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प्रेगनेंसी के बाद पेट कम करने की एक्सरसाइज़
मां बनना एक खूबसूरत एहसास है। गर्भ धारण करने से लेकर डिलीवरी तक 9 महीने के इस सफर के हर पल को मां जी भरकर जीती है। इतना भी आसान नहीं होता ये सब। कई मुश्किलों, तकलीफों से गुजरने के बाद वो एक बच्चे को जन्म देती है। तभी तो कहते हैं कि बच्चे के जन्म के साथ ही मां का भी एक नया जन्म होता है। शरीर में हुए बदलाव, वज़न बढ़ना व पेट बढ़ने जैसी समस्या से भी जूझना भी कहाँ आसान होता है। लेकिन सही देखभाल से सब कुछ संभव है। बस, हमारे द्वारा बताई गई कुछ बातों को ध्यान में रखकर आप डिलीवरी के बाद के बढ़े पेट को कम कर सकते हैं और फिट भी रह सकते हैं।

गर्भावस्था के बाद वजन बढ़ने के कारण
डिलीवरी के बाद वजन कम करना क्यों जरूरी है?
प्रेगनेंसी के बाद कब शुरु करें व्यायाम?
प्रेगनेंसी के बाद पेट कम करने की एक्सरसाइज़
सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने के उपाय
डिलीवरी के बाद कैसी डाइट लेनी चाहिए?
गलत एक्सरसाइज से हो सकता है नुकसान
प्रेग्नेंसी के बाद के सवाल-जवाब


गर्भावस्था के बाद वजन बढ़ने के कारण
प्रेग्नेंसी के बाद वजन बढ़ना महिलाओं की आम समस्या है, लेकिन थोड़ी-सी देखभाल से बढ़े हुए पेट को आसानी से कम किया जा सकता है। महिलाओं में पेट बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होता है प्रसव के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव होना। इस दौरान मांसपेशियां फैल जाती हैं, जिससे पेट फूला हुआ नजर आता है। डिलीवरी के बाद जल्द ही एक्सरसाइज़ शुरू कर दी जाए तो पेट को जल्दी ही पहले की तरह फ्लैट बनाया जा सकता है। प्रेग्नेंसी के बाद एक्सरसाइज़ नहीं किया तो पेट इसी तरह बढ़ा हुआ रह जाता है। डिलीवरी के बाद 'ममी टमी' को कम करने के लिए हमारे बताए टिप्स ट्राई करें।

डिलीवरी के बाद वजन कम करना क्यों जरूरी है?
डिलीवरी के बाद शरीर का खयाल रखना बहुत जरूरी हो जाता है, ताकि फिर शरीर कि फिर बनाया जा सके और शरीर की मांसपेशियाँ ढीली पड़ने से पेट लटक न जाए। यदि इस समय पेट कम न किया जाए तो भविष्य में यही चर्बी स्वास्थ्य के लिए कई दिक्कतें पैदा कर सकती हैं। मोटापे की शिकार महिलाओं में डायबिटिज, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियां देखने को मिलती हैं इसलिए प्रेग्नेंसी के बाद बढ़े हुए मोटापे को जल्दी दूर करना बेहद जरूरी है।

प्रेगनेंसी के बाद कब शुरु करें व्यायाम?
प्रेग्‍नेंसी के दौरान ही शरीर में काफी बदलाव होना शुरू हो जाते हैं। बच्चे के जन्म के बाद शरीर कमजोर हो जाता है, इसलिए खान-पान का भी पूरा खयाल रखना पड़ता है। शरीर को फिर से पुराने आकार में आने के लिए वक़्त लगता है। ऐसे में काफी मेहनत के बाद और समय के बाद ही शरीर में फ़र्क नज़र आता है। यदि आपकी नॉर्मल डिलीवरी हुई है तो आप कुछ दिनों बाद ही एक्सरसाइज़ कर सकती हैं, लेकिन यदि आपका सी-सेक्‍शन (सिजेरियन ऑपरेशन) से डिलीवरी हुई हो तो बॉडी को शेप में लाना और भी मुश्किल काम हो जाता है। आपको एक्सरसाइज़ के लिए भी घाव भरने तक का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में डॉक्टर्स भी जल्दी एक्सरसाइज़ की राय नहीं देते हैं।

