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3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
जनà¥à¤® के बाद शिशॠजैसे-जैसे बड़े होते हैं, महीने दर महीने उनका शारीरिक, मानसिक व à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास होता है। वो हर महीने कà¥à¤› नया सीखते हैं। नीचे हम 3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों और उनके विकास के माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास
चेहरे की पहचान – शिशॠजब तीन महीने का होता है, तो वो अपने आस-पास के लोगों को थोड़ा-थोड़ा पहचानने लगता है। साथ ही जो हमेशा उसके साथ रहते हैं, शिशॠउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूर से ही पहचानने लगता है ।
आवाज सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना – कई बार जब वो कोई जानी-पहचानी आवाज सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं, तो उसे सà¥à¤¨à¤•र मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ लगते हैं या उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ होने लगते हैं।
आवाजों को सà¥à¤¨à¤•र ढूंà¥à¤¨à¤¾ – कई शिशॠमà¥à¤¯à¥‚जिक सà¥à¤¨à¤•र या किसी की आवाज सà¥à¤¨à¤•र उस धà¥à¤µà¤¨à¤¿ की तरफ अपना सिर घूमाते हैं और आवाज कहां से आ रही है, यह पता करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा, कà¥à¤› आवाजों की नकल à¤à¥€ करने लगते हैं, लेकिन कई बार शिशॠकà¥à¤› आवाजों से तंग होकर रोने à¤à¥€ लगते हैं ।
बात करने की कोशिश – कà¤à¥€-कà¤à¥€ जब कोई उनके साथ खेलता या बात करता है तो शिशॠà¤à¥€ अपने तरीके से जैसे – हाथों-पैरों को हिलाकर और आà¤à¤–ों के इशारों से उनसे बात करने की कोशिश करते हैं। हालांकि कà¤à¥€-कà¤à¥€ बड़ों के कà¥à¤› हरकतों से शिशॠचिॠà¤à¥€ जाते हैं ।
शारीरिक विकास
सिर को उठाना – जब शिशॠतीन महीने के होते हैं, तो धीर-धीरे कà¥à¤› हरकतें सीखने लगते हैं। जब वो पेट के बल लेटते हैं, तो अपने सिर और सीने को हलà¥à¤•ा-हलà¥à¤•ा ऊपर उठाने की कोशिश करते हैं और कà¥à¤› हद तक इस कोशिश में कामयाब à¤à¥€ हो जाते हैं। कई बार तो वो सिर को कà¥à¤› सेकंड के लिठसà¥à¤¥à¤¿à¤° रखने में à¤à¥€ कामयाब हो जाते हैं ।
हाथों पर शरीर का वजन संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ – जब शिशॠपेट के बल लेटते हैं, तो कà¤à¥€-कà¤à¥€ वो अपने हाथों पर अपने शरीर का à¤à¤¾à¤° देने की कोशिश करते हैं। वो अपने हाथों पर जोर देकर शरीर या सिर को उठाने की कोशिश करते हैं
खिलौनों को पकड़ना सीखते हैं – तीसरे माह में शिशॠकà¥à¤› चीजों को पकड़ना सीखने लगते हैं। उनके सामने उनके पसंद के खिलौने या अनà¥à¤¯ कोई चीज रहे, तो वो उसे पकड़ने, खींचने और फेंकने लगते हैं। वो मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी को खोलने व बंद करने लगते हैं, जिस कारण वो चीजों को पकड़ना और अनजाने में चीजों को गिराना सीखने लगते हैं ।
चीजों को देखना – कà¤à¥€-कà¤à¥€ वो किसी चीज को हिलते हà¥à¤ देखते हैं, तो उसको कà¥à¤› कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठदेखते रहते हैं या किसी आवाज को सà¥à¤¨à¤•र उसकी तरफ देखते हैं या पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ देते हैं।
मà¥à¤‚ह में हाथ डालना – इस दौरान वो अंगूठा चूसना या मà¥à¤‚ह में हाथ डालना à¤à¥€ सीखने लगते हैं, जो कà¤à¥€-कà¤à¥€ उनके à¤à¥‚ख लगने का संकेत à¤à¥€ देता है।
पीठके बल लेटने पर हाथ-पांव चलाना – तीसरे महीने में जब शिशॠको पीठके बल लेटाया जाता है और उनका मूड अचà¥à¤›à¤¾ होता है, तो वो तेज-तेज हाथ-पांव चलाते हैं। यह उनके खेलने का संकेत होता है, जिन चेहरों को वो पहचानने लगते हैं, उनके सामने à¤à¥€ वो à¤à¤¸à¤¾ ही करते हैं ।
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
जाने-पहचाने चेहरे को देख मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ – तीसरे महीने तक आते-आते शिशॠलोगों को थोड़ा-थोड़ा पहचानना सीख जाते हैं। जो उनके आस-पास जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ बिताते हैं, उनके साथ होने पर वो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं और मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ और खिलखिलाने à¤à¥€ लगते हैं। अपने à¤à¤¾à¤ˆ-बहनों को देखकर या दूसरे शिशà¥à¤“ं को देखकर à¤à¥€ कई बार वो उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ होकर खिलखिलाने लगते हैं ।
लोगों के साथ खेलना – तीसरे महीने में आने के बाद शिशॠहाथ-पैर को चलाकर खेलना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। जिनके चेहरे वो पहचानते हैं, उनके सामने आने से वो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ होकर अपने हाथ-पैर चलाते हैं और खेलने का संकेत देने लगते हैं। जब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खेलना या शिशॠपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना बंद कर देते हैं, तो कई बार वो रोने à¤à¥€ लगते हैं ।
