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26 सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास
सिर से एड़ी तक आपके शिशु का माप अब 35.6 सें.मी. (14 इंच) से ज्यादा हो गया है, यानि कि एक लगभग एक हरी प्याज के जितना लंबा। उसका वजन भी करीब 760 ग्राम पहुंच गया है। उसके बढ़ते शरीर को मजबूत होती रीढ़ का सहारा मिल रहा है, जिसमें अब 150 जोड़ (जाइंट्स), 33 छल्ले (रिंग) और 1000 अस्थिबंध (लिगामेंट्स) हैं।

आपके शिशु की आवाज के प्रति प्रतिक्रिया अधिक समान ढंग से बढ़ रही है, क्योंकि उसका मस्तिष्क अब अधिक विकसित है। वह अब और अधिक स्पष्ट तौर पर सुन सकता है, और शायद वह आप और आपके पति की अलग-अलग आवाज को पहचान भी सकता है। यह शुरुआती पहचान जन्म के बाद उसे आपसे और आपके पति से मजबूत बंधन बनाने में मदद करेगी।

आपके शिशु के फेफड़े विकसित होना जारी रखेंगे, महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाएं विकसित हो रही हैं और नए वायुमार्ग निकल रहे हैं। इन्हें श्वसन पेड़ (रेस्पिरेटरी ट्री) के तौर पर भी जाना जाता है।

इन वायुमार्गों के सिरों पर वायुकोष (छोटे अंगूर के आकार की संरचना जिसे एलवेओली कहा जाता है) बनेंगे। आपका शिशु जन्म के बाद जब अपनी पहली सांस लेगा, ये वायुकोष हवा से भर जाएंगे। उसकी बहुत ही छोटी रक्त वाहिकाओं के जरिये उसके रक्वप्रवाह में आॅक्सीजन का समाहन कर लिया जाएगा।
गर्भावस्था के 26वें सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन

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आप जल्द ही अपनी तीसरी तिमाही में प्रवेश करने वाली हैं। तीसरी तिमाही 27 सप्ताह की गर्भावस्था पूरी होने पर शुरु होती है। इसके बाद जल्द ही आप अपने नन्हें शिशु को गोद में खिला रही होंगी।

इस समय के आसपास, आप अपने रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में थोड़ी बढ़त देख सकती है, जो कि सामान्य है। इस समय से आपकी डॉक्टर प्री-एक्लेमप्सिया को लेकर आप पर अधिक निगरानी रखेंगी। उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) को प्री-एक्लेमप्सिया से जोड़ा जाता है।

हालांकि, यदि प्री-एक्लेमप्सिया की पहचान न हो पाए, तो आप इसके लक्षणों पर ध्यान दें। इनमें शामिल हैं तेज सिरदर्द, धुंधला दिखना और हाथों व पैरों में सूजन। इसलिए यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हों, तुरंत अपनी डॉक्टर से संपर्क करें। गर्भावस्था के अन्य ऐसे लक्षणों के बारे में जानें जिन्हें अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान श्वासहीनता होना भी एक आम दुष्प्रभाव है। चिंता न करें, आपकी श्वसन प्रणाली गर्भावस्था के अनुसार ढल जाती है, ताकि आपका शरीर अधिक निपुणता से आॅक्सीजन का संसाधन कर सके। बहरहाल, यदि आपको अन्य लक्षण जैसे कि छाती में दर्द, धकधकी, तेज ह्दय गति या हाथों व पैरों की उंगलियों में चिपचिपापन महसूस हो, तो तुरंत अपनी डॉक्टर से संपर्क करें।

यदि आपके गर्भ में पुत्र पल रहा है, तो उसके वृषण श्रोणी क्षेत्र से अंडकोष तक आने का अपना सफर जारी रखेंगे। शिशु के जन्म के कुछ समय पहले वृषण अपने अंतिम स्थान पर पहुंच जाएंगे। हालांकि, जन्म के बाद पहले छह महीनों में भी ऐसा होना जारी रहना काफी आम है।

आपके शिशु की स्वाद कलिकाएं अब पूरी तरह विकसित हो चुकी हैं, उसके नथुने अब खुलने लगे हैं और उसके मुंह और होंठ अब अधिक संवेदनशील हो रहे हैं। उसके मसूढ़ों में ऊपर दांतों के अंकुर उभरने लगे हैं, जो कि अंतत वयस्क कृन्तक दांत (इनसाइजर) और श्वदंत (कैनाइन) बनेंगे।

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