में थोड़ा कम भी हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मिचली की वजह से वे अच्छी तरह खा-पी नहीं पातीं।

मगर यदि आपकी गर्भावस्था में सब ठीक चल रहा है, तो अब दूसरी तिमाही में आपका वजन बढ़ना शुरु होगा। गर्भ में शिशु के बढ़ने और शरीर में आ रहे बदलावों के चलते यह वजन वृद्धि होती है। यह एकदम सामान्य है और स्वस्थ गर्भावस्था का संकेत है।

आपको तेजी से वजन बढ़ाने के लिए ना तो कुछ अलग से खाने-पीने की जरुरत है और ना ही अपना आहार सीमित करने की आवश्यकता है। बस सुनश्चित करें कि आप पौष्टिक आहार का सेवन करें और अपनी भूख के अनुसार खाएं।

डॉक्टर आपकी वजन वृद्धि पर नजर रखेंगी ताकि सुनिश्चित हो सके कि आपका पर्याप्त वजन ही बढ़े, बहुत ज्यादा न बढ़े। अत्याधिक वजन बढ़ना या बहुत ही कम वजन बढ़ना, दोनों ही स्थितियां चिंताजनक हो सकती हैं।

गर्भावस्था में आपका कितना वजन बढ़ेगा यह आपकी गर्भवती होने से पहले की बीएमआई पर निर्भर करेगा। हमारे वेट गेन एस्टीमेटर के इस्तेमाल से आपको अंदाजा लग सकता है कि गर्भावस्था के अंत तक आपका कितना वजन बढ़ सकता है।

पारंपरिक तौर, गर्भवती महिला को अधिक कैलोरी पाने के लिए घी और फुल क्रीम दूध जैसे खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी जाती है। यदि आप संतुलित एवं पौष्टिक आहार खा रही हैं तो जरुरी कैलोरी पाने के लिए यह पर्याप्त है, इसके लिए आपको घी या संपूर्ण दूध के सेवन की जरुरत नहीं है।

यदि आपको पहले से अपने वजन को नियंत्रित करने में मुश्किल रही है या फिर आपको वजन बढ़ने को लेकर कभी चिंता नहीं रही तो अब अपने भारी होते शरीर को स्वीकारना शायद आपके लिए आसान न हो।

वजन बढ़ने के साथ-साथ आपका चिंतित होना स्वाभाविक है। मगर, गर्भ में शिशु के विकास के लिए और उसे जिंदगी में बेहतर शुरुआत देने के लिए आपके शरीर में बदलाव आने जरुरी हैं। और आपका जितने किलो भी अतिरिक्त वजन बढ़ा है वह डिलीवरी के बाद कम किया जा सकता है।

अभी आप सेहतमंद आहार और क्रियाशील रहने पर ध्यान दें। आप जितना स्वस्थ होंगी गर्भावस्था और प्रसव उतना ही आसान रहेगा। इससे आपको डिलीवरी के बाद वजन घटाने में भी मदद मिलेगी।

गर्भावस्था अनुपूरक (सप्लीमेंट) किस तरह लेने चाहिए?
दूसरी तिमाही की शुरुआत से ही आपको रोजाना आयरन और विटामिन डी से फोर्टिफाइड कैल्शियम अनुपूरक लेने होंगे। आपको कितनी खुराक लेनी होगी यह आपके स्वास्थ्य और खान-पान पर निर्भर करेगा, जैसे कि आप शाकाहारी हैं, वीगन हैं या फिर मांसाहारी हैं।

ये सप्लीमेंट कैसे और कब लेने हैं, यह भी बहुत ध्यान देने वाली बात है। आयरन की गोलियां खाली पेट लेना बेहतर है, खाना खाने से करीब एक घंटा पहले। हालांकि, यदि आपको इसके कुछ साइड इफेक्ट हों तो डॉक्टर आपको ये भोजन के बाद लेने के लिए कह सकती हैं।

विटामिन सी आपके शरीर की आयरन के समाहन में मदद करता है। इसलिए आप आयरन सप्लीमेंट नींबू पानी, या ताजा संतरे या आंवले के जूस के साथ ले सकती हैं। बेहतर है आप जूस में मीठा न डालें।

दूध और दूध से बने पेयों में मौजूद कैल्शियम और चाय व कॉफी में मौजूद टैनिन आयरन के अवशोषण को कम करते हैं। आयरन सप्लीमेंट लेने से दो घंटे पहले और लेने के दो घंटे बाद तक चाय कॉफी या दूध का सेवन न करें।

इसी वजह से आपको अपने कैल्शियम और आयरन की गोलियां एक साथ नहीं लेनी चाहिए। दोनों गोलियों के सेवन में कम से कम चार घंटों का अंतर रखें।

यदि आप आयरन की गोली दिन में सिर्फ एक बार ले रही हैं, तो आप इसे सुबह ले लें और कैल्शियम सप्लीमेंट शाम को ले लें।

