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हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें: जानिठबà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम करने के 10 आसान उपाय
आजकल हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सामानà¥à¤¯ हो चà¥à¤•ा है। देखा जाठतो हर दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को हाई बीपी का जोखिम हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में सवाल यह है कि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें? जैसे ही किसी को पता चलता है कि उसे हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो उनके मन में सबसे पहले यही बात आती है कि बीपी कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कैसे करें। तो हमारे इस खास लेख में हम न सिरà¥à¤« बीपी कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के तरीके बताà¤à¤‚गे, बलà¥à¤•ि बीपी हाई हो तो कà¥à¤¯à¤¾ करें, इसकी जानकारी à¤à¥€ देंगे।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और उसके मेज़रमेंट को समà¤à¥‡à¤‚
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° आपकी धमनी की दीवारों (artery walls) पर रकà¥à¤¤ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लगाया जाने वाला बल है। यह आपके हृदय दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पंप किठगठरकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ और आपकी धमनियों में रेजिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है। आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° रीडिंग में 2 नंबर होते हैं, सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• और डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤•। आमतौर पर सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• नंबर डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• नंबर से पहले या ऊपर आता है। उदाहरण के लिà¤, 120/80 जिसका अरà¥à¤¥ है 120 सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• और 80 डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤•।
अब सवाल यह है कि बीपी हाई हो तो कà¥à¤¯à¤¾ करे? बता दें कि आप नियमित रूप से अपने घर बैठे बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° मॉनिटर करके शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में बीपी में होने वाले किसी à¤à¥€ बदलाव का पता लगा सकते हैं। इसे घर में या डॉकà¥à¤Ÿà¤° के कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• में जा कर चेक करा सकते हैं। फिर अपने बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° रीडिंग के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, आप अपनी जीवनशैली में परिवरà¥à¤¤à¤¨ करके और अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेकर इसे कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर सकते हैं।
बता दें दवाइयां टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ होती हैं, लेकिन अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ ने साबित किया है कि जीवनशैली को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ से अनà¥à¤¯ उपचारों के साथ-साथ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कम किया जा सकता है। जीवनशैली में बदलाव को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठआगे पढ़ें जो आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कम करने में आपकी मदद करेंगे।
अपने बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है?
जब आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लगातार नॉरà¥à¤®à¤² रेंज से ऊपर रहता है, तो इसे हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° या हाइपरटेंशन माना जाता है। यह à¤à¤• साइलेंट कंडीशन होती है, जिसमें आमतौर पर तब तक कोई लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखाई देता है जब तक कि बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बहà¥à¤¤ अधिक न हो जाà¤à¥¤ हालांकि, नियमित जांच के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का पता लगाना और उसको मैनेज करना जरूरी है। अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° आपकी रकà¥à¤¤ वाहिकाओं की दीवारों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकती है, जिससे हारà¥à¤Ÿ फेल, हारà¥à¤Ÿ अटैक, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, किडनी की बीमारी और दृषà¥à¤Ÿà¤¿ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की जटिलताà¤à¤‚ हो सकती हैं। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही इसका पता लगाने से और इसे मैनेज करने से इन जटिलताओं से बचा जा सकता है।
जीवनशैली में बदलाव के साथ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कैसे कम करें?
अगर आप जानना चाहते हैं कि बीपी कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कैसे करे, तो जीवनशैली में किये गठछोटे-छोटे बदलाव बड़ा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकते हैं। लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में कà¥à¤› बदलाव करके आप अपना बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर सकते हैं। ये कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहें (वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, योग, आदि)
गतिहीन जीवनशैली से बचें और अपनी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¥› को बढ़ाà¤à¤‚। अपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में 30 मिनट मधà¥à¤¯à¤®-तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ वाले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ को शामिल करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। नियमित रूप से की जाने वाली शारीरिक à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से बचाव और मैनेज करने में मदद कर सकती है। वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के अलावा, आप योग, à¤à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤•à¥à¤¸ या डांसिंग जैसे हॉबीज को à¤à¥€ अपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में शामिल कर सकते हैं।
हेलà¥à¤¦à¥€ वेट मेंटेन रखें
अधिक वजन होने से हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होने का जोखिम बढ़ सकता है। यदि आप ओवरवेट हैं, तो आपके वजन में à¤à¤• छोटा सा बदलाव à¤à¥€ आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कम करने में मदद कर सकता है। इसलिठबेहतर यही अपने वजन को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखने की कोशिश करें।
नमक का सेवन सीमित करें
अधिक नमक का सेवन आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को बढ़ा सकता है। अतः अपने बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कम करने के लिठनमक का सेवन सीमित करना जरूरी है। खाने वाली चीजें खरीदते समय कम सोडियम वाले विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¥‡à¤‚। आप अपनी डाइट में अधिक फल व सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शामिल कर सकते हैं और तले व पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फ़ूड से बचें। बता दें, तले व पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फ़ूड में आमतौर पर सोडियम की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है। कम सोडियम या लो बीपी डाइट फॉलो करने से आप अपने बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकते हैं।
