Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दूध की जरुरत होती है?
माँ की गोद में बोतल से दूध पीता शिशु
In this article
मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा बच्चा भूखा है?
मुझे शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दूध देना चाहिए?
मुझे कैसे पता चलेगा कि शिशु को सही मात्रा में फॉर्मूला दूध मिल रहा है?
जैसे-जैसे शिशु बड़ा होगा, उसे कितना दूध पीना चाहिए?
फॉर्मूला दूध की जगह ठोस आहार देना कब शुरु करना चाहिए?
कितना बड़ा है आपके शिशु का पेट
चैरी से भरा कटोरायहां जानें कि आपके नन्हें शिशु के पेट का माप कितना होता है!
अपने शिशु को हर दिन कितनी मात्रा में फॉर्मूला दूध देना चाहिए, यह समझ पाना मुश्किल हो सकता है। और इस बात का कोई एक जवाब भी नहीं है। दूध की मात्रा आपके शिशु की उम्र और वजन पर निर्भर करती है।
साथ ही, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप उसे केवल फॉर्मूला दूध देती हैं या फिर साथ में स्तनदूध या ठोस आहार भी देती हैं।
यहां नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप यह पता लगा सकती हैं कि आपके शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दूध की आवश्यकता है।
मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा बच्चा भूखा है?
आपके शिशु की भूख दिन-प्रतिदिन और महीने दर महीने अलग-अलग रहेगी, इसलिए शिशु को ही इस बात का निर्णय करने दें कि वह कब, और कितना दूध पीना चाहता है। सामान्यत: जब शिशु भूखे होते हैं तो वे खाते-पीते हैं और जब उनका पेट भर जाता है तो वे खाना-पीना बंद कर देते हैं।
यदि आप शिशु के भूख के लक्षणों को पहचानकर उनके अनुसार काम करें तो उसे दूध पिलाने की प्रक्रिया आपके और शिशु दोनों के लिए आसान हो जाएगी। नीचे दिए गए संकेतों पर ध्यान दें, आप समझ जाएंगी कि शिशु क्या चाह रहा है। आपका शिशु यह बता तो नहीं सकता कि उसे भूख लगी है, मगर यह दर्शा जरुर सकता है।
भूख के शुरुआती संकेत
जैसे ही आपको शिशु में नीचे बताए गए भूख के संकेत दिखें तो उसे तुरंत दूध पिलाएं, इससे आपका बच्चा शांति से भरपेट दूध पी पाएगा। यदि आप शिशु के रोने का इंतजार करती हैं, तो हो सकता है कि वह इतना मचल जाए कि फिर दूध ही न पीए।
नींद से जागते समय अपने होंठ चाटना
हाथों, जीभ या कपड़ों को चूसना
मुंह खोलना और बंद करना
वह आपकी छाती की तरफ अपना सिर कर रहा है और दूध पीने के लिए मुंह खोल रहा है। इस प्रक्रिया को अंग्रेजी में रुटिंग कहा जाता है।
हो सकता है आपका शिशु में उपर दिए गए संकेतों में से केवल एक-दो संकेत ही दर्शाए!
भूख बढ़ने के संकेत
सिर ऊपर-नीचे करना
चिड़चिड़ापन
जोर-जोर से सिर हिलाना
दूध मिलने में देरी के संकेत!
रोने लगना
शिशु का रोना शुरु करना इस बात का संकेत है कि उसे तेज भूख लगती है और आपने उसे दूध देने में देर कर दी है। रोते हुए शिशु को दूध पिलाना और ज्यादा मुश्किल है।
साथ ही, जब आप शिशु को दूध पिला रही हों, तो उन संकेतों पर नजर रखें, जो बताते हैं कि शिशु का पेट भर गया है। इन संकेतों में शामिल हैं दूध पीने की गति धीमी होना या आराम करने लगना।
दूध पीते समय बीच-बीच में शिशु इसलिए रुकता है, क्योंकि वह यह जानने का प्रयास करता है कि उसका पेट भरा है या नहीं।
मुझे शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दूध देना चाहिए?
