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बोतल से दूध पीना नहीं छोड़ रहा बच्‍चा तो ये तरीके करेंगें आपकी मदद

छोटे बच्‍चों को बोतल से दूध पिलाना जितना आसान होता है, उतना ही मुश्किल इस आदत को छुड़वाना होता है। अगर आपका बच्‍चा भी बोतल से दूध पीता है और अब आप उसकी इस आदत को छुड़वाना चाहती हैं तो जान लें कि इसके लिए सही उम्र और तरीके क्‍या हैं।

when to Stop Bottle Feeding The Babies
कहते हैं कि 6 महीने का होने तक शिशु को मां का दूध पिलाना अनिवार्य होता है। 6 महीने तक बच्‍चे को मां का ही दूध दिया जाता है। कई मांएं ऑफिस जाने या किसी अन्‍य वजह से बच्‍चों को बोतल से दूध पिलाना शुरू कर देती हैं। कई बच्‍चे बोतल से दूध पीना शुरू करने के बाद उसे छोड़ते ही नहीं हैं।


बच्‍चों को बोतल से दूध पीने की आदत को छुड़वाना बहुत मुश्किल होता है। ये मांओं के लिए एक चुनौती होती है जिसे पूरा करना मुश्किल के साथ-साथ जरूरी भी होता है।
अगर आपका बच्‍चा भी बोतल से दूध पीता है तो आपको जान लेना चाहिए कि किस उम्र से बच्‍चे को बोतल का दूध देना बंद कर देना चाहिए और बोतल का दूध कैसे छुड़वाया जा सकता है।


बोतल से दूध पीना कब बंद कर देना चाहिए
आप बच्‍चे को जितने लंबे समय तक बोतल से दूध पिलाएंगी, बाद में इस आदत को छोड़ना बच्‍चे के लिए उतना ही मुश्किल होता जाएगा। इसलिए बेहतर होगा कि आप कम समय के लिए ही बच्‍चे को बोतल से दूध पिलाएं।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्‍स के अनुसार, 12 महीने के बाद बच्‍चे को बोतल से दूध पिलाना शुरू कर सकते हैं।
वहीं, 18 महीने का होने पर बोतल से दूध पीना बंद करवा देना चाहिए। इस आदत को जितनी जल्‍दी छुड़वा दिया जाए, मां और बच्‍चे के लिए उतना ही अच्‍छा होता है।
क्‍या सहेली या बहन पिला सकती है आपके बच्‍चे को दूध

ब्रेस्‍ट मिल्‍क के जरिए एचआईवी जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। इसके अलावा शारीरिक संपर्क में आने से थ्रश जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं। निप्‍पल पर यीस्‍ट इंफेक्‍शन होने पर शिशु के मुंह में थ्रश हो सकता है।

दूध पिलाने वाली महिला को बीमारी की जानकारी नहीं भी होती है और ऐसे में आपका बच्‍चा खतरे में आ सकता है। इस स्थिति में आप पंपिंग याबोतल से दूध पिलाने का विकल्‍प चुन सकती हैं।
दूध पिलाने वाली महिला सिगरेट या कोई अन्‍य तरह का नशा करती होगी तो उसका बुरा असर आपके शिशु पर पड़ सकता है। दवा या हर्बल मिश्रण का सेवन करना भी ब्रेस्‍ट मिल्‍क को प्रभावित कर सकता है।

नर्सिंग मदर द्वारा डॉक्‍टर के पर्चे के बिना ली जा रही दवा का असर भी आपके बच्‍चे पर पड़ सकता है। वहीं, शराब भी ब्रेस्‍ट मिल्‍क के जरिए आपके शिशु तक पहुंच सकती है।

किसी दोस्‍त या परिवार की किसी महिला से पंप ब्रेस्‍ट मिल्‍क लिया जा सकता है। इसके अलावा आपके बच्‍चे को दूध पिलाने वाली महिला की मेडिकली जांच होनी चाहिए और वह कोई ऐसी दवा या जड़ी-बूटी नहीं ले रही हों, जिसका असर ब्रेस्‍ट मिल्‍क पर पड़ सकता हो।

वहीं, सिगरेट, गैर-कानूनी दवाओं या शराब का सेवन करने वाली महिलाओं का दूध भी बच्‍चे के लिए नुकसानदायक होता है। यदि आप अपने बच्‍चे के पास दूध पिलाने के लिए हर समय नहीं रह सकती हैं तो दूध को सही तरह से स्‍टोर करने के तरीके सीखें। जानें कैसे आप अपनी गैर-मौजूदगी में अपने बच्‍चे को दूध पिला सकती हैं।
दूध को स्‍टोर करने के लिए साफ बर्तन का इस्‍तेमाल करें। प्‍लास्टिक बोतल या प्‍लास्टिक ब्रेस्‍ट मिल्‍क बैग का प्रयोग कर सकती हैं। कांच की बोतल चटक या टूट सकती है।
ब्रेस्‍ट मिल्‍क की बोतल पर तारीख जरूर लिखें और सबसे पहले सबसे पुरानी बोतल के दूध का इस्‍तेमाल करें।ब्रेस्‍ट पंप को साफ करना बहुत जरूरी है। गर्म पानी में इसे अच्‍छी तरह से धोएं।ब्रेस्‍ट मिल्‍क को स्‍टोर करने के लिए बोतल में भरने से पहले हाथों को धोना जरूरी है।स्‍टोर मिल्‍क में बैक्‍टीरिया आसानी से पनप सकता है, इसलिए जितना हो सके हर चीज को साफ करने की कोशिश करें।

