Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
13 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥à¤°à¥‚ण विकास
आपका शिशॠअब मटर की à¤à¤• फली के जितना लंबा, यानि सिर से नितंब (कà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ टू रंप) तक करीब 7.4 सेंमी. (2.9 इंच) लंबा हो गया है। उसका वजन करीब 23 गà¥à¤°à¤¾à¤® के लगà¤à¤— होगा। उसके शरीर की कà¥à¤² लंबाई का à¤à¤• तिहाई हिसà¥à¤¸à¤¾ उसके सिर का होगा।
इस सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹, उसके दिमाग का वह हिसà¥à¤¸à¤¾ बनना शà¥à¤°à¥ होगा, जो कि जटिल सोच जैसे कि समसà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¥‡, याददाशà¥à¤¤ आदि के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होता है।
उसकी उंगलियों में अलग-अलग छोटी छापें (फिंगरपà¥à¤°à¤¿à¤‚ट) बनने लगी हैं। हालांकि, ये शिशॠके 17 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का हो जाने के बाद ही पूरी तरह विकसित होंगी। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अब शिशॠको चूसना आ गया है, वह अब इस नठकौशल का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ रहेगा। हो सकता है वह अपना अंगूठा à¤à¥€ चूसने लगे।
आपका शिशॠà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ निगलना शà¥à¤°à¥ कर रहा है। यह दà¥à¤°à¤µ अधिकांशत: पानी ही होता है, मगर इसमें पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ होते हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠअवशोषित करता है, जैसे कि कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, गà¥à¤²à¥‚कोज़ और इलैकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸à¥¤ जो दà¥à¤°à¤µ बच जाता है, उसे शिशॠके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ पेशाब में बदल देते हैं, जिसे शिशॠफिर से à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ में निकाल देगा।
यदि आपके गरà¥à¤ में पà¥à¤¤à¥à¤° है, तो उसके वृषण अब बन गठहैं और उसका लिंग à¤à¥€ बढ़ रहा है। यदि आपके गरà¥à¤ में पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ है, तो उसके अंडाशय का बनना अब पूरा हो चà¥à¤•ा है और उनमें करीब 20 लाख अंडे मौजूद हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |