3 महीने का शिशु क्या कर सकता है?HealthPlanet

Posted on Tue 28th Feb 2023 : 14:27

3 महीने के बच्चे के विकास के माइल्सटोन क्या हैं-

जन्म के बाद शिशु जैसे-जैसे बड़े होते हैं, महीने दर महीने उनका शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक विकास होता है। वो हर महीने कुछ नया सीखते हैं। नीचे हम 3 महीने के बच्चे की गतिविधियों और उनके विकास के माइल्सटोन के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

मस्तिष्क विकास

चेहरे की पहचान – शिशु जब तीन महीने का होता है, तो वो अपने आस-पास के लोगों को थोड़ा-थोड़ा पहचानने लगता है। साथ ही जो हमेशा उसके साथ रहते हैं, शिशु उन्हें दूर से ही पहचानने लगता है।

आवाज सुनने पर प्रतिक्रिया देना – कई बार जब वो कोई जानी-पहचानी आवाज सुनते हैं, तो उसे सुनकर मुस्कुराने लगते हैं या उत्साहित होने लगते हैं।

आवाजों को सुनकर ढूंढ़ना – कई शिशु म्यूजिक सुनकर या किसी की आवाज सुनकर उस ध्वनि की तरफ अपना सिर घूमाते हैं और आवाज कहां से आ रही है, यह पता करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा, कुछ आवाजों की नकल भी करने लगते हैं, लेकिन कई बार शिशु कुछ आवाजों से तंग होकर रोने भी लगते हैं।

बात करने की कोशिश – कभी-कभी जब कोई उनके साथ खेलता या बात करता है तो शिशु भी अपने तरीके से जैसे – हाथों-पैरों को हिलाकर और आँखों के इशारों से उनसे बात करने की कोशिश करते हैं। हालांकि कभी-कभी बड़ों के कुछ हरकतों से शिशु चिढ़ भी जाते हैं।

शारीरिक विकास

सिर को उठाना – जब शिशु तीन महीने के होते हैं, तो धीर-धीरे कुछ हरकतें सीखने लगते हैं। जब वो पेट के बल लेटते हैं, तो अपने सिर और सीने को हल्का-हल्का ऊपर उठाने की कोशिश करते हैं और कुछ हद तक इस कोशिश में कामयाब भी हो जाते हैं। कई बार तो वो सिर को कुछ सेकंड के लिए स्थिर रखने में भी कामयाब हो जाते हैं।

हाथों पर शरीर का वजन संभालना – जब शिशु पेट के बल लेटते हैं, तो कभी-कभी वो अपने हाथों पर अपने शरीर का भार देने की कोशिश करते हैं। वो अपने हाथों पर जोर देकर शरीर या सिर को उठाने की कोशिश करते हैं।

खिलौनों को पकड़ना सीखते हैं – तीसरे माह में शिशु कुछ चीजों को पकड़ना सीखने लगते हैं। उनके सामने उनके पसंद के खिलौने या अन्य कोई चीज रहे, तो वो उसे पकड़ने, खींचने और फेंकने लगते हैं। वो मुट्ठी को खोलने व बंद करने लगते हैं, जिस कारण वो चीजों को पकड़ना और अनजाने में चीजों को गिराना सीखने लगते हैं।

चीजों को देखना – कभी-कभी वो किसी चीज को हिलते हुए देखते हैं, तो उसको कुछ क्षणों के लिए देखते रहते हैं या किसी आवाज को सुनकर उसकी तरफ देखते हैं या प्रतिक्रिया भी देते हैं।

मुंह में हाथ डालना – इस दौरान वो अंगूठा चूसना या मुंह में हाथ डालना भी सीखने लगते हैं, जो कभी-कभी उनके भूख लगने का संकेत भी देता है।

पीठ के बल लेटने पर हाथ-पांव चलाना – तीसरे महीने में जब शिशु को पीठ के बल लेटाया जाता है और उनका मूड अच्छा होता है, तो वो तेज-तेज हाथ-पांव चलाते हैं। यह उनके खेलने का संकेत होता है, जिन चेहरों को वो पहचानने लगते हैं, उनके सामने भी वो ऐसा ही करते हैं।

सामाजिक और भावनात्मक विकास

जाने-पहचाने चेहरे को देख मुस्कुराना – तीसरे महीने तक आते-आते शिशु लोगों को थोड़ा-थोड़ा पहचानना सीख जाते हैं। जो उनके आस-पास ज्यादा वक्त बिताते हैं, उनके साथ होने पर वो प्रतिक्रिया देते हैं और मुस्कुराने और खिलखिलाने भी लगते हैं। अपने भाई-बहनों को देखकर या दूसरे शिशुओं को देखकर भी कई बार वो उत्साहित होकर खिलखिलाने लगते हैं।

लोगों के साथ खेलना – तीसरे महीने में आने के बाद शिशु हाथ-पैर को चलाकर खेलना शुरू कर देते हैं। जिनके चेहरे वो पहचानते हैं, उनके सामने आने से वो ज्यादा उत्साहित होकर अपने हाथ-पैर चलाते हैं और खेलने का संकेत देने लगते हैं। जब व्यक्ति खेलना या शिशु पर ध्यान देना बंद कर देते हैं, तो कई बार वो रोने भी लगते हैं।

अंजान के आसपास असुरक्षित महसूस करना – शिशु अगर परिचित चेहरों को देखकर खुश होते हैं और सुरक्षित महसूस करते हैं। वहीं, अनजान के स्पर्श से या उन्हें देखकर या अनजान लोगों के पास आने पर रोने भी लग सकते हैं या चिड़चिड़ाकर अपने भाव को व्यक्त करते हैं।

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