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2 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच कितना à¤à¤œ गैप होना जरूरी है, यहां जानें
कई बार आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी को पूरी तरह से पà¥à¤²à¤¾à¤¨ करके करते हैं तो कई बार ये अनपà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥à¤¡ à¤à¥€ हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में बहà¥à¤¤ से लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि आखिर 2 पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी यानी 2 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच कितना अंतर होना जरूरी है। यहां जानें इस सवाल का जवाब।
age gap
कई बार पहले बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के दूसरे दिन से ही घरवाले दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ की बात करना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं तो कई बार पैरंटà¥à¤¸ सालों तक इस बारे में सोचते à¤à¥€ नहीं हैं। वैसे तो आपको दूसरा बचà¥à¤šà¤¾ चाहिठया नहीं, ये पूरी तरह से पैरंटà¥à¤¸ का ही फैसला होता है। लेकिन बहà¥à¤¤ से केसेज में महिलाà¤à¤‚ जाने-अनजाने ही दूसरी बार पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट हो जाती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बड़ा सवाल ये है कि आखिर दो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच कितना अंतर यानी à¤à¤œ गैप होना जरूरी है? कोई महिला जिसने अà¤à¥€-अà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® दिया है उसका शरीर दूसरी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लिठफिर से कब रेडी हो सकता है? दोनों बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की देखà¤à¤¾à¤², उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिलने वाला पोषण और मां के शरीर के लिहाज से दो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच कितना अंतर होना चाहिà¤? अगर आपके मन में à¤à¥€ इस तरह के सवाल हैं तो यहां जानें, इन सà¤à¥€ का जवाब।
6 महीने के अंदर दोबारा पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने पर कई तरह का खतरा
जो महिलाà¤à¤‚ 30 की उमà¥à¤° में पहले बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देती हैं उनके पास इतनी आजादी नहीं होती कि वे अपने 2 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच अचà¥à¤›à¤¾ खासा à¤à¤œ गैप रख पाà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके लिठउनकी बढ़ती उमà¥à¤° फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिहाज से देखें तो जब तक कोई महिला à¤à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी और डिलिवरी से पूरी तरह से उबर नहीं जाती उसे दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ के बारे में बिलकà¥à¤² नहीं सोचना चाहिà¤à¥¤ खासकर तब जब आपके शरीर में आयरन या हीमॉगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की कमी हो। बहà¥à¤¤ सी सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œ में यह बात साबित हो चà¥à¤•ी है कि अगर पहली डिलिवरी के 6 महीने के अंदर महिला दूसरी बार पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट हो जाती है तो à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ में जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ वजन कम होना, पà¥à¤°à¥€à¤®à¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° डिलिवरी का खतरा जैसी आशंकाà¤à¤‚ बढ़ जाती हैं।
Parenting tips: नवजात शिशॠको गोद में उठाने से लगता है डर, जाने बचà¥à¤šà¥‡ को पकड़ने का सही तरीका
बचà¥à¤šà¥‡ को उठाने के लिठकà¥à¤°à¥ˆà¤¡à¤² होलà¥à¤¡ सबसे आसान तरीका है। दाà¤à¤‚ हाथ से बचà¥à¤šà¥‡ के गरà¥à¤¦à¤¨ और सिर के नीचे सपोरà¥à¤Ÿ दें। बचà¥à¤šà¥‡ के सिर को अपनी कोहनी पर रखें और बाà¤à¤‚ हाथ से बचà¥à¤šà¥‡ के हिप को हलà¥à¤•े से उठाà¤à¤‚। फिर बचà¥à¤šà¥‡ को सीने से सटाकर रखें।
यह पोजीशन बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है। à¤à¤• हाथ से बचà¥à¤šà¥‡ के गरà¥à¤¦à¤¨ और सिर à¤à¤µà¤‚ दूसरे हाथ से हिप को को सपोरà¥à¤Ÿ देकर उठाà¤à¤‚ और बचà¥à¤šà¥‡ को अपने कंधे के समानांतर लाà¤à¤‚। बचà¥à¤šà¥‡ के सिर को अपने कंधे पर रखें और गरà¥à¤¦à¤¨ हिप को दूसरे हाथ से सहारा दें।
बचà¥à¤šà¥‡ को उठाने के लिठयह सबसे कंफरà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² पोजीशन है। कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर बैठकर अपने बचà¥à¤šà¥‡ को गोद में ले। बचà¥à¤šà¥‡ का सिर आपके घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ पर होना चाहिà¤à¥¤ दोनों हाथों से बचà¥à¤šà¥‡ के सिर को सहारा दें। बचà¥à¤šà¥‡ का पैर आपके कमर के पास होना चाहिà¤à¥¤
