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38 वीक कितने8महीने होते हैंशिशॠके हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ जगह नहीं रह जाती है और आपके शिशॠका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° समय सोने और आराम करने में बीतता है। उसे जनà¥à¤® की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठà¤à¥€ ऊरà¥à¤œà¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखनी होती है। आप शायद पाà¤à¤‚ कि इसमें गतिविधियों का पà¥à¤°à¤¸à¥à¤«à¥‹à¤Ÿ है, जो मजबूत और शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ महसूस होती हैं। हालांकि, यदि आपके शिशॠकी गतिविधियों में अधिक कमी दिखाई
पड़ रही हो या à¤à¤¸à¤¾ लगे कि कà¥à¤› ठीक नहीं है, तो अपने सहज बोध को सà¥à¤¨à¥‡à¤‚ और अपनी दाई या डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जाà¤à¤š करवाà¤à¤à¥¤
आप इस बात से काफी अवगत हो जाती हैं कि आपका पेट पहली चीज़ है, जो किसी कमरे में जाता है।आपको खड़े होकर अपने पैर देखे हà¥à¤ कई हफà¥à¤¤à¥‡ हो सकते हैं, इसलिठà¤à¤¸à¤¾ लग सकता है कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ आपके पेट के नीचे खतà¥à¤® हो जाती है।
अपने आगे के हिसà¥à¤¸à¥‡ के सहारे लेटने का विकलà¥à¤ª नहीं है और अपनी पीठके बल लेटना आपके और आपके शिशॠके लिठअनà¥à¤¶à¤‚सित नहीं है। यह इसलिठकि यदि आप अपनी पीठके बल लेटती हैं, तो आपकी पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रकà¥à¤¤ वाहिकाओं में से à¤à¤• (वेना कावा) आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के à¤à¤¾à¤°à¥€ वज़न से दब सकती है। सबसे अचà¥à¤›à¥€ पोज़िशन, अपने ऊपर के पैर को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ पर मोड़कर और à¤à¤• तकिठका सहारा लेकर अपने बाईं ओर लेटना होगी।
इस हफà¥à¤¤à¥‡ आपके पैरों और टखनों का आपस में विलय हो सकता है, जो काफी हानिकारक "कैंकल†में बदल सकता है।
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