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आपकी उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कितना होना चाहिठनॉरà¥à¤®à¤² बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र? डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जानें कितना शà¥à¤—र माना जाता है खतरनाक
खानपान और खराब जीवनशैली की वजह से शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° में बदलाव होता है, à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें उमà¥à¤° के हिसाब से कितना होना चाहिठबà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल?
आज के समय में असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खानपान और अनियमित जीवनशैली के कारण लोगों में कई तरह की बीमारियां और समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो रही हैं। खानपान में असंतà¥à¤²à¤¨ और खराब जीवनशैली की वजह से डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ तेजी से लोगों में हो रही है। डायबिटीज की बीमारी में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का लेवल असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ हो जाता है। शà¥à¤—र या डायबिटीज की बीमारी बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों की बीमारी मानी जाती थी लेकिन आज के समय में यह समसà¥à¤¯à¤¾ कम उमà¥à¤° के लोगों में à¤à¥€ तेजी से बॠरही है। कम उमà¥à¤° में डायबिटीज या शà¥à¤—र की बीमारी, खानपान में असंतà¥à¤²à¤¨ और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण हो रही है। शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° घटने या बà¥à¤¨à¥‡ से आप डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ के शिकार हो सकते हैं। बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र या बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤²à¥‚कोज शरीर में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है। कà¥à¤› कारणों से जब आपके शरीर में शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° बॠजाता है तो इसकी वजह से कई तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आपके लिठयह जानना बहà¥à¤¤ जरूरी है कि किस उमà¥à¤° में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° कितना होना चाहिà¤? आइये à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जानते हैं शरीर में उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नॉरà¥à¤®à¤² बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र कितना होता है।
शरीर में उमà¥à¤° के हिसाब से कितना होना चाहिठबà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र? (Normal Blood Sugar Level Age Wise)
शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ होने के कई कारण होते हैं। कई मामलों में खाली पेट रहने की वजह से à¤à¥€ बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल घट या बॠसकता है। इसके अलावा आपका खानपान और आपकी जीवनशैली à¤à¥€ इसके लिठपà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण बनती है। आरोगà¥à¤¯à¤‚ हेलà¥à¤¥ सेंटर डायबिटोलॉजिसà¥à¤Ÿ डॉ à¤à¤¸ के पांडेय के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र चेक करने का सबसे सही समय तब होता है जब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने लगà¤à¤— 8 घंटे से अधिक समय से कà¥à¤› खाया न हो। इसलिठसà¥à¤¬à¤¹ के समय खाली पेट होने पर बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र चेक करना अचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है। शरीर में नॉरà¥à¤®à¤² बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ 90 से 100 mg/dL के बीच होती है लेकिन जब आप कà¥à¤› खा चà¥à¤•े होते हैं या चेक करने के दो घंटे पहले à¤à¥‹à¤œà¤¨ कर चà¥à¤•े होते हैं तो इसका सà¥à¤¤à¤° बà¥à¤•र 140 mg/dl हो सकता है। बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° बà¥à¤¨à¥‡ पर शरीर में डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। लेकिन हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में उमà¥à¤° और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से जà¥à¥œà¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° घट या बॠसकता है।
कितना होता है नॉरà¥à¤®à¤² बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र? (Normal Blood Sugar Level)
बिना डायबिटीज व शà¥à¤—र वाले लोगों के शरीर में शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤°
सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट - 100 mg/dl से कम
खाने के 2 घंटे के बाद - 140 mg/dl
डायबिटीज व शà¥à¤—र की समसà¥à¤¯à¤¾ वाले लोगों में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤°
सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट - 70 से 130 mg/dl
खाने के 2 घंटे बाद - 180 mg/dl से कम
उमà¥à¤° के हिसाब से बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल
उमà¥à¤° के हिसाब से खानपान और लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² बदलने के कारण बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° बदल सकता है। 40 साल की उमà¥à¤° के बाद शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° बदलने के कई कारण हो सकते हैं। कई बार लोगों में सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से जà¥à¥œà¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण à¤à¥€ शरीर का बà¥à¤²à¥‚स शà¥à¤—र लेवल कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकता है। बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ की वजह à¤à¥€ शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का लेवल कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकता है। आइये जानते हैं उमà¥à¤° के हिसाब से कितना होना चाहिठनॉरà¥à¤®à¤² बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल?
6 साल से 12 साल की उमà¥à¤° में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल
फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग शà¥à¤—र - 80 से 180 mg/dl
पोसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥ˆà¤‚डियल शà¥à¤—र - 140 mg/dL
रात में खाने के बाद - 100 से 180 mg/dl
13 साल से 19 साल की उमà¥à¤° में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल
फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 70 से 150 mg/dl
पोसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥ˆà¤‚डियल बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 140 mg/dl
रात में खाने के बाद - 90 से 150 mg/dl
20 साल से 26 साल की उमà¥à¤° में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल
फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 100 से 180 mg/dl
पोसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥ˆà¤‚डियल बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 180 mg/dl mg/dl
रात में खाने के बाद - 100 से 140 mg/dl
27 साल से 32 साल की उमà¥à¤° में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल
फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र -100 mg/dL
पोसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥ˆà¤‚डियल बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 90 से 110 mg/dl mg/dl
रात में खाने के बाद - 100 से 140 mg/dl mg/dl
33 से 40 साल की उमà¥à¤° में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल
फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 140 mg/dl से कम
पोसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥ˆà¤‚डियल बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 160 mg/dl से कम
रात में खाने के बाद - 90-150 mg/dl
40 से 50 साल की उमà¥à¤° में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल
फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 90 से 130 mg/dL
पोसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥ˆà¤‚डियल बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 140 mg/dl से कम
रात में खाने के बाद - 150 mg/dl
50 से 60 साल की उमà¥à¤° में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल
फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 90 से 130 mg/dL
पोसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥ˆà¤‚डियल बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र - 140 mg/dl से कम
रात में खाने के बाद - 150 mg/dL से कम
बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखने के टिपà¥à¤¸ (Tips To Control Blood Sugar Level)
शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र या गà¥à¤²à¥‚कोज को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखने के लिठआपको खानपान और जीवनशैली में बदलाव करना चाहिà¤à¥¤ यह à¤à¤• लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² से जà¥à¥œà¥€ हà¥à¤ˆ समसà¥à¤¯à¤¾ है और आप अपने लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² को बदलकर ही इससे छà¥à¤Ÿà¤•ारा पा सकते हैं। अगर आप अचà¥à¤›à¥‡ और पोषक आहार का सेवन करते हैं तो इसकी सहायता से आप अपने वजन को à¤à¥€ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रख सकते हैं। आज के समय में डायबिटीज या हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होने का कारण खानपान और जीवनशैली माना जाता है। आप नियमित रूप से à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ और योग का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸, संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खानपान और हेलà¥à¤¦à¥€ लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² को अपनाकर जीवनà¤à¤° बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रख सकते हैं। शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होने पर आपको डायबिटीज या मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में आपके शरीर के दूसरे अंगों पर à¤à¥€ इसका असर होता है। अगर बà¥â€à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक बढ़ जाये तो इसके कारण 5-10 साल में दूसरे अंग à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने लगते हैं। इस समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से आपके आंखों, किडनी और हारà¥à¤Ÿ पर à¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾ असर हो सकता है। इसलिठआपको समय-समय पर बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की जांच करते रहना चाहिठऔर शरीर में इसका सà¥à¤¤à¤° बà¥à¤¨à¥‡ पर à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• जरूर करना चाहिà¤à¥¤
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