Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशà¥à¤“ं à¤à¤µà¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बà¥à¤–ार के लकà¥à¤·à¤£, कारण, घरेलू उपचार और परहेज (Home Remedies for Fever in Children)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बà¥à¤–ार होने की समसà¥à¤¯à¤¾ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखी जाती है। खासकर छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤–ार आने पर तो माता-पिता बहà¥à¤¤ अधिक घबरा जाते हैं। आनन-फानन में कà¤à¥€ नजदीक के दवा दà¥à¤•ान से दवा खरीदकर खिला देते हैं, या हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² की ओर à¤à¤¾à¤—ते हैं। कई बार साधारण बà¥à¤–ार होने पर à¤à¥€ माता-पिता को बहà¥à¤¤ परेशानी का सामना करना पड़ता है। कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि अधिकतर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤–ार वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होता है? इसे वायरल फीवर कहते हैं, और आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बà¥à¤–ार का इलाज घर पर ही कर सकते हैं।
जी हां, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बीमारियों से लड़ने के लिठरोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पूरी तरह से तैयार नहीं होती, इसलिठवे बाहरी संकà¥à¤°à¤®à¤£ से जलà¥à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाते हैं। इस कारण बचà¥à¤šà¥‡ बार-बार बà¥à¤–ार से पीड़ित हो जाते हैं। आपको यह पता है कि आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बà¥à¤–ार को ठीक करने के लिठकई तरह के घरेलू उपाय बताठगठहैं। आप इन उपायों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर ना सिरà¥à¤« बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ कर सकते हैं, बलà¥à¤•ि à¤à¤¾à¤—मà¤à¤¾à¤— से à¤à¥€ बच सकते हैं।
Contents [show]
बà¥à¤–ार कà¥à¤¯à¤¾ है? (What is Fever?)
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बचà¥à¤šà¥‡ बार-बार, कà¥à¤› ना कà¥à¤› खाते रहते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤• साथ ठणà¥à¤¡à¤¾-गरम खाने, या संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वातावरण में रहने से जठरागà¥à¤¨à¤¿ मंद पड़ जाती है। आहार रस ठीक पà¥à¤°à¤•ार से नहीं बन पाता। कई बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का पेट साफ ना होने की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ देखी जाती है, और इस कारण à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤–ार आ जाता है। इसके अलावा सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में à¤à¥€ बà¥à¤–ार और सरà¥à¤¦à¥€-खांसी हो जाती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤–ार आने के लकà¥à¤·à¤£ (Children Fever Symptoms)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤–ार आने पर ये लकà¥à¤·à¤£ दिखाई पड़ते हैंः-
बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में दरà¥à¤¦ रहता है।
खांसी और जà¥à¤•ाम होना।
बार-बार छीकें आना, और लगातार नाक से पानी बहना।
अधिक ठणà¥à¤¡ लगना।
सिर दरà¥à¤¦ होना।
जी मिचलाना और उलà¥à¤Ÿà¥€ होना।
बचà¥à¤šà¥‡ का सà¥à¤¸à¥à¤¤ à¤à¤µà¤‚ कमजोर पड़ जाना
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में चिड़चिड़ापन आ जाता है।
लगातार रोते रहना।
आंखों में जलन होना।
मांसपेशियों और जोड़ों में दरà¥à¤¦à¥¤
शरीर का तापमान 100-103 डिगà¥à¤°à¥€ तक रहना।
खांसते-खांसते उलà¥à¤Ÿà¥€ होना।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤–ार आने के कारण (Children Fever Causes)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤–ार आने के कई कारण हो सकते हैं, जैसेः-
शरीर की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम पड़ जाने के कारण।
संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ जल और à¤à¥‹à¤œà¤¨ के कारण।
यह संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बहà¥à¤¤ तेजी से फैलता है। इस कारण सà¥à¤•ूल में à¤à¤• साथ कई बचà¥à¤šà¥‡ पीड़ित हो जाते हैं।
कई बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दांत निकलने के समय à¤à¥€ बà¥à¤–ार होता है।
मौसम में बदलाव आने की वजह से।
अधिक ठणà¥à¤¡à¥€ चीजें खाना या बासी à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना।