वैसे आपको जितना हो सके यही कोशिश करनी चाहिए कि आपके बच्‍चे को आपका ही दूध मिले। यही शिशु के लिए सबसे ज्‍यादा फायदेमंद और सुरक्षित होता है।
बोतल से दूध पीने की आदत कैसे छुड़ाएं

एक साल का होने के बाद शिशु अपने आप कप पकड़ने लग जाता है। इस समय आप उसे बोतल की जगह कप से दूध पीने की आदत आसानी से डाल सकती हैं। जब भी आपको लगे कि आपका बच्‍चा अब खुद अपने आप बोतल या कप पकड़ सकता है, तब उसकी बोतल छुड़वाकर कप से दूध देना शुरू कर दें।
अगर आप सोच रही हैं तो बच्‍चे की इस आदत को आप एक दिन में ही छुड़वा सकती हैं तो आप गलत हैं। आपको इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे आगे बढ़ाना है। शुरुआत में एक बार बोतल से और एक बार कप से दूध पिलाएं और फिर धीरे-धीरे बोतल से दूध पिलाना कम करते जाएं।

क्‍या सहेली या बहन पिला सकती है आपके बच्‍चे को दूध

ब्रेस्‍ट मिल्‍क के जरिए एचआईवी जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। इसके अलावा शारीरिक संपर्क में आने से थ्रश जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं। निप्‍पल पर यीस्‍ट इंफेक्‍शन होने पर शिशु के मुंह में थ्रश हो सकता है।

दूध पिलाने वाली महिला को बीमारी की जानकारी नहीं भी होती है और ऐसे में आपका बच्‍चा खतरे में आ सकता है। इस स्थिति में आप पंपिंग याबोतल से दूध पिलाने का विकल्‍प चुन सकती हैं।
दूध पिलाने वाली महिला सिगरेट या कोई अन्‍य तरह का नशा करती होगी तो उसका बुरा असर आपके शिशु पर पड़ सकता है। दवा या हर्बल मिश्रण का सेवन करना भी ब्रेस्‍ट मिल्‍क को प्रभावित कर सकता है।

नर्सिंग मदर द्वारा डॉक्‍टर के पर्चे के बिना ली जा रही दवा का असर भी आपके बच्‍चे पर पड़ सकता है। वहीं, शराब भी ब्रेस्‍ट मिल्‍क के जरिए आपके शिशु तक पहुंच सकती है।

किसी दोस्‍त या परिवार की किसी महिला से पंप ब्रेस्‍ट मिल्‍क लिया जा सकता है। इसके अलावा आपके बच्‍चे को दूध पिलाने वाली महिला की मेडिकली जांच होनी चाहिए और वह कोई ऐसी दवा या जड़ी-बूटी नहीं ले रही हों, जिसका असर ब्रेस्‍ट मिल्‍क पर पड़ सकता हो।

वहीं, सिगरेट, गैर-कानूनी दवाओं या शराब का सेवन करने वाली महिलाओं का दूध भी बच्‍चे के लिए नुकसानदायक होता है। यदि आप अपने बच्‍चे के पास दूध पिलाने के लिए हर समय नहीं रह सकती हैं तो दूध को सही तरह से स्‍टोर करने के तरीके सीखें। जानें कैसे आप अपनी गैर-मौजूदगी में अपने बच्‍चे को दूध पिला सकती हैं।
दूध को स्‍टोर करने के लिए साफ बर्तन का इस्‍तेमाल करें। प्‍लास्टिक बोतल या प्‍लास्टिक ब्रेस्‍ट मिल्‍क बैग का प्रयोग कर सकती हैं। कांच की बोतल चटक या टूट सकती है।
ब्रेस्‍ट मिल्‍क की बोतल पर तारीख जरूर लिखें और सबसे पहले सबसे पुरानी बोतल के दूध का इस्‍तेमाल करें।ब्रेस्‍ट पंप को साफ करना बहुत जरूरी है। गर्म पानी में इसे अच्‍छी तरह से धोएं।ब्रेस्‍ट मिल्‍क को स्‍टोर करने के लिए बोतल में भरने से पहले हाथों को धोना जरूरी है।स्‍टोर मिल्‍क में बैक्‍टीरिया आसानी से पनप सकता है, इसलिए जितना हो सके हर चीज को साफ करने की कोशिश करें।

वैसे आपको जितना हो सके यही कोशिश करनी चाहिए कि आपके बच्‍चे को आपका ही दूध मिले। यही शिशु के लिए सबसे ज्‍यादा फायदेमंद और सुरक्षित होता है।
बोतल छुड़वाने का बेहतरीन विकल्‍प सिपी कप होते हैं। इसमें से दूध गिरता भी नहीं है और बच्‍चों को आसानी से इसकी आदत भी हो जाती है। बच्‍चे सिपी कप को दोनों तरफ से आसानी से पकड़ भी सकते हैं। वहीं बच्‍चों को सिपी कप दिखने में बहुत अच्‍छे लगते हैं।
बोतल से दूध पीने की आदत छुड़वाने की एक बहुत पुरानी ट्रिक है जो आज भी काम करती है। आप अपने बच्‍चे को बोतल में जब भी दूध दें तो उसे पतला रखें और कप में गाढ़ा और दूध को टेस्‍टी बनाकर दें। इससे धीरे-धीरे बच्‍चे को समझ आने लगेगा कप का दूध ज्‍यादा टेस्‍टी है और वो बोतल की जगह कप से दूध पीना शुरू कर देगा।

बच्‍चों को कप से दूध पिलाने के लिए आपको एक सुंदर या कार्टून वाला कप चुनना चाहिए। ऐसी चीजें बच्‍चों को बहुत आकर्षित लगती हैं।

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