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गर्भावस्था के 18वें सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन
कई बार भोजन करने के बाद आपको जो असहजता सी महसूस होती है, वह शायद अपचता (इनडाइजेशन) है। यह गर्भावस्था एक बहुत ही आम दुष्प्रभाव है। गर्भावस्था के हॉर्मोन आपके पाचन तंत्र समेत शरीर की मांसपेशियों को शिथिल बना देते हैं, जिससे पाचन क्रिया मंद हो जाती है।
जैसे-जैसे आपका गर्भस्थ शिशु बड़ा होता जाता है, आपका पेट ऊपर की तरफ हो जाता है, जिससे पेट के अम्ल (एसिड) आसानी से ऊपर आपकी भोजन नलिका में आ जाते हैं। इस वजह से आपको सीने में जलन (हार्टबर्न) होती है।
दिनभर समय-समय पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन खाते रहने से अपचता और सीने में जलन से बचा जा सकता है। गरिष्ट या वसायुक्त व तैलीय भोजन का सेवन कम से कम करें और खाना खाने के बाद सीधे न बैठें। यदि आपके लक्षण रात में अधिक परेशान करते हैं, तो कोशिश करें कि शाम को स्नैक्स न लें। या फिर आप गुरुत्वाकर्षण बल की मदद ले सकती हैं और अपने पति से कुशन या तौलिया नीचे लगाकर बिस्तर का सिराहना ऊंचा करने के लिए कह सकती हैं। कोशिश करें कि आप ऊंचे तकियों पर न सोएं, क्योंकि इससे आपके पेट पर अनावश्यक दबाव पड़ेगा।
गर्भावस्था के 18वें हफ्ते में क्या करें
गर्भवती होने पर टखनों, पैरों और हाथों में सूजन आना आम है। इसके उपचार के लिए आप क्या कर सकती हैं, यहां जानें।
शिशु की मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए आपको पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम के सेवन की जरुरत होती है।
गर्भावस्था में खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। यहां जानें कि क्या गर्भावस्था में इंस्टेंट नूडल्स का सेवन सुरक्षित है।
गर्भावस्था में तनाव में रहना गर्भवती माँ व शिशु दोनों के लिए सही नहीं है। तनाव से निपटने के हमारे इन उपायों को आजमाएं।
18 सप्ताह गर्भवती होने पर क्या जानना जरुरी है
आपको गर्भ में अपने शिशु की हलचल अब किसी भी दिन महसूस होना शुरु हो सकती है। यदि यह आपकी पहली गर्भावस्था है, तो आप शुरुआत में शायद इस हलचल को समझ न पाएं। शुरुआती हलचल पेट में बुलबुलों के फूटने या कुछ फड़फड़ाने जैसी महसूस हो सकती है। यह भी हो सकता है आप शिशु की पहली हलचल को पेट की गड़गड़ाहट समझ लें! अगले कुछ हफ्तों में आप बिना किसी गलती के आसानी से अपने शिशु की हलचल को पहचान जाएंगी, क्योंकि वे अधिक प्रबल और स्पष्ट होने लगेगी।
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