ठणà¥à¤¡à¥€ और गरम चीजों का à¤à¤• साथ सेवन करना।
Â
Fever in kids
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का बà¥à¤–ार ठीक करने के लिठघरेलू उपचार (Home Remedies for Children Fever)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤–ार होने पर ये घरेलू उपाय कर सकते हैंः-
Â
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बà¥à¤–ार का घरेलू उपचार सेब के सिरके से (Apple Vinegar: Home Remedies to Treat Fever in Children in Hindi)
गरम पानी में थोड़ा सा सेब का सिरका मिला लें। इसमें कपड़ा à¤à¤¿à¤—ाकर निचोड़ लें। इसे बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर को पोछें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में वायरल बà¥à¤–ार का इलाज गिलोय से (Giloy: Home Remedy for Fever Treatment in Children in Hindi)
गिलोय का रस बà¥à¤–ार के लिठरामबाण दवा है। बचà¥à¤šà¥‡ को 100-120 मि.ली. की मातà¥à¤°à¤¾ में गिलोय के रस में थोड़ा-सा शहद मिलाकर, दिन में तीन बार पीने को दें।
Giloy ke fayde
अदरक से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बà¥à¤–ार का इलाज (Ginger: Home Remedies to Cure Children’s Fever in Hindi)
अदरक को पीस कर रस निकाल लें। आधा चमà¥à¤®à¤š रस में थोड़ा-सा शहद मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ को चटाà¤à¤‚। इससे बà¥à¤–ार उतर जाता है।
जायफल से शिशà¥à¤“ं के बà¥à¤–ार का उपचार (Nutmeg: Home Remedy to Cure Fever in Children in Hindi)
जायफल को पीसकर नाक, छाती और सिर पर लेप करें। यह शिशॠको बà¥à¤–ार होने पर बहà¥à¤¤ अधिक लाठपहà¥à¤‚चाता है।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के वायरल बà¥à¤–ार का इलाज (Tulsi: Home Remedies to Treat Children’s Fever in Hindi)
Â
Tulsi ke fayde
12 तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, à¤à¤• छोटा टà¥à¤•ड़ा अदरक, 2-3 लौंग, 3-4 काली मिरà¥à¤š और इलायची को à¤à¤• गिलास पानी में डालकर उबालें। इसमें थोड़ा सा गà¥à¤¡à¤¼ डालकर 5-6 मिनट के लिठउबालें। इसे ठणà¥à¤¡à¤¾ करके रख लें। रात को सोने से पहले पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पीसकर रस निकाल लें। आधे-आधे चमà¥à¤®à¤š की मातà¥à¤°à¤¾ में रस बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में दो बार पिलाà¤à¤‚।
5-7 तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ 1 कप पानी में उबाल लें, और इसे गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ करके थोड़ी-सी चीनी मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को पीने के लिठदें।
काली मिरà¥à¤š से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बà¥à¤–ार का इलाज (Black Pepper: Home Remedy for Children Fever in Hindi)
दो काली मिरà¥à¤š और तà¥à¤²à¤¸à¥€ के दो पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पीस कर शहद के साथ मिलाकर, बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में 2-3 बार चटाà¤à¤‚। इससे बà¥à¤–ार में आराम मिलता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बà¥à¤–ार की दवा कà¥à¤Ÿà¤•ी (Kutki: Home Remedies for Kids Fever Treatment in Hindi)
दो चà¥à¤Ÿà¤•ी कà¥à¤Ÿà¤•ी चूरà¥à¤£ को शहद के साथ बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¬à¤¹-शाम चटाà¤à¤‚। बà¥à¤–ार ठीक हो जाता है।
कà¥à¤Ÿà¤•ी का चूरà¥à¤£ मिशà¥à¤°à¥€ या शहद के साथ चाटने से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤–ार में आराम मिलता है।
कà¥à¤Ÿà¤•ी को पानी में पीसकर लेप बना लें। इस लेप को बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर पर लगाने से बà¥à¤–ार ठीक हो जाता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बà¥à¤–ार का इलाज करने के लिठअनà¥à¤¯ घरेलू उपाय (Other Home Remedies for Kids Fever in Hindi)
ठंडे पानी में पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤¿à¤—ाकर बचà¥à¤šà¥‡ के माथे पर रखें। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ थोड़ी-थोड़ी देर में बदलते रहें।
बचà¥à¤šà¥‡ को पानी और तरल पदारà¥à¤¥ उचित मातà¥à¤°à¤¾ में दें।
शिशॠके पैरों के तलवे में जैतून के तेल की मालिश करें।
काकड़ासिंगी और पीपल का चूरà¥à¤£ कर रख लें। इसे à¤à¤• चौथाई चमà¥à¤®à¤š लेकर शहद के साथ मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को चटाà¤à¤‚।
