14 साल की उम्र के लिए औसत सिट अप्स क्या है?HealthPlanet

Posted on Sat 4th Mar 2023 : 08:33

सिट अप वर्कआउट : एक्सरसाइज करने का सही तरीका, प्रकार, फायदे और गलतियां
लेग रेज (Leg Raise)
प्लैंक (Plank)
रशियन ट्विस्ट (Russian Twist)
हैंगिंग लेग रेज (hanging leg raise)
क्रंचेज (Crunches)
बाइसिकल क्रंच (Bicycle crunch)
सीटेड नी टक (Seated Knee Tuck)
आर्म्स हाई पार्शियल सिटअप्स (Arms High Partial Sit Ups)

1. सिट अप्स एक्सरसाइज क्या है (What is sit-ups exercise)

सिटअप्स, क्लासिक एब्डोमिनल एक्सरसाइज है। इसे पीठ के बल लेटकर किया जाता है। इस बॉडी वेट एक्सरसाइज को धड़ को ऊपर उठाकर किया जाता है। इस एक्सरसाइज को कोर को स्थिर करने, एब्डोमिनल मसल्स को मजबूत करने और एब्डोमिन मसल्स को टोन करने के लिए करते हैं।

सिटअप्स एक्सरसाइज मुख्य रूप से रेक्टस एब्डोमिनिस, ट्रांसवर्स एब्डोमिनिस और ऑब्लिक्स मसल्स पर काम करते हैं लेकिन इसे करते समय हिप फ्लेक्सर्स, चेस्ट, पीठ के निचले और गर्दन पर भी टेंशन क्रिएट होती है। इसे करने से लोअर बैक मसल्स और ग्लूटेरल मसल्स (Lower back and gluteal muscles) का पोश्चर सही रहता है।

लार्ज रेंज ऑफ मोशन के साथ, सिटअप्स एक्सरसाइज क्रंचेस और स्टैटिक कोर एक्सरसाइज (Crunches and static core exercises) की तुलना में अधिक मसल्स को टारगेट करते हैं।
2. सिट अप्स के लिए मशीन / इक्युपमेंट (Machine / equipment for sit-ups)

वैसे तो सिट अप्स एक्सरसाइज को बॉडी वेट से ही किया जाता है। लेकिन कुछ लोग इसे करते समय अधिक टेंशन क्रिएट करने के लिए प्लेट, कैटलबेल, डम्बल आदि प्रयोग करते हैं।

लेकिन बिगिनर्स इस एक्सरसाइज को बॉडी वेट से ही करें और अलग से वेट एड करने से पहले ट्रेनर की सलाह जरूर लें।
3. सिट अप्स एक्सरसाइज के प्रकार (Types of Hanging leg raise exercise)

सिट अप्स एक्सरसाइज को बॉडी वेट से फर्श पर लेटकर किया जाता है। इसे बार पर हैंग करके ही किया जाता है। इसमें अधिक टेंशन क्रिएट करने के लिए कुछ मूवमेंट एड कर सकते हैं। अगर आप इंटरमीडिएट या एडवांस लेवल पर हैं तो इसके निम्न वेरिएशन ट्राई कर सकते हैं।

डम्बल सिट अप्स (Dumbbell sit ups)
वेटेड प्लेट सिट अप्स (Weighted plate sit ups)
बाइसिकल क्रंच (Bicycle Crunch)
रिवर्स क्रंच (Reverse Crunch)
वी-अप्स (V-Ups)
डेड बग्स (Dead Bugs)
सीजर्स (Scissors)

आप चाहें तो सिट अप्स की जगह निम्न एक्सरसाइज भी ट्राय कर सकते हैं।

प्लैंक (Plank)
माउंटेन क्लाइंबर्स (Mountain climbers)
ब्रिज (Bridge)
हैंगिंग लेग रेज (Hanging leg raise)

4. सिट अप्स एक्सरसाइज / वर्कआउट कैसे करते हैं (How to do sit-ups exercise / workout)

सिट अप्स एक्सरसाइज को बिगिनर्स भी कर सकते हैं। इसे करने से पहले वॉर्मअप करना जरूरी है।

इसे करने के लिए फर्श पर ऊपर की ओर मुंह करके लेटें और फिर घुटनों को मोड़ लें।
यदि आपके साथ कोई पार्टनर है तो अपने पंजों को उसके पैरों के नीचे रख सकते हैं, जिससे आपके पैर जमीन से नहीं हटेंगे।
अब अपनी बाहों को कनपटी पर रखें और कोर को टाइट करें। यदि आपकी गर्दन पर लोड आ रहा है या बैंड हो रही है तो हाथों को क्रास करके अल्टरनेट कंधे पर रख सकते हैं, इससे गर्दन पर लोड नहीं आएगा।
इसके बाद गहरी सांस लें और पेट अंदर की ओर खीचें। अब पीठ की मांसपेशियों को जमीन से ऊपर उठाने के लिए अपने पेट की मांसपेशियों का प्रयोग करें।
अब हिप्स को अपनी जगह रखते हुए अपर बॉडी को 70 डिग्री तक ऊपर उठाएं। इससे कोर मसल्स पर टेंशन क्रिएट होगी।
इसके बाद फिर पीछे जमीन की ओर जाएं। लेकिन ध्यान रखें जमीन पर अपर बैक को टच न करें। यह एक रेप्स कहलाएगा। इसी तरह 10-15 रेप्स के 3-4 सेट करें।

5. सिट अप्स एक्सरसाइज के फायदे (Benefits of sit-ups exercise)

सिट अप्स एक्सरसाइज को करने से एब्डोमिनल और कोर मसल्स स्ट्रांग होते हैं।
एब्स को टोन करने के लिए भी सिट अप्स अच्छी एक्सरसाइज है।
सिट अप्स एक्सरसाइज करने से कोर को स्थिरता मिलती है।
सिट अप्स करने से स्पाइनल फ्लेग्जिबिलिटी (Spinal flexibility) बढ़ती है।
सिट अप्स एक्सरसाइज करने से इंजुरी के चांस कम हो जाते हैं।
सिट अप्स एक्सरसाइज मस्कुलर एंड्यूरेंस को बढ़ाती है।

6. सिट अप्स में होने वाली गलतियां और सावधानी (Mistakes and precautions during sit-ups)


हैंगिंग लेग रेज करते समय कुछ लोग अपनी बॉडी स्विंग कराते हैं, जिससे टेंशन क्रिएट नहीं होती। इसलिए बॉडी को हाथों की सहायता से स्टेबल रखने की कोशिश करें।
कुछ लोग ग्रिप को काफी पास से पकड़ते हैं, जिससे बैलेंस बनाने में मुश्किल होती है। उतनी ग्रिप के साथ बार को पकड़ें जितनी पुल-अप के दौरान रखते हैं।
जल्दी-जल्दी पैरों को लिफ्ट करने से टेंशन क्रिएट नहीं होती, इसलिए ऐसा करने से बचें।

ऊपर दी गई जानकारी से आप समझ गए होंगे कि सिट अप्स एक्सरसाइज को क्यों एब्स की बेस्ट एक्सरसाइज माना जाता है। देर किस बात की इस एक्सरसाइज को भी एब्स एक्सरसाइज प्लान में शामिल करें।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info