Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
दिल के रोगों (Heart disease) की बात करें, तो अधिकतर लोग केवल हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट के बारे में ही जानते हैं। वास्तव में दिल से जुड़े रोगों की एक लंबी चेन है जिसमें हार्ट आर्टरी, हार्ट का इलेक्ट्रिकल (कंडक्शन) सिस्टम, हार्ट वाल्व और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं शामिल होती हैं। हृदय रोगों के लक्षण इस हिसाब से तय होते हैं कि कौन सा सिस्टम प्रभावित हुआ है।
दिल से जुड़ी कोई भी बीमारी तब शुरू होती है, जब खून की नसों में कोई समस्या होती है। जाहिर है इनके जरिए ही दिल तक ऑक्सीजन पहुंचता है। हृदय धमनियों में कोलेस्ट्रॉल का जमा होना अक्सर दिल की बीमारियों का कारण बनता है। ऐसा होने से हृदय और शरीर के अन्य भागों में रक्त का प्रवाह कम हो सकता है और आपको दिल का दौरा, सीने में दर्द या स्ट्रोक हो सकता है।
आज यानी 29 सितंबर को पूरी दुनिया में विश्व हृदय दिवस यानी वर्ल्ड हार्ट डे (World Heart Day) मनाया जा रहा है और इस अवसर नोएडा स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के एडिशनल डायरेक्ट डॉक्टर धीरज गंडोत्रा आपको बता रहे हैं कि किसी भी तरह का दिल का रोग होने पर आपको क्या-क्या लक्षण महसूस हो सकते हैं।
सीने में दर्द
यह कोरोनरी आर्टरियों में ब्लॉकेज का सबसे प्रमुख और पुराना लक्षण है। थकान होने, चढ़ाई करने, सीढ़ी चढ़ने, तनाव के दौरान या अत्यधिक ठंड होने पर सीने में होने वाले दर्द को एंजाइना कहा जाता है। सीने में दर्द अचानक से शुरू हो सकता है, जो हार्ट अटैक का लक्षण है। हार्ट अटैक के लक्षण सीने में दर्द, बाईं बांह में दर्द, जबड़े में दर्द, अत्यधिक पसीना होना, चक्कर आना, बेहोशी के अटैक आना और सांस लेने में परेशानी होना, अत्यधिक गैस होना या पेट फूलना हो सकते हैं। ऐसा कोई भी लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल ही अस्पताल जाना चाहिए और अपना इलाज कराना चाहिए।
सांस लेने में परेशानी
यह हार्ट फेल होने या कई बार आर्टरियों में ब्लॉकेज का लक्षण हो सकता है। शुरुआत में मरीज थकान होने और सांस लेने में परेशानी की शिकायत करने लगता है। अग्रिम चरणों में आराम करते हुए भी मरीज को ऐसे लक्षण महसूस होने लगते हैं। ऐसा हृदय की मांसपेशियों में कमजोरी की वजह से होता है जिसे कार्डियोमायोपैथी के नाम से जाना जाता है।
अत्यधिक थकान या बेहोशी
चक्कर आने का अहसास होना या बेहोशी आना हार्ट फेल, एरिथमिया (आटरियल फिबरिलेशन/वेंट्रीक्यूलर एरिथमिया / हार्ट ब्लॉक) या स्ट्रोक का लक्षण हो सकता है। हर समय थकान महसूस होना हार्ट फेल के साथ-साथ हृदय की आर्टरियों में ब्लॉकेज के साथ-साथ अन्य स्थितियों का लक्षण हो सकता है।
पैर या बांह में दर्द
मरीज को टहलते हुए या चलते हुए पैरों में बहुत ज्यादा दर्द होता है और आराम करने पर यह ठीक हो जाता है। इसे इंटरमिटेंट क्लाउडिकेशन कहते हैं। यह पैरों या बांह की आर्टरियों में ब्लॉकेज का लक्षण है। धूम्रपान करने वाले लोगों में यह लक्षण काफी आम है।
टखने में सूजन
पैरों में सूजन और सांस लेने में परेशानी हार्ट फेल का सबसे सामान्य लक्षण है। हालांकि, एंकल में सूजन, पैरों की नसों में ब्लॉकेज होने पर भी दिखाई देती है। हार्ट फेल के अंतिम चरणों में इस तरह की सूजन पेट और आंख के आसपास भी हो सकती है।
हृदय की धड़कन का अनियमित होना
सामान्य तौर पर हृदय हर मिनट 60 से 90 या 100 की दर से धड़कता है। हृदय की धड़कन में किसी भी तरह का बदलाव जो घबराहट के तौर पर महसूस हो, वह एरिथमिया हो सकता है और उसकी जांच होनी चाहिए।
| --------------------------- | --------------------------- |