अंजान के आसपास असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करना – शिशॠअगर परिचित चेहरों को देखकर खà¥à¤¶ होते हैं और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करते हैं। वहीं, अनजान के सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ से या उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखकर या अनजान लोगों के पास आने पर रोने à¤à¥€ लग सकते हैं या चिड़चिड़ाकर अपने à¤à¤¾à¤µ को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हैं ।
तीन माह के शिशॠको लगने वाले टीकों के बारे में जानने के लिठपढ़ते रहें यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के टीकाकरण की सूची
शिशॠके जनà¥à¤® के साथ ही उसके सही सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥€ माता-पिता और परिवार की होती है। जनà¥à¤® के बाद शिशॠको सेहतमंद रखने के लिठउसका टीकाकरण समय पर करवाना जरूरी है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार देशà¤à¤° में टीकाकरण केंदà¥à¤° चलाती है, जहां मà¥à¤«à¥à¤¤ में टीके लगवाठजाते हैं। वहीं, निजी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में टीकाकरण के लिठकà¥à¤› शà¥à¤²à¥à¤• देना पड़ता है। यहां हम उन टीकों के बारे में बात कर रहे हैं, जो 10 हफà¥à¤¤à¥‡ या उससे अधिक उमà¥à¤° के शिशॠको लगने चाहिठ(5)।
डीटी डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚ पी 2
आईपीवी 2
हिब 2
रोटावायरस 2
पीसीवी 2
ऊपर दी गई सूची में जिन टीकों के नाम हैं, उनको कब-कब लगवाना है, उसकी जानकारी आपको शिशॠविशेषजà¥à¤ž से आसानी से मिल जाà¤à¤—ी। इसके अलावा, शिशॠके जनà¥à¤® के बाद माता-पिता को टीकाकरण का चारà¥à¤Ÿ à¤à¥€ दिया जाता है, उससे à¤à¥€ आपको काफी जानकारी मिल सकती है। अगर कोई उलà¤à¤¨ हो, तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले सकते हैं।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीनों में शिशॠकी पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ कमजोर होती है और वो कम दूध पीते हैं। वहीं, महीने-दर-महीने उनकी à¤à¥‚ख बà¥à¤¨à¥€ शà¥à¤°à¥‚ होती है और तीसरे महीने तक आते-आते पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध का सेवन शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। नीचे हम उसी के बारे में आपको जानकारी देंगे।
मां का दूध : तीसरे महीने में शिशॠहाथ-पैर पटक कर खेलता है और अनà¥à¤¯ हरकतें à¤à¥€ करता है, जिसमें उसकी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ऊरà¥à¤œà¤¾ खरà¥à¤š होती है। साथ ही उसका पेट à¤à¥€ बà¥à¤¤à¤¾ है, जिस कारण उसे à¤à¥‚ख जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लगती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हर रोज 500 से 900 à¤à¤®à¤à¤² मां के दूध की जरूरत होती है । शिशॠ24 घंटे में 8 से 12 बार मां के दूध का सेवन कर सकता है । हालांकि, हर शिशॠकी जरूरतें और सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ अलग-अलग होते हैं, तो उसी आधार पर हो सकता है कि हर किसी के दूध पीने की आदत में थोड़ा अंतर हो।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध : यह तो सà¤à¥€ जानते हैं कि 6 महीने तक शिशॠके लिठमां के दूध से बेहतर और कà¥à¤› नहीं है, लेकिन फिर à¤à¥€ कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दिया जा सकता है। तीन महीने के शिशॠको 177 à¤à¤®à¤à¤² फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध का सेवन 5 से 6 बार करा सकते हैं ।
कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि ननà¥à¤¹à¤¾ शिशॠकितने घंटे सोता है? अगर नहीं, तो आइठपता करते हैं।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
जनà¥à¤® के बाद शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद मिलनी आवशà¥à¤¯à¤• है। शिशॠके सोने का कोई निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ वकà¥à¤¤ नहीं होता है। अगर तीन महीने के शिशॠकी नींद की बात करें, तो वो औसतन 15 घंटे सो सकते हैं। रात को 9 से 10 घंटे और दिन में कम से कम 4 से 5 घंटे ।
आगे जानिठतीन महीने का शिशॠकà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ गतिविधियां करता है।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखेलें और गतिविधियां
