Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
1-2 साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कैसे खिलाà¤à¤‚ खाना, कà¥à¤¯à¤¾ है फायदेमंद और कितना
बचà¥à¤šà¤¾ जब à¤à¤• साल का हो जाता है तो बचà¥à¤šà¤¾ अब वही खाना खा सकता है जो परिवार के बाकी लोगों ने खाया हो। 1 साल की उमà¥à¤° में आपका बचà¥à¤šà¤¾ खà¥à¤¦ खाना सीख रहा है। वह जितना हो सके अपना खाना चबा सकता है, इसलिठवह
बचà¥à¤šà¤¾ जब à¤à¤• साल का हो जाता है तो बचà¥à¤šà¤¾ अब वही खाना खा सकता है जो परिवार के बाकी लोगों ने खाया हो। 1 साल की उमà¥à¤° में आपका बचà¥à¤šà¤¾ खà¥à¤¦ खाना सीख रहा है। वह जितना हो सके अपना खाना चबा सकता है, इसलिठवह परिवार के बाकी लोगों की तरह ही खाना खा सकता है। 1 साल की उमà¥à¤° में, ठोस आहार, सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ और पोषण का मà¥à¤–à¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं। वह दिन में तीन से चार बार तीन चौथाई से à¤à¤• कप à¤à¥‹à¤œà¤¨ ले सकता है, साथ ही à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बीच à¤à¤• से दो सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ ले सकता है। जब तक आपका बचà¥à¤šà¤¾ कम से कम 2 साल का न हो जाà¤, तब तक जितना चाहें उतना सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जारी रखें। साथ ही इस उमà¥à¤° में जंक फूड और कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क देने से बचें।
à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के पेट की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होती है और वह à¤à¤• दिन में 3 बड़े मील नहीं ले सकता है। उसे अपने शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को पूरा करने के लिठआम तौर पर à¤à¤• दिन में 6 छोटे à¤à¥‹à¤œà¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी। अपने बचà¥à¤šà¥‡ को बार-बार दूध पिलाने की सबसे अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि आपको उसके सेवन की मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंता करने की जरूरत नहीं है। à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बीच चार घंटे का समय छोड़ दें ताकि आपके बचà¥à¤šà¥‡ के पास à¤à¥‚ख बढ़ाने का समय हो और अपने बचà¥à¤šà¥‡ को यह तय करने दें कि उसने कब परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ किया है। आप मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ दिलकश और मीठा दोनों तरह का कोरà¥à¤¸ पेश कर सकते हैं। यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाठजा रहे खाने की विविधता को बढ़ाता है, और उसे पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को लेने के दो अवसर देता है।
इस उमà¥à¤° में, बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषण और बीमारी से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है, लेकिन अनà¥à¤¯ खाने की चीजें उसके पोषण और ऊरà¥à¤œà¤¾ का मà¥à¤–à¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ बन जाते हैं। पहले उसे अनà¥à¤¯ तरह के खाने खिलाà¤à¤‚ और तब à¤à¥€ à¤à¥‚खा रहे तो उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚। आपका बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤› à¤à¥€ खा सकता है, इसलिठउसे अपने परिवार के खाठजाने वाले सà¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ में से कà¥à¤› दें और हर बार कितना दे रही हैं उसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि उसके पास पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• दिन दूध, डेयरी, अंडे, मांस, मछली और मà¥à¤°à¥à¤—ा जो à¤à¥€ खाते हों वो सà¤à¥€ मिले। साथ ही फलियां जैसे छोले, दाल या मटर, या नटà¥à¤¸ और हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और फल à¤à¥€ दें।
| --------------------------- | --------------------------- |