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Neurological Disorder: हाथ कांपने की समसà¥à¤¯à¤¾ है इस बीमारी का इशारा
कà¥à¤› लोगों को सामान पकड़ते समय, कà¥à¤› लिखते समय या अनà¥à¤¯ काम करते समय हाथ कांपने की दिकà¥à¤•त होती है। आमतौर पर इस तरह की दिकà¥à¤•त बड़ी उमà¥à¤° के लोगों में देखने को मिलती है। लेकिन कई केसेज में यह समसà¥à¤¯à¤¾ किसी टीनेजर बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ हो सकती है
 Neurological Disorder: हाथ कांपने की समसà¥à¤¯à¤¾ है इस बीमारी का इशारा
कोई सामान पकड़ते समय या कà¥à¤› समय के लिठहाथ सीधा रखने की कोशिश के दौरान लगातार हाथ का कांपना और इस पर चाहकर à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤£ ना कर पाना टà¥à¤°à¥‡à¤®à¤°à¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ होते हैं। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है, जो हाथ कांपने से शà¥à¤°à¥‚ होती है और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ना दिठजाने पर पारà¥à¤•िंसन डिजीज में बदल सकता है। यहां जानें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है हाथ कांपने की à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾...
इन कामों में होती है दिकà¥à¤•त
-जिन लोगों को हाथ कांपने की दिकà¥à¤•त होती है वे कैंची का उपयोग करने, सà¥à¤ˆà¤‚ में धागा डालने, सबà¥à¤œà¥€ काटने, लिखने, देर तक टाइपिंग करने जैसे उन कामों को करने में दिकà¥à¤•त का अनà¥à¤à¤µ करते हैं, जिनमें हाथों और बà¥à¤°à¥‡à¤¨ के बीच अधिक सामंजसà¥à¤¯ बनाठरखने की जरूरत होती है।
हाथ कांपने की समसà¥à¤¯à¤¾
-हाथ का कांपना, उंगलियों में कंपनà¥à¤¨ होना। पूरी बांह का कांपना या फिर सिरà¥à¤« कलाई से लेकर ऊंगलियों में कंपनà¥à¤¨ होना। ये कà¥à¤› इस तरह की दिकà¥à¤•ते हैं, जो किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में बहà¥à¤¤ धीरे-धीरे शà¥à¤°à¥‚ होती हैं। लेकिन आगे चलकर ये इस तरह गंà¤à¥€à¤° हो जाती हैं कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कोई à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाकर करने वाला काम या सधा हà¥à¤† काम नहीं कर पाता।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है हाथ कांपने की दिकà¥à¤•त?
-किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के साथ इस तरह की दिकà¥à¤•त बà¥à¤°à¥‡à¤¨ की à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है। à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ का कहना है कि जब शरीर की कà¥à¤› खास कोशिकाà¤à¤‚ किसी à¤à¥€ चोट या बीमारी के कारण दब जाती हैं, तब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में इन दिकà¥à¤•तों की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है।
इस बीमारी की वजह
-चोट के अलावा इस बीमारी के कारण वंशानà¥à¤—त à¤à¥€ होते हैं। यदि माता के परिवार में यह दिकà¥à¤•त किसी को रही होती है तो बेटे में यह बीमारी जाने के चांस बढ़ जाते हैं। वहीं, अगर पिता के परिवार में किसी को इस तरह की दिकà¥à¤•त होती है तो बेटी में इस बीमारी के टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफर होने की आशंका अधिक होती है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ना देने पर
-यदि समय रहते इस समसà¥à¤¯à¤¾ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ना दिया जाठतो आगे चलकर यह पारà¥à¤•िंसन रोग में बदल सकती है। इस बीमारी में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की चाल धीमी हो जाती है। वह चाहकर à¤à¥€ तेज गति से नहीं चल पाता है। हाथों में कंपनà¥à¤¨ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अधिक गंà¤à¥€à¤° रूप ले लेती है।
-चेहरे के à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤‚स पर नियंतà¥à¤°à¤£ नहीं रहता है। पलक à¤à¤ªà¤•ने, बात करने, चलने, मà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ यहां तक कि उठने-बैठने में à¤à¥€ दिकà¥à¤•त होने लगती है। à¤à¤¸à¤¾ लगने लगता है, जैसे अपने शरीर के जोड़ों पर और कà¥à¤› अंगों पर अपना नियंतà¥à¤°à¤£ ही नहीं रह गया है।
खाना खाने में होती है दिकà¥à¤•त
-रोगी को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में खाना चबाने में दिकà¥à¤•त होती है और फिर खाना निगलने में à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है। पानी का गिलास पकड़ना आदि संà¤à¤µ नहीं हो पाता है। अगर इन सब लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बाद à¤à¥€ बीमारी को अनदेखा किया जाठतो आगे चलकर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बोलने में à¤à¥€ दिकà¥à¤•त होने लगती है।
इलाज से संबंधित बातें
-अगर आप हाथ में कंपनà¥à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिल लेंगे तो इलाज गंà¤à¥€à¤° रूप नहीं ले पाà¤à¤—ा। यदि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में यह दिकà¥à¤•त गंà¤à¥€à¤° रूप ले चà¥à¤•ी है तो दवाइयों और सरà¥à¤œà¤°à¥€ के जरिठइसका इलाज संà¤à¤µ है।
-इस समसà¥à¤¯à¤¾ के निदान के लिठआप फिजिशियन, नà¥à¤¯à¥‚रॉलजिसà¥à¤Ÿ, सायकाइटà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से मिल सकते हैं। आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के हिसाब से ये आपकी बीमारी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सलाह और दवाई आपको सà¥à¤à¤¾à¤à¤‚गे।
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