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दिन में इतने शब्‍द बोल लेता है दो साल का बच्‍चा, जानिए आपके बच्‍चे ने क्‍या-क्‍या है सीख लिया

अपने बच्‍चे को दो साल का होता देख, आपकी तो खुशी का ठिकाना नहीं होगा। आप भी सोच रहे होंगे कि बच्‍चे के जन्‍म के बाद ये दो साल का समय कब बीत गया। जैसे-जैसे शिशु की उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे वो नई-नई चीजें भी सीखता जाता है और उसका विकास होता जाता है।


अगर आपका बच्‍चा दो साल का होने वाला है या हो गया है, तो आपको पता होना चाहिए कि अब तक उसे क्‍या-क्‍या सीख लेना चाहिए या उसका कितना विकास हो जाना चाहिए।

इस आ‍र्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि दो साल के बच्‍चे का कितना विकास हो जाता है और वो क्‍या-क्‍या सीख लेता है।

​कम्‍यूनिकेशन और लैंग्‍वेज स्किल्‍स

दो साल के होने तक बच्‍चा एक दिन में 50 से ज्‍यादा शब्‍द बोलना शुरू कर देता है। अब वो एक साथ दो-चार शब्‍दों का वाक्‍य बोलने लगता है। चीजों का नाम सुनने पर उनकी ओर उंगली करना, पेरेंट्स, भाई-बहनों, शरीर के अंगों और कुछ चीजों के नाम जानना, आसान से निर्देशों को समझना और बातचीत करते समय आपकी बात को दोहराने लगता है।

​मूवमेंट स्किल्‍स

इस उम्र में बच्‍चा अपने पैरों की उंगलियों पर खड़े होना, गेंद को किक मारना, दौड़ना, पलंग या सोफ से बिना किसी की मदद के चढ़ना और उतरना, सहारे से सीढियों पर चढ़ना और उतरना और हाथ से गेंद फेंकने लगता है।

अब बच्‍चे को चलने के लिए वॉकर की जरूरत नहीं पड़ती है। खेलने, फिसलने, चढ़ने और दौड़ने से बच्‍चे के मोटर स्किल्‍स अपने आप ही सुधरने लगते हैं।


​काॅग्‍नीटिव स्किल्‍स

कॉग्‍नीटिव यानि बच्‍चे की सीखने और सोचने की क्षमता। दो साल का बच्‍चा छिपी हुई चीजों को ढूंढ सकता है, वो आकार और रंगों की पहचान करने लगता है, कविताएं गुनगुनाने लगता है। 4 या इससे ज्‍यादा ब्‍लॉक से टॉवर बना सकता है।

अगर आप दो साल के बच्‍चे को कोई काम करने जैसे कि अपनी पेंसिल या खिलौना उठाने के लिए कहते हैं, तो वो उसे समझकर पूरा कर लेता है।

यदि आपका बच्‍चा दो साल की उम्र में इतना सब करने लगा है, तो समझ लें कि उसका विकास ठीक तरह से हो रहा है। किताब में से बिल्‍ली, कुत्ते या पंछी की तस्‍वीर देखकर उसका नाम ले सकता है।

​सोशल और इमोशनल डेवलपमेंट

अपने आसपास के लोगों को कॉपी करना, दूसरे बच्‍चों को देखकर खुश हो जाना, खुद से ज्‍यादा से ज्‍यादा चीजें संभाल लेना, आपकी बात सुनने और समझने लगता है।

दो साल का बच्‍चा बड़े बच्‍चें की तरह व्‍यवहार करने लगता है लेकिन उसे आपकी अटेंशन की बहुत जरूरत होती है। अब बच्‍चा लड़का और लड़की में फर्क समझ सकता है जैसे कि अगर लड़का है तो वो अपने पापा की तरह चलने की कोशिश कर सकता है। वहीं लड़कियां मम्‍मी की लिपस्टिक लगाना शुरू कर देती हैं।

​डॉक्‍टर को कब दिखाएं
9, 18 और 30 महीने के होने पर बच्‍चे को डेवलपमेंट स्‍क्रीनिंग के लिए ले जाना चाहिए। ऑटिज्‍म से ग्रस्‍त बच्‍चों की 18 और 24 महीने के होने पर स्‍क्रीनिंग करवानी चाहिए।

यदि आपका दो साल का बच्‍चा 'दूध पीना है' जैसे आसाना वाक्‍य भी नहीं बोल पा रहा है, उसे ब्रश, फोन, चम्‍मच को भी पहचानना नहीं आ रहा है, वो शब्‍दों को सुनकर उन्‍हें दोहरा नहीं पा रहा है, सीधा नहीं चल पा रहा है तो आपको उसे एक बार पीडियाट्रिशियन को दिखा देना चाहिए।

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