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गैस आपके शिशु के पेट में जमा हवा है। शिशु दूध पीते समय दूध के साथ-साथ बहुत सारी हवा भी अंदर निगल लेता है।

वह रोते समय और यहां तक कि सांस लेते समय भी हवा अंदर गटक सकता है। गैस अंदर जाने से शिशु को पर्याप्त दूध पीए बिना ही पेट भरा-भरा सा महसूस होता है। पेट के अंदर गैस होने से शिशु को बहुत असहजता भी हो सकती है।

कई बार दूध या भोजन अच्छी तरह न पच पाने की वजह से भी अत्याधिक हवा बन सकती है। आंतों में सामान्यत: मौदज बैक्टीरिया दूध या भोजन को फर्मेंट कर सकते हैं, जिससे ज्यादा गैस बनती है। जिन शिशुओं में यह समस्या होती है, वे बीमार से लग सकते हैं और उनका वजन भी सही ढंग से नहीं बढ़ता।

साथ ही, कुछ शिशुओं के पेट में बहुत ज्यादा गैस होती है और उन्हें हर बार दूध पिलाने के बाद डकार दिलवाने की जरुरत होती है। वहीं, कुछ शिशुओं को शायद ही कभी गैस होती है।


अपने शिशु को गैस होने से कैसे बचा सकती हूं?

बोतल से दूध के प्रवाह की वजह से शिशु बहुत सारी गैस अंदर निगल सकते हैं। शिशु के पेट में कम गैस जाए, इसके लिए आप शिशु को जितना सीधा हो सके उतना सीधा रखकर बोतल से दूध पिलाएं। साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि बोतल को थोड़ा उठाकर रखें, ताकि दूध निप्पल के छेद को पूरी तरह ढक ले।

बोतल में छेद बहुत बड़ा या बहुत छोटा नहीं होना चाहिए। छोटे छेद से शिशु परेशान हो सकता है और वह ज्यादा दूध निगलने का प्रयास करता है। बहुत बड़ा छेद होने से दूध का प्रवाह बहुत तेज जोता है।

कुछ बोतले हवा अंदर निगलने से रोकने के लिए तैयार की जाती हैं और ऐसा उनके पैकेट पर लिखा होता है। कुछ मुड़ी हुई होती हैं, वहीं कुछ में आंतरिक छेद या लाइनर होता है, जिससे दूध में हवा के बुलबुले नहीं बनते और निप्पल को गिरने से भी बचाते हैं।

कई बार शिशु को फॉर्मूला में मौजूद प्रोटीन के प्रति असहिष्णुता हो सकती है। यदि ऐसा हो तो डॉक्टर से उचित विकल्प के बारे में पूछ सकती हैं।
शिशु को डकार कैसे दिलाएं?
अगर, आपका शिशु आराम से दूध चूस रहा है, तो उसे डकार दिलवाने के लिए बीच में न रोकें। ऐसा करने पर वह शायद रोने लगे, जिससे और अधिक हवा उसके पेट में जाएगी। शिशु जब खुद ही दूध पीते-पीते बीच में रुके, तब आप उसे डकार दिलवा सकती हैं।

बोतल से दूध पीते हुए जब शिशु निप्पल को छोड़ दे या फिर जब आप एक स्तन के बाद दूसरे स्तन से दूध पिलाने लगें, तो आप उसे डकार दिलवा सकती हैं। इसके बाद जब वह पूरा दूध पी चुका हो, तब उसे दोबारा डकार दिलाएं।

शिशु की पीठ को थपथपाना या मलना गैस बाहर निकालने का प्रभावी तरीका है। याद रखें कि ऐसे में डकार के साथ-साथ वह थोड़ा-बहुत दूध भी बाहर निकाल सकता है, इसलिए हमेशा एक रुमाल या कपड़ा अपने पास रखें, ताकि अपने कपड़ों को गंदा होने से बचा सकें।

शिशु को आमतौर पर तीन मुद्राओं में डकार दिलवाई जाती है। आप इन तीनों को ही आजमा कर देखें, हो सकता है एक की बजाय आपके दूसरी मुद्रा ज्यादा बेहतर लगे।

छाती पर लेकर
बैठाकर
आपकी गोद में मुंह नीचे की तरफ करके

इन अवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमारा वीडियो 'शिशु को किस तरह डकार दिलाई जाए' देखें।

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