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जानें, कहां कितने समय तक जीवित रहता है कोरोना वायरस: अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨
नà¥à¤¯à¥‚ इंगà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड जरà¥à¤¨à¤² ऑफ मेडिसिन में पà¥à¤°à¤•ाशित अधà¥à¤§à¤¯à¤¨ में बताया गया है कि कोरोनावायरस किस चीज में कितने समय तक à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रह सकता है
कोरोनावायरस (कोविड-19) जमीन, धातà¥, पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• की सतहों पर और हवा में कई घंटों तक जीवित रहता है। यह नया अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ नà¥à¤¯à¥‚ इंगà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड जरà¥à¤¨à¤² ऑफ मेडिसिन में पà¥à¤°à¤•ाशित हà¥à¤† है।
वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने पता लगाया कि वायरस à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤² में तीन घंटे तक, तांबे पर चार घंटे तक, कारà¥à¤¡à¤¬à¥‹à¤°à¥à¤¡ (लकड़ी के गतà¥à¤¤à¥‡) पर 24 घंटे तक और पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• और सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤²à¥‡à¤¸ सà¥à¤Ÿà¥€à¤² पर दो से तीन दिन तक जीवित रह सकता है। उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय है कि à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤² हवा या किसी अनà¥à¤¯ गैस में ठोस कण या तरल बूंदे हैं, à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤² पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक या मानवजनित हो सकता है।
सह-अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¤•रà¥à¤¤à¤¾ जेमà¥à¤¸ लॉयड-सà¥à¤®à¤¿à¤¥ और पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•ी और विकासवादी जीवविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के यूसीà¤à¤²à¤ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° ने कहा कि यह वायरस संपरà¥à¤• में आने से काफी संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• हो जाता है। यदि आप उन वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को छू रहे हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने हाल ही में छà¥à¤† है, तो आपको à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है और आपके माधà¥à¤¯à¤® से कोरोनावायरस दूसरों में फैल सकता है, इसलिठहाथ धोना जरà¥à¤°à¥€ है।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¤•रà¥à¤¤à¤¾ यूसीà¤à¤²à¤, नेशनल इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ हेलà¥à¤¥ के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग, रोग नियंतà¥à¤°à¤£ और रोकथाम केंदà¥à¤°, और पà¥à¤°à¤¿à¤‚सटन विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से हैं।
फरवरी में, लॉयड-सà¥à¤®à¤¿à¤¥ और उनके सहयोगियों ने पतà¥à¤°à¤¿à¤•ा ई-लाइफ में बताया कि कोविड-19 के लिठयातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग बहà¥à¤¤ असरदार नहीं है। वायरस से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ लोग - जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आधिकारिक तौर पर सारà¥à¤¸-सीओवी-2 नाम दिया गया है, वे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤•ट होने से पहले वायरस को फैला सकते हैं। लॉयड-सà¥à¤®à¤¿à¤¥ ने कहा कि वायरस के जीव विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और महामारी विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के अपने शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चरणों में पता लगाना बहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िल बना दिया है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिकांश मामलों में पांच दिनों तक या समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में आने के बाद लंबे समय तक इसके कोई लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखाई देते है।
लॉयड-सà¥à¤®à¤¿à¤¥ ने कहा कई लोगों में अà¤à¥€ तक लकà¥à¤·à¤£ विकसित नहीं हà¥à¤ हैं, फà¥à¤²à¥‚ महामारी के डेटा के विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ के आधार पर कहा जा सकता है कि बहà¥à¤¤ से लोगों को पता ही नहीं चलता है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करोना है।
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