प्रेगनेंसी के बाद पेट कम करने की एक्सरसाइज़
डिलीवरी के बाद शिशु की देखभाल में मां इतनी बिजी हो जाती है कि उसे अपने लिए टाइम ही नहीं मिलता। ऐसे में आप घर पर ही ये आसान एक्सरसाइज़ करके अपने बढ़े हुए पेट को कम कर सकती हैं। डिलीवरी के बाद जल्दी एक्सरसाइज़ शुरू कर दी जाए तो बढ़े हुए पेट को जल्दी कम किया जा सकता है, वरना पेट इसी तरह बढ़ा हुआ रह जाता है। एक्सरसाइज़ शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

सिट-अप्स

जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। अपने हाथों को गर्दन के पीछे लगाएं फिर धीरे से अपने सिर को ऊपर की ओर उठाएं। इस प्रक्रिया को आठ से दस बार दोहराएं।
पेल्विक स्क्वीज एक्सरसाइज़

जमीन पर लेट जाएं और सामान्य तरीके से सांस लेते रहें। पेल्विक मसल्स को आगे और पीछे दोनों तरफ से टाइट कर लें। ठीक उसी तरह जैसे पेशाब लगने पर आप खुद को रोक रहीं हों। 10 सेंकड तक इसी पोजिशन में रहें, फिर पेल्विक मसल्स को ढीला छोड़ दें। इस प्रक्रिया को 20 बार दोहराएं। यह एक्सरसाइज़ दिन में बार करें। यह एक्सरसाइज़ प्रेग्नेंसी के बाद लोअर टमी को टाइट करने में मदद करती है।
टमी टक एक्सरसाइज़

पीठ के बल जमीन पर आराम से लेट जाएं और दोनों पैर के घुटनों को मोड़ कर रखें। नाभी के नीचे के पेट को अंदर की ओर खींचें। इस बात का खास ध्यान रखें कि आपको पूरा पेट अंदर नहीं खींचना है, आपको सिर्फ लोअर ऐब्डॉमन को अंदर खींचना है। 10 से 30 सेकंड तक पेट को अंदर खींचकर रखें और यह प्रक्रिया 10 बार दोहराएं। यह एक्सरसाइज़ दिन में बार करें। यह एक्सरसाइज़ प्रेग्नेंसी में बढ़े हुए पेट को कम करने में बहुत उपयोगी है।
पेल्विक टिल्ट एक्सरसाइज़

घुटनों को मोड़कर जमीन पर लेट जाएं। दोनों हथेलियों को पेट के निचले हिस्से पर रखें और लोअर ऐब्डॉमन की मांसपेशियों को अंदर की ओर खींचकर रखें। इसके बाद पेल्विक को ऊपर की तरफ ऊठाएं ताकि वह आपकी पीठ की सीध में हो जाए। कंधों को रिलैक्स्ड रखें और सामान्य रुप से सांस लेती रहें। 10 सेंकेड के लिए इसी पोजिशन में रहें। यह एक्सरसाइज़ दिन में 5 बार करें, जल्द ही आपका बढ़ा हुआ पेट कम हो जाएगा।
प्लैंक विद सपोर्ट एक्सरसाइज़

दीवार के सामने सीधे खड़े हो जाएं। हथेलियों को दीवार पर इस तरह रखें ताकि आपका हाथ और कंधा दोनों स्ट्रेट रहें। अब नाभि को अंदर की ओर खींचकर स्पाइन की तरफ ले जाने की कोशिश करें और इस दौरान नॉर्मल सांस लेती रहें। इस पोजिशन में 10 सेकंड तक रहें। यह प्रक्रिया 10 बार दोहराएं। इस एक्सरसाइज़ को दिन में 5 बार करने से जल्दी फायदा मिलता है।
ब्रिज पोज

पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को जमीन से सटा लें। फिर अपने घुटनों को मोड़ लें और हाथों से एडियों को छूएं। पीठ को ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान अपनी पीठ व छाती दोनों को ऊपर की ओर उठाकर रखें और अपने हाथों को पीठ पर लगाकर रखें। 10-15 सेकंड तक इस अवस्था में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं। इस प्रक्रिया को आठ से दस बार दोहराएं।
सीजर किक्स एक्सरसाइज़

