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प्रेग्नेंसी के पांचवे सप्ताह में जब एक महिला प्रवेश करती है, तो वह प्रेग्नेंसी का दूसरा महीना (Second Month Pregnancy) कहलाता है। गर्भावस्था के दूसरे महीने में शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। पहले महीने में दिखने वाले लक्षणों से दूसरे महीने में नजर आने वाले लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं। सुबह उठकर थकान, उल्टी, जी मिचलाना, सिरदर्द आदि कॉमन प्रेग्नेंसी के लक्षण (Pregnancy symptoms in Hindi) हैं।

प्रेग्नेंसी के दूसरे महीने नजर आने वाले लक्षण :-

1 दूसरे महीने में प्रेग्नेंट महिला को सुबह मॉर्निंग सिकनेस की समस्या (Symptoms of pregnancy in hindi) बहुत ज्यादा होती है। सुबह उठते ही जी मिचलाना अधिक महसूस कर सकती हैं।

2 मूड में बहुत बदलाव आता है। बात-बात पर चिड़चिड़ापन, खीजना, गुस्सा करना कई महिलाओं (2 months pregnant symptoms) में देखा जा सकता है। इसकी मुख्य वजह है प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन में बदलाव होना। यह मस्तिष्क के रासायनिक संरचना में बदवाल होने के कारण होता है।

3 दूसरे महीने में आपको बार-बार पेशाब करने का मन कर सकता है। भले आप पेशाब जाएं, लेकिन पानी पीना कम ना करें, क्योंकि प्रेग्नेंसी में हाइड्रेटेड रहना बहुत जरूरी होता है।

4 आपके ब्रेस्ट का साइज बढ़ने लगता है। हो सकता है आपको पहले के ब्रा फिट ना हों। ब्रेस्ट को छूने से आपको दर्द भी महसूस हो सकता है। ब्रेस्ट के साथ ही वजन भी बढ़ना शुरू हो सकता है।

5 किसी-किसी महिलाओं की भूख खत्म हो जाती है। वो जो कुछ भी खाती हैं, उल्टी हो जाती है। तो कुछ महिलाओं को तरह-तरह की चीजें खाने का मन करता है। कुछ महिलाओं को खाने की महक नहीं भाती है।

प्रेग्नेंसी के दूसरे महीने में हो सकती हैं ये समस्याएं:-
आपको बार-बार लार बन सकता है।
कब्ज की शिकायत हो सकती है।
सीने और पेट में जलन।
अपच, गैस या फिर पेट खराब हो सकता है।
खाने की इच्छा में कमी।
सिरदर्द, चक्कर आना बहुत कॉमन है।
निप्पल के आसपास का भाग अधिक डार्क हो जाना।
शरीर में खासकर, पैरों में सूजन रहना।
योनी से हल्का रक्तस्राव होना।

गर्भावस्था के दूसरे महीने में बरतें ये सावधानियां (precautions for second month of pregnancy):-
आराम करें। अधिक भारी चीजें ना उठाएं।
लिक्विड पदार्थ अधिक लें। प्रेग्नेंसी में खुद को हाइड्रेट रखना जरूरी है।
भोजन घर का खाएं। फल-सब्जियों को अच्छी तरह से धोकर खाएं।
एक बार में ही अधिक खाने से बचें। थोड़ा-थोड़ा खाएं। इससे खाना जल्दी पच जाएगा।
ब्रेस्ट का साइज बढ़ने लगता है, ऐसे में सपोर्टिव ब्रा पहनें।

दूसरे महीने से गर्भ में पल रहे भ्रूण को भी अल्ट्रासाउंड करवाते समय देखा जा सकता है।

प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में शिशु का विकास:-
हड्डियां बननी शुरू हो जाती हैं।
शिशु का वजन बढ़ना शुरू हो जाता है।
शिशु के दोनों कान बनने शुरू हो जाते हैं।
आहार नालिका का विकास शुरू हो जाता है।
शिशु हल्का फूलका महसूस करना शुरू कर देता है।
दोनों हाथ, पैर और उनकी उंगलियां बननी शुरू हो जाती हैं।

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