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माता-पिता अपने बच्चों की डायट और पोषण से जुड़ी जरूरतों का पूरा ध्यान रखते हैं लेकिन आपको बता दें कि टॉडलर (12 से 36 महीने की उम्र) को पानी की भी बहुत आवश्यकता होती है। मस्तिष्क और मांसपेशियों के ठीक तरह से कार्य करने के लिए पानी जरूरी होता है।
कई बार पैरेंट्स बच्चों में तरल पदार्थ की पूर्ति के लिए पानी की जगह अन्य फ्लूइड दे देते हैं जो कि सही नहीं है। अन्य फ्लूइड्स से शरीर में तरल की मात्रा तो बढ़ती है लेकिन वो पानी की जगह नहीं ले सकते हैं। आपको ये बात समझनी चाहिए कि एक दिन में टॉडलर को कितनी मात्रा में पानी पीने की जरूरत होती है।
बच्चों को कितना पानी पीना चाहिए
बच्चों के विकास के लिए पानी बहुत जरूरी होता है इसलिए आपको अपने बच्चे में कम उम्र से ही पानी पीने की आदत डालनी शुरू कर देनी चाहिए। 1 साल से 3 साल की उम्र तक के बच्चे को दिनभर में लगभग 5 से 6 कप पानी पीना चाहिए। मौसम के हिसाब से भी बच्चे की पानी की जरूरत बदलती रहती है। गर्म और उमस भरे तापमान में डिहाइड्रेशन और थकान से बचने के लिए बच्चे को ज्यादा पानी पीने की जरूरत होती है।
ज्यादा पानी क्यों पीना चाहिए
अगर आपका बच्चा शारीरिक रूप से ज्यादा एक्टिव रहता है तो उसके शरीर को हाइड्रेट रहने के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। वहीं बीमार होने पर भी बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए। जुकाम, फ्लू या दस्त होने पर म्यूकस बनने की वजह से शरीर में फ्लूइड की कमी हो जाती है इसलिए इस दौरान बच्चों को ज्यादा पानी पिलाना चाहिए।
उम्र के हिसाब से कितना पानी पीना चाहिए
6 से 12 महीने की उम्र में दिन भर में डेढ़ से एक कप, 12 से 24 महीने में एक से चार कप और दो से पांच साल की उम्र में एक से पांच कप पानी पिलाना चाहिए।
पानी के अलावा बच्चों को और क्या दें
बच्चों के शरीर में फ्लूइड की मात्रा को संतुलित रखने के लिए पानी के अलावा और भी कई तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं, जैसे कि:
ताजा जूस : बच्चों को घर पर ही बना ताजा जूस दें और इसमें किसी भी तरह की शुगर न मिलाएं। आप अनार, संतरे या किसी भी अन्य फल का जूस दे सकती हैं।
सूप : बच्चों के शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ाने में सूप भी मदद कर सकते हैं। बच्चों को गर्म सूप पिलाएं, इससे उन्हें पोषण भी मिलेगा।
दही और दूध : फ्लूइड की पूर्ति के लिए दूध, दही और छाछ भी ले सकते हैं लेकिन अगर आपके बच्चे को लेक्टोज इनटोलरेंस है तो ये चीजें न दें।
पानी पीने का तरीका
बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिलाते रहें। एक ही बार में ज्यादा पानी पिलाने की गलती न करें। सिरप कप से पानी पीना बच्चे को ज्यादा अच्छा लगेगा, इसलिए इनका इस्तेमाल करें।
बच्चों को शुगर युक्त जूस या ड्रिंक न दें। वहीं पैकेटबंद जूस भी सेहत के लिए हानिकारक होते हैं। इनमें मौजूद शुगर और प्रिजर्वेटिव्स मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
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