सबसे पहले आप फर्श पर लेट जाइए। अपने दोनों हाथों को कूल्हों के नीचे रखिए। ध्यान रखें कि पीठ जमीन पर लगा होना चाहिए। अब अपने एक पैर को धीरे-धीरे थोड़ा ऊपर उठाएं और फिर धीरे-धीरे जमीन पर रखिए। अब दूसरे पैर के साथ भी यही दोहराएं। 4-5 बाद जरूर दोहराएं।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने के उपाय
सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट की चर्बी कम करने में और इसे लटकने से बचाने के लिए एब्डोमिनल बेल्ट लगा सकती हैं। बेल्ट को आप दिनभर लगा सकते हैं, लेकिन सोते समय, खाते समय और टॉयलेट जाते समय न लगाएं। प्रसव के दो महीने बाद टांके ठीक दिखने पर बेल्ट या कपड़ा बांध सकते हैं।

डिलीवरी के पंद्रह दिन बाद घाव भरने पर आप शरीर की मालिश करवाएं, जिससे मांसपेशियों में कसाव आएगा।
एक्सरसाइज़ और योगासन पेट के साथ शरीर की चर्बी को कम करने में कारगर सिद्ध होता है।
बेलेंस्ड डायट लें और खूब पानी पिएं। साथ में पर्याप्त नींद जरूर लें।


डिलीवरी के बाद कैसी डाइट लेनी चाहिए?
डिलीवरी के बाद कई महिलाएं जल्दी वजन कम करने के लिए हैवी एक्सरसाइज़ करती हैं, लेकिन डिलीवरी के तुरंत बाद ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। डिलीवरी के दौरान कई महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग होती है, जिससे वो अंदर से कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में सबसे पहले उन्हें फिजिकली स्ट्रॉन्ग होने क जरूरत होती है। डिलीवरी के बाद महिलाओं को सबसे पहले अपने शरीर के हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए और कुछ समय आराम करने के बाद डॉक्टर की सलाह लेकर ही एक्सरसाइज़ शुरू करना चाहिए।

गलत एक्सरसाइज से हो सकता है नुकसान
डिलीवरी के बाद कई महिलाएं जल्दी वजन कम करने के लिए हैवी एक्सरसाइज़ करती हैं, लेकिन डिलीवरी के तुरंत बाद ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। डिलीवरी के दौरान कई महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग होती है, जिससे वो अंदर से कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में सबसे पहले उन्हें फिजिकली स्ट्रॉन्ग होने क जरूरत होती है। डिलीवरी के बाद महिलाओं को सबसे पहले अपने शरीर के हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए और कुछ समय आराम करने के बाद डॉक्टर की सलाह लेकर ही एक्सरसाइज़ शुरू करना चाहिए।

प्रेग्नेंसी के बाद के सवाल-जवाब

Q. डिलीवरी के कितने दिन बाद पेट कम होता है?

A. प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भाशय बढ़ता है और उसके साथ आपका पेट भी। इसलिए डिलीवरी के तुरंत बाद पेट कम नहीं होता, उसे अपने पुराने आकार में आने के लिए 6 से 8 हफ्ते लग सकते हैं।
Q. क्या दौड़ लगाने से पेट कम होता है?

A. जी हाँ, दौड़ लगाने से शरीर के साथ पेट की चर्बी भी घटती है। लेकिन डॉक्टर से पूछ कर ही उनके निर्देशनुसार ही दौड़ लगाएं।
Q. सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या क्या परहेज करना चाहिए?

A. सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपको ज्यादा तला-गला व मिर्च-मसाले के खाने से परहेज करना चाहिए। ऐसी सब्जियां न खाएं, जिससे गैस बनती हो। साथ ही ठंडी चीजों से भी परहेज करें।
Q. क्या सिजेरियन डिलीवरी में पेट ज्यादा बढ़ता है?

