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छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ (0 से 12 महीने) के साथ खेलने के लिठबेसà¥à¤Ÿ गेमà¥à¤¸
जनà¥à¤® के बाद बचà¥à¤šà¥‡ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 12 महीनों में, उसकी जिंदगी में विकास के कई पड़ाव आते हैं, जैसे बोलना, चलना, सामाजिक जागरूकता और à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कà¥à¤›à¥¤ अगर शिशà¥à¤“ं के पोषण, आराम और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ की जरूरतें अचà¥à¤›à¥€ तरह से पूरी होती रहें, तो वे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ वयसà¥à¤• के रूप में बढ़ते हैं। आगे चलकर, आप बचà¥à¤šà¥‡ को मानसिक और शारीरिक रूप से सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ करके उसके विकास को बढ़ावा दे सकती हैं, जिससे उसे अपने वातावरण को समà¤à¤¨à¥‡ और बेहतर तरीके से जानने में मदद मिलेगी।
इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– ततà¥à¤µ माता-पिता होते हैं, जो कि अलग-अलग तरीकों से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से इंटरैकà¥à¤Ÿ करने में अपना समय लगाते हैं। इस लेख में à¤à¤¸à¥€ कई मजेदार à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ बताई गई हैं, जो कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास में मदद कर सकती हैं।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ कैसे खेलें?
बचà¥à¤šà¥‡ के साथ पहला साल थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। जिसके पीछे कई तरह के कारण होते हैं, जैसे कि असमय सोना-जागना, चिड़चिड़ापन, रोना, लगातार धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना और à¤à¥€ न जाने कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾à¥¤ जैसे-जैसे à¤à¤• नवजात शिशॠबड़ा होता जाता है, वह अपने वातावरण के संदरà¥à¤ में अपने शरीर को लेकर और à¤à¥€ जागरूक होता जाता है। अपने नठवातावरण को जानने के तरीकों में, जो à¤à¤• सबसे आम तरीका है, वह है उसका मà¥à¤‚ह ! बचà¥à¤šà¥‡ हर चीज को अपने मà¥à¤‚ह में लेना चाहते हैं। इस दौरान हाथ और उंगलियां à¤à¥€ विकसित हो रही होती हैं, जिससे वे चीजों को मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी में à¤à¤°à¤¨à¥‡, चà¥à¤Ÿà¤•ी में पकड़ने, थामने और चीजों को उठाने में सकà¥à¤·à¤® होते जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ कई खेल होते हैं, जो आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के साथ खेल सकती हैं, जिनसे उसे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का अनà¥à¤à¤µ लेने में मदद मिलती है। इसमें विजà¥à¤…ल कॉमà¥à¤ªà¥‹à¤¨à¥‡à¤‚ट, सोशल बॉनà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग, हाथ और आंख का तालमेल, मोटर-सà¥à¤•िल और याददाशà¥à¤¤ शामिल हैं।
à¤à¤• साल तक के छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ खेलने के लिठखेल
à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के शिशà¥, à¤à¤• चीज पर अधिक समय तक धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं कर पाते हैं। उनकी आयà¥, परà¥à¤¸à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ और सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ के कारण किसी à¤à¤• चीज पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ को केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखना उनके लिठमà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। यही कारण है, कि à¤à¤• ही खेल को बार-बार खेलने से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मदद मिलती है और वह उनके दिमाग में अचà¥à¤›à¥€ तरह से बैठजाता है। अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ इस à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ को à¤à¤‚जॉय कर रहा है, तो वह हंसेगा या मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤à¤—ा। वहीं, अगर वह इसमें दिलचसà¥à¤ªà¥€ लेता हà¥à¤† ना दिखे, तो खेल को बदल दें।
जनà¥à¤® से 3 महीने
नवजात शिशॠको अपने आसपास की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° चीजों के बारे में जानकारी नहीं होती है, इसलिठउसे वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ रखना आपको नामà¥à¤®à¤•िन या मà¥à¤¶à¥à¤•िल लग सकता है। पर असल में, à¤à¤• छोटे से बचà¥à¤šà¥‡ के सेंसेस à¤à¥€ काम कर रहे होते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ या शारà¥à¤ª किया जा सकता है।
1. चीजों को ढूंढना
चीजों को ढूंढने से नजर का विकास होने में मदद मिलती है। इस à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ के लिठआप चमकीले रंगों वाली चीजों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ अपनी पीठके बल लेटा हो, तो किसी वसà¥à¤¤à¥ को उसके चेहरे के सामने रखें, फिर धीरे से बाà¤à¤‚ से दाà¤à¤‚ तब तक घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚, जब तक बचà¥à¤šà¤¾ अपनी आंखों से उसे फॉलो न करने लगे।
2. नाचना-गाना
आप संगीत और मूवमेंट से उसका परिचय करा सकती हैं। à¤à¤• रिलैकà¥à¤¸ करने वाला गाना पà¥à¤²à¥‡ करें और बचà¥à¤šà¥‡ को अचà¥à¤›à¥€ तरह से थाम कर गाने के साथ साथ कमरे में इधर-उधर घूमते हà¥à¤ डांस करें।
3. रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को पहचानना
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को आईने के सामने पकड़ें और उसकी छवि को दिखाà¤à¤‚। आप उससे पूछ सकती हैं, “यह कौन है?†इसी तरह अपनी, उसके à¤à¤¾à¤ˆ-बहन या किसी खिलौने आदि के रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के साथ à¤à¥€ इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को दोहराà¤à¤‚।
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