अगर, आपके शिशु ने अभी ठोस आहार खाना शुरु नहीं किया है, तो आप एक अनुमानित आधार पर यह जान सकती है कि शिशु को कितना फॉर्मूला दूध दिया जाना चाहिए।
गर्भावस्था की पूर्ण अवधि पर जन्मे अधिकांश शिशुओं को हर दिन उसके वजन के अनुसार 150 मि.ली. और 200 मि.ली. फॉर्मूला दूध प्रति किलोग्राम चाहिए होगा। यानि कि अगर आपके शिशु का वजन तीन किलोग्राम है, तो पूरे 24 घंटों में अपनी भूख शांत करने के लिए उसे शायद 450 और 600 मि.ली. के बीच फॉर्मूला दूध चाहिए होगा।
हालांकि, हो सकता है जन्म के पहले सप्ताह में शिशु इससे कम दूध पीए, क्योंकि उसका पेट इस चरण पर बहुत छोटा सा होता है।
ये माप अनुमान पर आधारित हैं कि आपके शिशु को कितने दूध की जरुरत हो सकती है। जिस तरह आपकी भूख हर भोजन के समय अलग-अलग होती है, उसी तरह आपका शिशु भी हर बार एकदम समान मात्रा में दूध नहीं पी सकता। इसलिए उस पर बोतल का सारा दूध खत्म करने का दबाव न डालें, फिर चाहे बोतल में थोड़ा सा ही दूध क्यों न बचा हो।
यह भी ध्यान रखें कि यदि शिशु बीमार हो, दांत निकलने की वजह से असहज हो या फिर विकास में तेजी (ग्रोथ स्पर्ट) हो, तो उसकी फॉर्मूला दूध पीने की मात्रा कम या ज्यादा हो सकती है।
यदि आपके शिशु को कोई विशेष फॉर्मूला दूध पिलाने के लिए कहा गया है या उसका एक तय फीडिंग प्लान है तो अपनी डॉक्टर से पता करें कि उसे हर दिन कितना फॉर्मूला दूध देना चाहिए।
मुझे कैसे पता चलेगा कि शिशु को सही मात्रा में फॉर्मूला दूध मिल रहा है?
हमेशा ध्यान दें कि आप सही ढंग से फॉर्मूला दूध तैयार करें। यदि आप बहुत ज्यादा पानी मिलाएंगी तो दूध काफी पतला बनेगा और इससे शिशु को उचित विकास के लिए जरुरी पोषक तत्व भी नहीं मिलेंगे।
निम्नांकित संकेत यह बताते हैं कि आपके शिशु को सही मात्रा में फॉर्मूला दूध मिल रहा है:
नियमित वजन वृद्धि। जन्म के 10 दिन बाद भी उसका वजन बढ़ना जारी रहता है और पहले साल में उसका ग्रोथ कर्व उचित ढंग से बढ़ रहा है। जन्म के बाद शुरुआती कुछ दिनों में अधिकांश शिशुओं का जन्म वजन करीब 10 प्रतिशत तक कम हो जाता है और करीब 10 दिन का होने पर वजन फिर से बढ़ना शुरु हो जाता है। आपके शिशु के स्वास्थ्य और वजन की जांच डॉक्टर नियमित तौर पर करेंगे। यदि शिशु का वजन बढ़ रहा है, तो यह इस बात का भी संकेत है कि वह स्वस्थ है और सही मात्रा में दूध पी रहा है।
गीले डायपर। आपका शिशु पर्याप्त दूध पी रहा है यह जानने के लिए आप ध्यान दें कि वह दिन में कितनी लंगोट या डायपर गीले कर रहा है। जन्म के बाद शुरुआती दो-तीन दिनों में वह शायद कुछ ही लंगोट गीली करेगा। मगर, इसके बाद एक दिन में कम से कम छह लंगोट साफ या हल्के पीले पेशाब में भीगी होनी चाहिए। अगर शिशु इससे कम बार पेशाब कर रहा है, तो शायद उसे पर्याप्त दूध नहीं मिल रहा। इससे उसे निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) हो सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |