11 वीक प्रेगनेंसी में कौन सा टेस्ट किया जाता है?HealthPlanet

Posted on Mon 6th Mar 2023 : 10:30

प्रेग्नेंसी के दौरान अल्ट्रासाउंड-
यूट्रस से बाहर होने वाली प्रेग्नेंसी मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है। 11-13 हफ्ते (NT-NB स्कैन) सोनोग्राफी: ये जरूरी है कि इसे क्रोमोसोमल और जेनेटिक असमानताओं वाले मार्कर्स का पता लगाने के लिए किया जाए। ये गंभीर फीटल कमियों के बारे में जल्दी पता लगाने के लिए की जाती है।

प्रेग्नेंसी वो समय है जब खुशी और घबराहट दोनों ही होती है और ज्वार-भाटे की तरह भावनाएं आती हैं। एक तरफ तो आप इतनी एक्साइटेड होती हैं कि आपकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहता है अगले ही पल आप बहुत ही गहरी सोच में डूब जाती हैं कि आखिर आगे क्या होगा। आप डॉक्टर के पास जाती हैं और डॉक्टर आपको तरह-तरह के टेस्ट्स के बारे में बताता है और आप ये सोचती हैं कि आप हेल्दी हैं तो फिर इतने टेस्ट्स और स्क्रीनिंग की जरूरत क्या है।

पर मेडिकल रिसर्च और ट्रायल की खूबियों से अब हम बच्चों के डेवलपमेंट और उनकी सेहत को ट्रैक किया जा सकता है। ये मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए काफी जरूरी है। साथ ही साथ प्रेग्नेंसी अल्ट्रासाउंड चेक्स हमेशा बताते हैं कि बच्चे का विकास कैसे हो रहा है और उसकी स्थिति क्या है और ये प्रेग्नेंसी के हर ट्राइमेस्टर में होते हैं। आपको सारी जानकारी 'प्रेग्नेंसी के दौरान अल्ट्रासाउंड' नामक सेक्शन में नीचे मिलेगी।

लैब टेस्ट्स अधिकतर ब्लड सैम्पल और यूरिन सैम्पल कलेक्शन के बाद होते हैं।

पहले ट्राइमेस्टर के टेस्ट्स (पहले हफ्ते से 12वें हफ्ते तक)

प्रेग्नेंसी के पहले ट्राइमेस्टर में होने वाली मां का शरीर बहुत तेज़ी से बदलता है और आने वाले समय में एनर्जी की जरूरत को पूरा करने की तैयारी करता है। बहुत सारे शारीरिक और भावनात्मक बदलाव उसके शरीर में होते हैं। नीचे उन टेस्ट्स की लिस्ट दी गई है जो पहले ट्राइमेस्टर में जरूरी होते हैं।

नियमित ब्लड टेस्ट-

कैसे कलेक्ट किया जाता है सैंपल?

ये टेस्ट्स महिला की बाजू में मौजूद नस से खून के सैंपल इकट्ठा कर किए जाते हैं।

कौन से टेस्ट्स होते हैं?

1. सीबीसी काउंट (कम्प्लीट ब्लड काउंट)-

ये टेस्ट इस जानकारी के लिए किया जाता है कि आपके खून में मौजूद अलग-अलग सेल्स किन हालात में हैं। इसमें रेड ब्लड सेल काउंट (RBC काउट), व्हाइट ब्लड सेल काउंट (WBC काउंट) और प्लेटलेट काउंट मौजूद होते हैं।

क्यों जरूरी है ये टेस्ट- ये आपके शरीर की हेल्थ और किसी भी तरह के एक्टिव इन्फेक्शन की जानकारी लेने के लिए जरूरी होता है। हीमोग्लोबिन, आयरन लेवल आदि की जानकारी बहुत जरूरी है ये जानने के लिए कि कहीं मां को एनीमिया तो नहीं। अगर मां को एनीमिया होता है तो तुरंत ही सप्लीमेंट्स देने शुरू किए जाते हैं। WBC वैल्यू ये बताती है कि शरीर में कोई इन्फेक्शन तो नहीं। ये आमतौर पर अन्य लक्षणों से जुड़ा भी होता है। अगर ये बढ़ा हुआ पाया जाता है तो डॉक्टर बताते हैं कि किस तरह के ट्रीटमेंट की आगे जरूरत है।

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