यह भी ध्यान रखें कि आयरन की गोली को एंटासिड या किसी अन्य दवा के साथ भी न लें।

यदि आपके विटामिन डी का स्तर कम है, तो डॉक्टर आपको विटामिन डी सप्लीमेंट भी दे सकती हैं। आपकी जांच रिपोर्ट के आधार पर, आपको ये अनुपूरक रोजाना, सप्ताह में एक बार लेनी हो सकती है या फिर कभी-कभार इंजेक्शन के जरिये उच्च खुराक दी जा सकती है।

आपको गर्भावस्था के अंत तक और स्तनपान के दौरान भी आयरन, कैल्शियम और विटामिन डी के सप्लीमेंट लेना जारी रखना पड़ेगा। आयरन और विटामिन डी के स्तरों की जांच के लिए डॉक्टर आपको नियमित खून की जांचें करवाने के लिए भी कह सकती हैं। अगर जरुरत हुई तो वे आपकी रिपोर्ट के आधार पर खुराक मे बदलाव भी कर सकती हैं।

हमेशा याद रखें कि डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक की मात्रा में ही ये सप्लीमेंट लें। आपको विशेषतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए बने अनुपूरक लेने हैं, इसलिए इनकी जगह कोई भी आम मल्टीविटामिन सप्लीमेंट न लें।

डॉक्टर की सलाह के बिना विटामिन, खनिज या हर्बल सप्लीमेंट की अतिरिक्त खुराक लेने से आपके गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंच सकता है।
ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन जरुरी क्यों है और इसके स्त्रोत क्या हैं?
ओमेगा 3 फैट्टी एसिड आपके शिशु के मस्तिष्क और आंखों के विकास के लिए बहुत जरुरी हैं। आपके हृदय के लिए भी इसके दीर्घकालीन फायदे हैं। इस पोषक तत्व का मुख्य स्त्रोत मछली है। इसलिए सप्ताह में दो हिस्से मछली खाने की कोशिश करें, जिसमें कम से कम एक हिस्सा तैलीय मछली का होना चाहिए।

तैलीय मछलियां जैसे कि बांगड़ा (मैकेरल), रावस (साल्मन), चूरा (ट्यूना) और पेड़वे (सार्डिन) आदि प्रोटीन, विटामिन और खनिजों के साथ-साथ ओमेगा-3 फैट्टी के भी अच्छे स्त्रोत हैं। मगर इन मछलियों में कम स्तर पर कुछ प्रदूषक भी हो सकते हैं, इसलिए गर्भवती महिलाओं को सप्ताह में दो हिस्से तैलीय मछलियों से ज्यादा नहीं खाने चाहिए।

ओमेगा 3 फैट्टी एसिड के शाकाहारी स्त्रोत भी हैं जैसे कि सोयाबीन, अखरोट, अल्सी, कद्दू के बीज और अंकुरित दलहन।

यदि आपके आहार में ओमेगा 3 भोजनों के स्त्रोत पर्याप्त मात्रा में शामिल न हों, तो अपनी डॉक्टर से इसके अनुपूरक के बारे में बात करें। बाजार में इसके शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही सप्लीमेंट उपलब्ध हैं।
आपके लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर मेन्यू
नीचे दिए गए व्यंजनों में से विकल्प चुनें और ओमेगा 3 फैट्टी एसिड से भरपूर स्वादिष्ट भोजन का मजा लें।

ब्रेकफास्ट
अखरोट और किशमिश डालकर तैयार दलिया, और दूध
मिश्रित अंकुरित दलहन रोल, लस्सी
इडली, सांभर, छाछ
साबुत मूंग का डोसा (पेसारत्तू) और पुदीने की चटनी, संतरे का जूस

स्नैक
मिक्स फ्रूट सलाद, मेवे और अल्सी के बीज डालकर
सेब और अखरोट की चाट
मसाला छाछ (मोरू/मज्जिगे), अंकुरित सुंडल
मुट्ठीभर सूखी खुबानी और कद्दू के बीज

लंच
सोयाबीन की बड़ियों (सोया चंक) का पुलाव, शकरकंदी मसाला सब्जी, प्याज का रायता
काले चले की सब्जी, भिंडी की सब्जी, खीरे और अल्सी के बीज का रायता, चावल/रोटी
मसूर की दाल, टिंडे की सब्जी, रायता और रोटी/चावल
काली पॉम्फ्रेट मछली की करी, बीन्स और नारियल के बुरादे का पाल्या/पोरियल, दही और चावल

स्नैक
लस्सी, मिश्रित मेवे और बीज
नींबूपानी, मुट्ठीभर अखरोट और किशमिश
आम पन्ना और अंकुरित हरी मूंग की चाट
नारियल पानी, काले चने का सुंडल

डिनर
घिया/लौकी और मूंग की दाल, छोटे आलू की सब्जी और रोटी
लेमन राइस, सांभर, सिंगफली और आलू की सब्जी
मेथी झींगा, छछींदे की सब्जी और रोटी/चावल
हरी मूंग और टमाटर की सब्जी, तुरई/पीरकंगई की चटनी, रागी का डोसा/रोटी

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
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