बैलेंस डाइट लें
बैलेंस डाइट आपके संपूरà¥à¤£ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को मैनेज करने के लिà¤, आप à¤à¤¸à¥€ डाइट चà¥à¤¨ सकते हैं, जो फलों, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, साबà¥à¤¤ अनाज से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हो और जिसमें शà¥à¤—र सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैट और रिफाइन कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ की मातà¥à¤°à¤¾ कम या न के बराबर हो। फ़ूड डायरी रखने से अपनी डाइट को मॉनिटर करने और अपने खाने की आदतों को मैनेज करने में आपको मदद मिलेगी।
पोटैशियम का सेवन अधिक करें
पोटैशियम शरीर में सोडियम के लेवल को रेगà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ करने में मदद करता है और इस तरह यह आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में à¤à¥€ मदद कर सकता है। हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, आलू, टमाटर, संतरे, à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो और केले जैसे फल, दूध और दही जैसे डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸, नटà¥à¤¸, सीडà¥à¤¸ और मछली, जैसे टà¥à¤¯à¥‚ना आदि खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में पोटैशियम की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है। याद रखें बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के मरीज जितना पोटैशियम यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करेंगे, उतना ही यूरिन के जरिये सोडियम को शरीर से निकालेंगे।
शराब से बचें
नियमित रूप से अधिक शराब पीने से आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में काफी वृदà¥à¤§à¤¿ हो सकती है। हाई बीपी वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सलाह दी जाती है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शराब पीना छोड़ देना चाहिà¤à¥¤ बता दें शराब बीपी के साथ-साथ कई अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का जोखिम à¤à¥€ बà¥à¤¾ सकता है।
तनाव कम करें
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को बà¥à¤¾ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में खà¥à¤¦ को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ फà¥à¤°à¥€ रखने के लिठउन à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¥› पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करें जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करने में आपको मज़ा आता है। योग या मेडिटेशन जैसी आराम देने वाली तकनीकों को अपनाकर à¤à¥€ तनाव को मैनेज करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। इसके अलावा, अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ व परिवारजनों के साथ बैठें, बातें करें, बाहर जाà¤à¤‚ और थोड़ा वकà¥à¤¤ बिताà¤à¤‚।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ दें
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से बà¥à¤¾ देता है, जो कà¥à¤› समय में सामानà¥à¤¯ हो जाता है। लगातार धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ की दीवारों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाकर हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होने के जोखिम को बढ़ा सकता है। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ना न सिरà¥à¤« आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करेगा, बलà¥à¤•ि आपके संपूरà¥à¤£ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठà¤à¥€ फायदेमंद रहेगा।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियमित मॉनिटर करें
नियमित रूप से बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° मॉनिटर करने से उसको नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में आपको मदद मिलेगी। अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से नियमित परामरà¥à¤¶ लेना बहà¥à¤¤ जरूरी है। बेहतर है आप अपने घर में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को मॉनिटर करने के लिठबà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° मशीन रखें। इसके साथ ही अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठइंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤¶à¤‚स को फॉलो à¤à¥€ करें।
अपनी दवाइयाठसही से लें
यदि आप पहले से ही हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का इलाज करा रहे हैं, तो आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¿à¤¸à¤•à¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¬ की गई दवाइयों को नियमित रूप से लें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे आप अपनी दवाइयां सही टाइम पर लें और बिलकà¥à¤² à¤à¥€ मिस न करें।
तà¥à¤°à¤‚त बीपी कम करने के उपाय
अगर आप सोच रहे हैं कि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को तà¥à¤°à¤‚त कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कैसे करे, तो हम यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर दें कि बीपी को तà¥à¤°à¤‚त कंटà¥à¤°à¥‹à¤² नहीं कर सकते हैं। हालांकि, हाई बीपी के दौरान कà¥à¤› सावधानियां जरूर बरत सकते हैं। ये सावधानियां कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
किसी तरह की à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ जैसे – सीà¥à¥€ न चà¥à¥‡à¤‚, चले न।
तà¥à¤°à¤‚त बेड पर लेट जाà¤à¤‚।
अपने आप को रिलैकà¥à¤¸ करें।
किसी तरह का सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ न लें और मन को शांत करने की कोशिश करें।
हर कà¥à¤› देर में अपना बीपी मॉनिटर करते रहें और अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• में रहें व अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की जानकारी देते रहें।
अगर बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम न हो तो तà¥à¤°à¤‚त अपने किसी परिवार वाले या दोसà¥à¤¤ के साथ डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚।
फिर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के परामरà¥à¤¶ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही आगे का सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª लें।
उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है अब आपको जानकारी हो गई है कि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें। अपनी जीवनशैली में उचित परिवरà¥à¤¤à¤¨ करके और ऊपर दिठगठआसान से उपाय अपनाकर आप अपने बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवलà¥à¤¸ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रख सकते हैं। तो अब अगर कोई पूछे कि बीपी कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कैसे करे, तो यहां बताठगठउपायों के बारे में जरूर बताà¤à¤‚।
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