Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कई लोग ऐसा सोचते हैं की बच्चों को एक्सरसाइज करने की कोई ज़रूरत ही नहीं है। बल्कि ऐसा सोचना गलत है। बच्चों को एक्सरसाइज करनी चाहिये लेकिन एक्सरसाइज उनके उम्र के हिसाब से होनी चाहिए। बच्चों और बड़ों के लिए अलग-अलग तरह के व्यायाम बताए गए हैं। लॉकडाउन के कारण बच्चों को आप रोजाना एक्सरसाइज करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। उनमें रोजाना एक्सरसाइज (Exercises for Child) करने की आदत डालें।
बच्चों को एक्सरसाइज (Exercises for Child ) करवाना इसलिए भी जरूरी हो गया है, क्योंकि आजकल बच्चे अपना अधिकतर समय कंप्यूटर, टीवी और मोबाइल पर गेम खेलते हुए बिताते हैं। बाहर खेले जाने वाले गेम्स को आजकल के बच्चे बहुत ही कम जानते हैं। ऐसे में बच्चों को मोटापा और डायबिटीज की समस्याएं हो रही हैं। इसलिए माता-पिता होने के नाते आपकी जिम्मेदारी है कि आप इस बात का ध्यान रखें की वह शारीरिक रूप (Exercises for Child) से कितना एक्टिव हैं।
ऐसे कराएं बच्चों को एक्सरसाइज (Exercises for Children )
10 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए
जब भी आपका बच्चा ठीक से चलने और बोलने लगे तब आप उसको एक्सरसाइज करवाना शुरू कर सकते हैं। इस उम्र में बच्चे के मूवमेंट स्किल और बॉडी कंट्रोल पर देना ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। इसलिए बच्चे को फ्री रनिंग, हाथों से किए जाने वाले काम, एरोबिक्स, और साधारण खेल जैसे की दौड़ना, बॉल कैच करना इत्यादि में व्यस्त रहने दें। इस तरह के एक्सरसाइज से बच्चों की हड्डियां मजबूत होगी। इसके साथ ही मसल्स मास भी बेहतर होंगे।
10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए
इस उम्र के बच्चों को उनकी फिजिकल स्किल, शक्ति, स्टैमिना और बैलेंस की क्षमता को बेहतर बनाने वाले एक्सरसाइज कराने चाहिए। ऐसे बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय साइकिलिंग, स्विमिंग, टेनिस और स्केटिंग जैसे खेलों में बिताना चाहिए। यह उनके अन्दर खेल की भावना को विकसित करने का सबसे सही समय होता है। उन्हें समूह में खेले जाने वाले खेल जैसे की कबड्डी, क्रिकेट, फुटबॉल में हिस्सा लेने दें ये उनके सोशल स्किल को और बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
अगर बच्चे का मन नहीं है तो उसे जबरदस्ती खेलने के लिए कभी न भेजें। उन्हें प्यार से खेलने और एक्सरसाइज के लिए समझाएं।
इस उम्र के बच्चों को कभी भी वेट लिफ्टिंग नहीं करनी चाहिए। अगर वे ऐसा कर रहे हैं तो ध्यान रखें की वे किसी की निगरानी में ही ऐसा करें।
इस बात का ध्यान रखें कि आपका बच्चा रोजाना कम से कम एक घंटा बाहर खेले।
| --------------------------- | --------------------------- |