हाथ अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ करें
बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करने और उसे गोद में उठाने से पहले अपने हाथों को अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ कर लें। दरअसल, हाथों पर कई तरह के रोगाणॠऔर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जमा होते हैं जो बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ का इमà¥à¤¯à¥à¤¨ सिसà¥à¤Ÿà¤® पूरी तरह डेवलप नहीं होता है इसलिठबचà¥à¤šà¤¾ जलà¥à¤¦à¥€ बीमार पड़ सकता है।
यदि आप बचà¥à¤šà¥‡ को उठाने में सहज नहीं हैं तो जाहिर है कि बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ आपकी गोद में सहज नहीं होगा। तनाव न लें और सहज होकर सही तरीके से बचà¥à¤šà¥‡ को गोद में उठाà¤à¤‚।
शिशॠको पालने या किसी की गोद से उठाते समय à¤à¤• हाथ से बचà¥à¤šà¥‡ की गरà¥à¤¦à¤¨ और सिर के नीचे सपोरà¥à¤Ÿ दें। बचà¥à¤šà¥‡ का सिर उसके शरीर का सबसे à¤à¤¾à¤°à¥€ हिसà¥à¤¸à¤¾ होता है जबकि गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशियां पूरी तरह विकसित नहीं होती हैं इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ को उठाते समय हाथ से सपोरà¥à¤Ÿ दें।
à¤à¤• हाथ से बचà¥à¤šà¥‡ के गरà¥à¤¦à¤¨ और सिर को सपोरà¥à¤Ÿ देने के बाद दूसरे हाथ को बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर के नीचे रखें और अपने तरीके से उठाà¤à¤‚। बचà¥à¤šà¥‡ को उठाने के बाद उसे अपनी छाती के नजदीक रखें। बचà¥à¤šà¥‡ को चाहे जिस à¤à¥€ पोजीशन में पकड़ें लेकिन गरà¥à¤¦à¤¨ पर सपोरà¥à¤Ÿ जरà¥à¤° दें।
नवजात शिशॠको गोद में उठाने का यह सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है। इससे बचà¥à¤šà¤¾ गोद से सà¥à¤²à¤¿à¤ª नहीं होगा और आप à¤à¥€ सहज रहेंगे।
18 महीने से 23 महीने के बीच का गैप होना है जरूरी
à¤à¤¸à¥‡ में 2 पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के बीच 18 से 23 महीने यानी डेढ़ से 2 साल के बीच का गैप होना बेहद जरूरी है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी और डिलिवरी के बाद महिला के शरीर को फिर से रिकवर होकर अपनी à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ वापस पाने में इतना समय तो लग ही जाता है। इतना ही नहीं 2 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच अंतर रखना इसलिठà¤à¥€ जरूरी है ताकि आप दोनों बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पूरी तरह से और बराबर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और तवजà¥à¤œà¥‹ दे पाà¤à¤‚। अगर 2 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच उमà¥à¤° का अंतर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होगा तो आप दोनों बचà¥à¤šà¥‡ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सालों में उन पर पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दे पाà¤à¤‚गे और साथ ही बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर होने वाले खरà¥à¤š को à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ तरह से मैनेज कर पाà¤à¤‚गे।
जानें ममà¥à¤®à¥€ डैडी को कब पहचानना शà¥à¤°à¥‚ करता है बचà¥à¤šà¤¾
दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग करने से पहले 1 साल का करें इंतजार
हालांकि कई बार ये à¤à¥€ देखने में आता है कि अगर 2 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच उमà¥à¤° का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अंतर हो यानी 5-6 साल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ का गैप हो तो दोनों बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच नजदीकियों में कमी देखने को मिलती है। कई बार बड़े बचà¥à¤šà¥‡ को लगता है कि छोटे à¤à¤¾à¤ˆ या बहन के घर में आने से उसका पà¥à¤¯à¤¾à¤° कम हो जाà¤à¤—ा या घर में उसका महतà¥à¤µ कम हो जाà¤à¤—ा और इसलिठवह आने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ नाराजगी या नाखà¥à¤¶à¥€ à¤à¥€ दिखाता है। इन सà¤à¥€ बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ बेहतर यही होगा कि आप पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के बाद दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग करने से पहले कम से कम 6 महीने से लेकर 1 साल तक इंतजार करें। à¤à¤¸à¤¾ करने से आप दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ हेलà¥à¤¦à¥€ लाइफ दे पाà¤à¤‚गी और आपके अपने शरीर को à¤à¥€ पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी और डिलिवरी से उबरने का पूरा वकà¥à¤¤ मिल जाà¤à¤—ा।
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