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11 सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास
सिर से नितंब (क्राउन टू रंप) तक आपके शिशु का माप अब 4.1 सेंमी. (1.6 इंच) हो गया है। इस समय तक वह तकरीबन एक अंजीर के बराबर हो चुका है। उसकी नसें और धमनियां विकसित हो रही हैं, और इन्हें उसकी त्वचा की पतली परत के भीतर देखा जा सकता है।

आपके शिशु का मुंह लगभग पूरा तैयार हो गया है। उसके तालु की हड्डियां एक साथ जुड़ रही हैं और उसके दूध के दांतों का पहला छोटा सा अंकुर उसके मसूढ़ों में उग रहा है।

आपके शिशु की आंखें अभी बंद होंगी, मगर ऐसा नहीं है कि वह सो रहा है। वह आवेगपूर्वक पैर मारकर और उन्हें फैलाकर अपनी मांसपेशियों को मोड़ने व लचीला बनाने में व्यस्त है। हालांकि, अभी वह बहुत छोटा है और आप उसकी ये हलचल महसूस नहीं कर पाएंगी। उसके हाथों व पैरों की उंगलियां, जो पहले एक-दूसरे से जुड़ी हुई थी, वे अब पूरी तरह अलग हो गई हैं।

आपके शिशु का अधिकांश महत्वपूर्ण विकास अगले कुछ हफ्तों में पूरा हो जाएगा। अगले छह महीनों में उसका मुख्य कार्य बड़ा और मजबूत बनना होगा, ताकि वह जन्म के बाद अपने दम पर जीवित रह सके।

गर्भावस्था के 11वें सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन

यदि छींकते, खांसते या तेजी से हिलते-डुलते समय आपका थोड़ा पेशाब निकल जाता है, तो इसे लेकर आपका चिंतित होना स्वाभाविक है। लेकिन वास्तव में गर्भावस्था में मूत्र असंयमितता होना सामान्य है।

गर्भावस्था के हॉर्मोन प्रोजेस्टीरोन और रिलेक्सिन आपके श्रोणि मंजिल के उत्तकों और अस्थि-बंधों को शिथिल बना देते हैं। इसकी वजह से मूत्राशय से पेशाब को प्रवाह को नियंत्रित करने वाली अवरोधिनी मांसपेशियां (स्फिंगक्टर मसल्स) कमजोर हो सकती हैं।

अच्छी बात यह है कि श्रोणि क्षेत्र की मांसपेशियों के नियमित व्यायाम जल्द ही पेशाब के रिसाव को रोक सकते हैं। अपनी श्रोणि क्षेत्र की मांसपेशियों को 10 सैकंड के लिए भींचे। दिन में तीन से चार बार 10-10 बार ऐसा करें। ये व्यायाम आपके शरीर को प्रसव के लिए तैयार करने में भी मदद करते हैं, इसलिए इन्हें गर्भावस्था की शुरुआत से ही करना जल्दी नहीं होगा।
11 सप्ताह गर्भवती होने पर क्या जानना जरुरी है
11 से 13 सप्ताह की गर्भावस्था के बीच आपका न्यूकल ट्रांसलुसेंसी (एनटी) स्कैन होगा। यह स्कैन शिशु में डाउंस सिंड्रोम के खतरे की जांच करने वाले स्कैन का ही एक हिस्सा होता है। डाउंस सिंड्रोम सबसे आम गुणसूत्रीय असामान्यता है। इसके बारे में और अधिक जानें और पता लगाएं कि डॉक्टर शिशु में डाउंस सिंड्रोम होने के खतरे का आंकलन किस तरह करते हैं।

यदि डाउंस सिंड्रोम के स्क्रीनिंग टेस्ट में शिशु को गुणसूत्रीय असामान्यता होने के उच्च जोखिम का पता चलता है, तो डॉक्टर आपको एमनियोसेंटेसिस जांच करवाने के लिए कह सकती हैं। स्क्रीनिंग जांचों से भिन्न, एमनियोसेंटेसिस जांच से इस बात का निश्चित जवाब मिल जाता है कि आपके शिशु में कोई विशिष्ट आनुवांशिक स्वास्थ्य स्थिति है या नहीं। मगर यह जांच करवाने के कुछ खतरे भी हैं।

यदि डॉक्टर के साथ पहले अप्वाइंटमेंट के दौरान आपका डेटिंग स्कैन नहीं कराया गया था, तो डॉक्टर अब इस स्कैन के जरिये आपके प्रसव की सटीक नियत तिथि के बारे में बताएंगी। साथ ही यदि आपके गर्भ में जुड़वा या इससे अधिक शिशु पल रहे हैं, तो इस बारे में भी डॉक्टर बता सकेंगी।


गर्भावस्था के 11वें हफ्ते में क्या करें

गर्भावस्था की पहली तिमाही में स्तनों में संवेदनशीलता होना काफी आम है। इससे राहत के उपायों के बारे में यहां जानें।
फॉलिक एसिड को अपने आहार में शामिल करने के लिए इसके बेहतरीन स्त्रोतों के बारे में जानें।
गर्भावस्था में ताजगी प्रदान करने वाले विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर ये स्वादिष्ट पेय आजमाकर देखें।

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