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स्किन पर लाल चकत्ते हो सकते हैं सोरायसिस, इन 8 फूड्स से तुरंत बना लें दूरी

त्वचा पर होने वाले लाल चक्कतों को लेकर लापरवाही न बरतें.

Stop Taking These 8 Foods in Psoriasis : कई बार हमारे शरीर पर लाल चकत्ते हो जाते हैं और उसमें खुजली भी होने लगती है. इसे अनदेखा बिल्कुल न करें. हो सकता है ये सोरायसिस (Psoriasis) के संकेत हों. कई लोग इसे सामान्य एलर्जी या इंफेक्शन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे ये बीमारी कम होने के बजाय और बढ़ जाती है. सोरायसिस दरअसल एक ऐसी ऑटोइम्यून डिजीज (Autoimmune Disease) है, जिसमें स्किन के किसी हिस्से पर लालिमा के साथ उभरने वाले चकत्ते और खुजली होने लगती है. ज्यादातर ये घुटने, कोहनी और पीठ पर होते है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार भारत में करीब 0.44 से लेकर 2.8 प्रतिशत तक लोग इससे प्रभावित हैं. आमतौर पर ये 30 से 40 साल की उम्र के लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है और महिलाओं की तुलना में पुरुष इससे दो गुना अधिक प्रभावित होते हैं.

सोरायसिस के एक तिहाई मरीजों को डिप्रेशन और स्ट्रेस जैसे मानसिक रोग हो जाते हैं. इसलिए इलाज के साथ ही डाइट में कुछ बदलाव कर सोरायसिस को खत्म तो नहीं, लेकिन बढ़ने से जरूर रोका जा सकता है.

वसायुक्त दूध (Whole Milk) 
कैंसर और दिल की बीमारी की तरह सोरायसिस भी एक इन्फ्लेमेटरी डिजीज है. जिससे शरीर में सूजन बढ़ती है. फैट इन्फ्लेमेटरी टिशू होता है और इसे कम करने से सोरायसिस में मदद मिल सकती है. होल मिल्क यानी वसायुक्त दूध में 3.25% फैट होता है. दूध पीना ही है तो 1-2% फैट वाले मिल्क या स्किम्ड मिल्क (टोंड दूध) का यूज कर सकते हैं.

कॉफी (Coffee)
कॉफी और चाय जैसी चीजों में कैफीन नाम का केमिकल होता है, जिससे शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ सकता है. सॉफ्ट ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और हॉट चॉकलेट में भी कैफीन पाया जा सकता है. इसलिए इन सभी चीजों से बचें.


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चॉकलेट (Chocolate)
चाय-कॉफी की तरह चॉकलेट भी कैफीन का ही एक अहम सोर्स है. इसलिए प्रोटीन बार, चॉकलेट के फ्लेवर वाली आइसक्रीम, टॉफी और चॉकलेट से बनी हुई मिठाइयों से दूर रहने में ही भलाई है.

चीज (Cheese)
चीज (Cheese) भी फैट से भरपूर डेयरी उत्पाद है. इससे भी बॉडी में इंफ्लेमेशन बढ़ सकता है और सोरायसिस के लक्षण बढ़ सकते हैं. कोशिश करें कि चीज की जगह उसके जैसे स्वाद वाले फूड्स खाएं. अगर आपको बर्गर और सैंडविच खाने की आदत है तो इन्हें बिना चीज के ले सकते हैं.

ग्लूटेन (Gluten)
गेहूं, जौ और राई में पाया जाने वाला ग्लूटेन (Gluten) नाम का प्रोटीन सोरायसिस के कुछ मरीजों को परेशान कर सकता है. कई लोगों को इससे एलर्जी हो जाती है. अगर आपको भी इससे एलर्जी है तो ग्लूटेन फ्री डाइट लें.

प्रोसेस्ड फूड (Processed Food)
प्रोसेस्ड फूड्स (processed food) और फास्ट फूड (Fast Food) के इन्फ्लेमेटरी गुण आपको परेशान कर सकते हैं. इनमें फैट और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है. सोरायसिस के मरीजों को इन चीजों से दूर रहना चाहिए. उन्हें ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए.

लाल मांस (Red Meat)
लाल मांस यानी रेड मीट में फैट की मात्रा ज्यादा होती है. इससे सोरायसिस के मरीजों की हालत और खराब हो सकती है. रेड मीट की जगह लीन मीट, जैसे बिना स्किन का चिकन और मछली खा सकते हैं.

शराब (Alcohol)
शराब तो वैसे भी हमारी बॉडी के सबसे अहम हिस्से दिल और लिवर को नुकसान ही पहुंचाती है, इसका वैसे तो कोई लाभ है नहीं, फिर भी लोग शौक के लिए इसे पीते हैं. कुछ लोगों का मानना है कि ये सोरायसिस के लक्षणों को भी बढ़ा सकती है. इसलिए शराब से जितनी दूरी बना सकें, उतना अच्छा.

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