à¤à¤• छोटी हरड़, दो चà¥à¤Ÿà¤•ी आंवले का चूरà¥à¤£, दो चà¥à¤Ÿà¤•ी हलà¥à¤¦à¥€ और नीम की पतà¥à¤¤à¥€ को à¤à¤• साथ मिलाकर काढ़ा बना लें। बचà¥à¤šà¥‡ को दो-दो चमà¥à¤®à¤š की मातà¥à¤°à¤¾ में दिन में तीन बार पिलाà¤à¤‚।
पीपल के फल के चूरà¥à¤£ को बारीक पीसकर शहद के साथ मिलाकर चाटने से बà¥à¤–ार में आराम मिलता है।
बà¥à¤–ार के दौरान बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का खान-पान (Children Diet in Fever)
बà¥à¤–ार आने पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का खान-पान à¤à¤¸à¤¾ होना चाहिà¤à¤ƒ-
बचà¥à¤šà¥‡ को गरिषà¥à¤ (कठोर) à¤à¥‹à¤œà¤¨ बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ ना दें। जितना हो सके घर पर बना हलà¥à¤•ा और सà¥à¤ªà¤¾à¤šà¥à¤¯ (आसानी से पचने वाला) à¤à¥‹à¤œà¤¨ दें।
जंकफूड, ठणà¥à¤¡à¥€ चीजें, आइसकà¥à¤°à¥€à¤®, कोलà¥à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤‚क आदि, तथा देर से पचने वाला à¤à¥‹à¤œà¤¨ ना दें।
पानी तथा तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन अधिक कराà¤à¤‚।
तैलीय à¤à¤µà¤‚ अधिक मीठे à¤à¥‹à¤œà¤¨ के सेवन से कफ बढ़ता है। इसलिठà¤à¤¸à¥‡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ से परहेज करें।
बचà¥à¤šà¥‡ को पीने के लिठकेवल गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी ही दें।
Â
No ice cream to kids
Â
बà¥à¤–ार के दौरान बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की जीवनशैली (Children Lifestyle in Fever)
बà¥à¤–ार आने पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की जीवनशैली à¤à¤¸à¥€ होनी चाहिà¤à¤ƒ-
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर ना à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤‚।
कà¥à¤› à¤à¥€ खाने से पहले हाथ धोने को कहें।
बचà¥à¤šà¥‡ को गरम à¤à¤µà¤‚ आरामदायक कपड़े पहनने को दें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बà¥à¤–ार से संबंधित सवाल-जवाब (FAQ Related Children’s Fever?)
 सामानà¥à¤¯ तौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤–ार कितने दिनों तक रहता है?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यदि वायरल बà¥à¤–ार हà¥à¤† है, तो यह कम से कम तीन दिन और अधिक से अधिक दो हफà¥à¤¤à¥‡ तक रह सकता है।
अगर तीन दिनों के बाद à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का बà¥à¤–ार कम नहीं हो रहा हो तो कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
यदि बà¥à¤–ार 3 दिन से अधिक हो, और घरेलू उपचार से à¤à¥€ राहत ना मिलें। तापमान बार-बार बढ़ रहा हो, तथा जà¥à¤•ाम और खांसी में à¤à¥€ कोई आराम ना मिले तो यह गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बन सकती है।Â
शिशà¥à¤“ं को बà¥à¤–ार आने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिà¤?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पूरी तरह से विकसित नहीं होती है। इसलिठउनमें संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण कई रोग होने का खतरा रहता है। बà¥à¤–ार के कारण बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤¸à¥à¤¤ और कमजोर पड़ जाते हैं। उनमें चिड़चिड़ापन आ जाता है। कई बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक तापमान के कारण दौरे पड़ने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ à¤à¥€ देखी जाती है। इसलिठयदि दो-तीन दिन के बाद बà¥à¤–ार के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कमी ना आà¤, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करें।
अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¸à¤¾ देखा जाता है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं का बà¥à¤–ार बहà¥à¤¤ ही कषà¥à¤Ÿà¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है। इसमें उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ तथा साà¤à¤¸ लेने में कठिनाई के साथ उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ à¤à¥€ होने लगता है। बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¸à¥à¤¤ à¤à¤µà¤‚ पीला पड़ जाता है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में तà¥à¤°à¤‚त उपचार की जरूरत होती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लापरवाही गंà¤à¥€à¤° हो सकती है।
| --------------------------- | --------------------------- |