शिशॠजब तीन महीने के होते हैं, तो वो थोड़ी बहà¥à¤¤ गतिविधियां करने लगते हैं और लोगों को पहचानने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में माता-पिता और घर के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ और उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने के लिठउनके साथ कई तरह के गेमà¥à¤¸ खेल सकते हैं। नीचे हम उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ के बारे में बता रहे हैं :
शिशॠको बाहर की खà¥à¤²à¥€ हवा में घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ ले जाà¤à¤‚ या फिर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूसरे शिशà¥à¤“ं के सामने लेकर बैठें, ताकि वो उनके साथ घà¥à¤²à¤¨à¥‡-मिलने की कोशिश करें।
जब आप शिशॠके साथ घर में वकà¥à¤¤ बिता रहे हों, तो शिशॠको पेट के बल लेटा दें और उसके सामने उसके पसंदीदा खिलौना रख दें और उसे खिलौना पकड़ने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें। तीन महीने में शिशॠथोड़ा बहà¥à¤¤ चीजों को पकड़ना सीखने लगते हैं।
तीन महीने में शिशॠआवाज सà¥à¤¨à¤•र पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में उनके सामने मà¥à¤¯à¥‚जिक चला दें, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आवाज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज न हो वरना शिशॠचिड़चिड़ा à¤à¥€ सकते हैं। आप उनके सामने तरह-तरह की आवाजें निकालें, ताली बजाà¤à¤‚, आवाज वाले खिलौने रखें। आप चाहें तो ताली बजाकर छà¥à¤ª जाà¤à¤‚, ताकि वो आपको ढूढें। आप आवाज निकालने वाले खिलौनों को छà¥à¤ªà¤¾à¤•र बजाà¤à¤‚, ताकि वो आवाज को ढूंढें।
आप उनके सामने लà¥à¤•ा-छिपी जैसे खेल à¤à¥€ खेल सकते हैं और उनके सामने अलग-अलग तरह की लाइट जलाकर उनका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ खींच सकते हैं।
यहां हम शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› जानकारियां दे रहे हैं, जिन पर माता-पिता का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना जरूरी है।
तीन महीने के शिशॠको लेकर माता-पिता की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी चिंताà¤à¤‚
शिशॠके विकास के साथ-साथ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ होने लगती हैं, जो आम हैं। वहीं, शिशॠको हलà¥à¤•ी सी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर माता-पिता चिंतित हो जाते हैं। नीचे हम तीन महीने के शिशॠकी कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के बारे में बता रहे हैं, जिनका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है –
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम – शिशॠकी रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होती है। à¤à¤¸à¥‡ में मौसम में थोड़ा à¤à¥€ बदलाव होते ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम या फिर सांस संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। साथ ही नाक बहने जैसी परेशानी à¤à¥€ हो सकती है (10)। अगर शिशॠको तेज बà¥à¤–ार है या शिशॠदूध नहीं पी रहा है, तो बाल रोग विशेषजà¥à¤ž से मिलें और शिशॠकी जांच करवाà¤à¤‚।
कम वजन – कई बार शिशॠको संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ à¤à¥€ हो जाते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी और वजन कम होने का खतरा हो जाता है
कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ – शिशॠको कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ हो सकता है, जिस कारण वो चिड़चिड़े होकर रोने लगते हैं। इसका à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही सामानà¥à¤¯ कारण है शिशà¥à¤“ं को सोने या लेटने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दूध पिलाना। इसलिà¤, दूध पिलाते वकà¥à¤¤ शिशॠके सिर को छाती के मà¥à¤•ाबले ऊपर रखें। अगर शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रोते हैं या चिड़चिड़े होते हैं, तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर संपरà¥à¤• करें ।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ – डायपर की वजह से शिशॠको डायपर रैशेज हो सकते हैं। इसके अलावा, अनà¥à¤¯ तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी परेशानियां जैसे – खà¥à¤œà¤²à¥€ होना व à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ होने जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है ।
अगर शिशॠलगातार रो रहा है, चिड़चिड़ा हो जाà¤, दूध न पिठया बेचैन रहे है, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में समठजाà¤à¤‚ कि शिशॠको कोई शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है। इसलिà¤, बिना देर करते हà¥à¤ तà¥à¤°à¤‚त शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
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