A. ज्यादातर महिलाओं में पेट बढ़ने की समस्या उस दौरान आती है, जब उनकी सिजेरियन डिलीवरी होती है। सर्जरी करते समय डॉक्टर पेट की मांसपेशियों को सात परतों में काटते हैं, जिससे पेट ज्यादा बढ़ जाता है और इसे ठीक होने में भी समय लगता है।


चूंकि अब त्योंहार का मौसम बीत चुका है और आप अपने नॉर्मल रूटीन पर आ गए हैं, तो पिछले दिनों जो भी आपने मीठा और तला-गला खाया है, उसका असर अब आपके शरीर पर साफ नज़र आ रहा होगा। आलस्य, शरीर का फूलना, एक्ने आदि मीठा खान का असर है। लेकिन परेशान होने की बात नहीं है, हम हैं न आपके साथ। हम आपको बता रहे हैं 5 डीटॉक्स ड्रिंक्स के बारे में जिसे पी कर आप अपनी हाई कैलोरी को कम कर सकते हैं।

नींबू और अदरक का डीटॉक्स ड्रिंक
सेब, पुदीना और दालचीनी का डीटॉक्स ड्रिंक
अनार और पुदीना का डीटॉक्स ड्रिंक
संतरे का डीटॉक्स ड्रिंक
ककड़ी और पुदीने का डीटॉक्स ड्रिंक


नींबू और अदरक का डीटॉक्स ड्रिंक
नींबू और अदरक का डीटॉक्स ड्रिंक

विटामिन सी से भरपूर नींबू और अदरक पाचन में सुधार करता है। यह आपकी बॉडी को डिटॉक्सीफाय करता है और जो एक्स्ट्रा कैलोरीज़ आपने त्योहार के दिनों में खाई है, उसे बर्न करता है। इस डीटॉक्स ड्रिंक को बनाने के लिए आधा नींबू का रस और थोड़ा कद्दूकस किया हुआ अदरक लें और एक बड़े गिलास में मिलाकर पिएं।

सेब, पुदीना और दालचीनी का डीटॉक्स ड्रिंक
सेब, पुदीना और दालचीनी का डीटॉक्स ड्रिंक

इस ड्रिंक को बनाने के लिए आपको चाहिए एक सेब, कुछ पुदीने की पत्तियां और एक दालचीनी की स्टिक या पाउडर। एक लीटर पानी में सभी सामग्रियां मिला लें और कुछ घंटों तक ऐसे ही रखें। इस पानी को दिन भर थोड़ा-थोड़ा करके पिएं। दालचीनी एक नेचुरल मेटाबोलिज़्म बूस्टर का काम करता है, वहीं सेब में खूब फाइबर होता है और कम कैलोरीज़ भी है। यानी त्योंहार के दिनों में खाए हैवी खाने को पचाने के लिए परफेक्ट।

अनार और पुदीना का डीटॉक्स ड्रिंक
अनार और पुदीना का डीटॉक्स ड्रिंक

यह क्विक और सुपर हायड्रेटिंग डीटॉक्स ड्रिंक ऐसे समय के लिए एकदम सही है, जब आपको अपने शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने हो। यह डीटॉक्स ड्रिंक बनाने के लिए आपको चाहिए एक कप अनार के दाने, कुछ पुदीने की पत्तियां और एक गिलास ठंडा पानी। पानी में ये सभी सामग्रियां मिला लें और कुछ देर के बाद पीने के लिए इस्तेमाल में लें।

संतरे का डीटॉक्स ड्रिंक
संतरे का डीटॉक्स ड्रिंक

इस डीटॉक्स ड्रिंक को बनाने के लिए आपको चाहिए संतरे और नींबू की 5 स्लाइस, पुदीने की कुछ पत्तियां और आधा लीटर पानी। सभी सामग्री को पानी में मिलाकर रख दें और कुछ घंटे के बाद इस पानी को पिएं। यह ड्रिंक न सिर्फ आपकी कैलोएरीज़ को बर्न करेगा, बल्कि इससे आपकी स्किन भी बहुत अच्छी हो जाएगी। विटामिन सी से भरपूर यह संतरे और नींबू का डीटॉक्स केलोरीज़ को बर्न करने के साथ टॉक्सिन्स भी बाहर निकालेगा।

ककड़ी और पुदीने का डीटॉक्स ड्रिंक
ककड़ी और पुदीने का डीटॉक्स ड्रिंक

इस रिफ्रेशिंग डीटॉक्स ड्रिंक को बनाने के लिए एक ककड़ी और 15-20 पुदीने की पत्तियां लें। ककड़ी के पतले स्लाइस कर लें और इसे पुदीने के साथ एक लीटर पानी में मिलाकर 3-4 घंटे के लिए रख दें। अब इसे दिनभर थोड़ा-थोड़ा करके पिएं।

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