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मैक्युलर इडिमा के उपचार में दवाएं, लेजर और सर्जरी प्रभावी होते हैं, पर इंट्राविट्रियल इंजेक्शन (आईवीआई) सबसे प्रचलित है। यदि मैक्युलर इडिमा एक ही जगह पर है तो फोकल लेजर किया जा सकता है। आई ड्रॉप्स : एंटी-इनफ्लेमेटरी ड्रॉप्स द्वारा रेटिना की मामूली सूजन को कम किया जा सकता है।
डायबिटिक मैकुलर एडिमा का क्या है ट्रीटमेंट (Diabetic Macular Edema treatment)
मौजूदा समय में डायबिटिक मैकुलर एडिमा से ग्रसित मरीजों का इफेक्टिव ट्रीटमेंट मौजूद है। यदि कोई व्यक्ति नियमित तौर पर डॉक्टरी सलाह लेता है तो उसका डायबिटिक मैकुलर एडिमा की बीमारी से बचाव किया जा सकता है। ट्रीटमेंट कर आंखों की रोशनी को जाने से बचाया जा सकता है। जरूरत के अनुसार आपका आई केयर स्पेशलिस्ट आपको एक से अधिक ट्रीटमेंट की सलाह भी दे सकता है।
लेजर थेरेपी
डायबिटिक मैकुलर एडिमा का इलाज लेजर थेरेपी से भी किया जाता है। क्लिनिक या अस्पतालों में ही लेजर थेरेपी से इलाज किया जाता है, क्योंकि इस ट्रीटमेंट को अंजाम देने के लिए उपकरणों की आवश्यकता होती है। डायबिटिक मैकुलर एडिमा की बीमारी से ग्रसित लोगों की आंखों में रेटिना के आसपास हुए डैमेज को लेजर की मदद से हटाया जाता है। इस प्रक्रिया की मदद से ब्लड वेसल्स में लिकेज की समस्या को सुलझाने के साथ असामान्य रूप से विकसित ब्लड वेसल्स को रोका जाता है।
लेजर थेरेपी की मदद से वर्तमान में विजन लेवल को मेनटेन रखने के साथ भविष्य में होने वाले विजन लॉस को भी रोका जा सकता है। लेकिन इसके लिए आपको बस कुछ लेजर ट्रीटमेंट की आवश्यकता पड़ सकती है ताकि आई डैमेज को रिपेयर किया जा सके। यदि अतिरिक्त आंखों की डैमेज होती है तो आपको अन्य ट्रीटमेंट की आवश्यकता पड़ सकती है।
इंजेक्टेबल मेडिकेशन से भी इलाज संभव
मौजूदा समय में इंजेक्टेबल मेडिकेशन के दो ग्रुप है, पहली एंटी वीईजीएफ और दूसरा स्टेरॉयड। हर एक ग्रुप में अलग-अलग प्रकार होते हैं। आपके आंखों की जांच करने के बाद आपके आई केयर स्पेशलिस्ट दवाओं से संबंधित डोज का निर्धारण करते हैं।
इन दवाओं की मदद से डायबिटिक मैकुलर एडिमा के केस में मरीज को दर्द से राहत दिलाया जा सकता है। इस दवा के डोज के तहत बेहद ही पतले इंजेक्शन नुमा निडल की मदद से आंखों में दवा दी जाती है।
यहां एंटी वीईजीएफ का तात्पर्य एंटी वस्कुलर एंडोथेलियल ग्रोथ फैक्टर से जुड़ा है। इस कैटेगरी से संबंधित दवा असामान्य ब्लड वेसल्स ग्रोथ को रोकने के साथ भविष्य में होने वाले डैमेज को रोकता है। वहीं यह सूजन भी कम करता है।
डीएमई की बीमारी होने पर डॉक्टर कुछ दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे-
लूसेंटिस (Lucentis)
आएलिया (Eylea)
ऑजूरडेक्स (Ozurdex)
ल्यूविन (Iluvien)
फ्लूसिनोलोन (Fluocinolone)
डेक्सामेथासोन (Dexamethasone)
रेनीबिजूमैब (Ranibizumab)
अफ्लीबिरसेप्ट (Aflibercept)
दवाओं का सेवन करने के पूर्व जरूरी है कि डॉक्टरी सलाह ली जाए। बिना डॉक्टरी सलाह के दवा का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
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