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पहली तिमाही में डॉक्टरी चेकअप
पहली तिमाही के दौरान डॉक्टर आपको खून और पेशाब की विशिष्ट जांचें और अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाने के लिए कहेंगी। इनसे आपकी और शिशु की सेहत का अंदाजा लग सकेगा। आपके पहले डॉक्टर चेकअप के दौरान आपके स्वास्थ्य, व्यक्तिगत चिकित्सकीय इतिहास और जीवनशैली के बारे में सवाल किए जाएंगे। आपकी डॉक्टर गर्भावस्था के जरुरी मुद्दों पर आपसे चर्चा करेंगी, जैसे कि आपको क्या खाना चाहिए, क्या नहीं, कौन से लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए, रोजमर्रा में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और शुरुआती गर्भावस्था में कौन से अनुपूरक लेने चाहिए। गर्भावस्था की शुरुआत में आपके मन में जितने भी सवाल हों, उनके जवाब बिना हिचकिचाए डॉक्टर से पूछें।
गर्भावस्था में मुझे पहली बार डॉक्टर से चेकअप के लिए कब जाना चाहिए?
जैसे ही आपको अपने गर्भवती होने का पता चले तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से पहला प्रसवपूर्व चेकअप करवाना अच्छा रहता है।
कुछ महिलाओं को शायद शुरुआती कुछ हफ्तों तक अपने गर्भवती होने का पता नहीं चलता, खासकर यदि उनकी माहवारी अनियमित रहती हो तो। यदि आपको लगे कि आपको गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आप घर पर गर्भावस्था की जांच (होम प्रेगनेंसी टेस्ट) कर सकती हैं। इससे पुष्टि हो जाएगी कि आप गर्भवती हैं या नहीं।
अधिकांश महिलाओं को अपने गर्भवती होने का पता चल जाता है और वे 10 सप्ताह की गर्भावस्था से पहले डॉक्टर के साथ पहला चेक-अप करवा लेती हैं। 10 सप्ताह तक आपका पहला प्रसवपूर्व अल्ट्रासाउंड स्कैन भी हो गया होगा। इस स्कैन में शिशु के दिल की धड़कन का, गर्भ में एक या इससे ज्यादा शिशु होने का और भ्रूण गर्भ में सही जगह प्रत्यारोपित हुआ है या नहीं, पता चल जाता है।
गर्भावस्था के बारे में पता चलने पर जल्दी से जल्दी डॉक्टर को दिखा लेना कई तरह से फायदेमंद रहता है:
इससे आप आश्वस्त हो सकेंगी कि सबकुछ ठीक-ठाक है।
डॉक्टर आपको फॉलिक एसिड अनुपूरक बताएंगी और आप उनका सेवन तुरंत शुरु कर सकती हैं।
डॉक्टर आपको आहार संबंधी सलाह भी देंगी और जरुरी टेस्ट और स्कैन के बारे में भी बताएंगी। अगर आपको जरुरत हो तो वे जीवनशैली में बदलाव के बारे में भी कह सकती हैं।
यदि कोई समस्या हो, जैसे कि अस्थानिक गर्भावस्था (एक्टोपिक प्रेगनेंसी), तो डॉक्टर आपके सामने उपलब्ध विकल्पों के बारे में बता सकती हैं।
यदि आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या हो, तो पूरी गर्भावस्था में आप पर शायद ज्यादा नजर रखनी होगी। आप जो दवा ले रही हैं, उनके प्रकार या खुराक में भी आपको बदलाव करना पड़ सकता है।
इससे आपको और आपके गर्भ में पल रहे शिशु को एक अच्छी शुरुआत मिलेगी।
पहली तिमाही की डॉक्टरी जांचों में क्या होगा?
आमतौर पर डॉक्टर निम्न चीजों पर ध्यान देंगी:
वे आपसे पूछेंगी कि आखिरी बार आपकी माहवारी कब आई थी और वह तिथि फाइल में लिखेंगी। इससे यह पता चल सकेगा कि आप गर्भावस्था के कौन से सप्ताह में हैं।
आपका वजन मापेंगी और इसे भी लिख लेंगी। धीरे-धीरे और निरंतर वजन बढ़ना यह दर्शाता है कि आपका शिशु सही ढंग से बढ़ रहा है। बहुत सी डॉक्टर आपके वजन पर नजर रखने के लिए बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की गणना करती हैं।
आपका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) मापेंगी।
आहार के बारे में आपसे चर्चा करेंगी। वे आपको पहली तिमाही के लिए जरुरी भोजनों के बारे में सलाह दे सकती हैं।
आपको अल्ट्रासाउंड स्कैन और खून की जांच करवाने के लिए कहेंगी। ये इसलिए करवाए जाते हैं ताकि पता चल सके कि आपकी गर्भावस्था स्वस्थ ढंग से आगे बढ़ रही है।
डॉक्टर आपकी योनि और ग्रीवा (सर्विक्स) की आंतरिक जांच भी कर सकती है। वे आपकी श्रोणी का आकार और माप भी देख सकती है।
प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में कौन से टेस्ट करवाने होंगे?
आपकी डॉक्टर निम्न जांच करवाने के लिए कहेंगी:
खून की जांचें। डॉक्टर खून की बहुत सी जांचों की सूची लिखकर देंगी, जो आपको करवाने होंगे। इनमें आपके ब्लड ग्रुप और रीसस स्थिति (आप रीसस पॉजिटिव हैं या नैगेटिव), आपके हीमोग्लोबिन के स्तर, और रुबेला (जर्मन मीजल्स) के प्रति आपकी प्रतिरक्षण क्षमता के बारे में पता चलता है। विटामिन डी के स्तर और थायरॉइड फंक्शन के बार में भी आपकी जांच करवाई जाएगी। एचआईवी, सिफिलिस और हैपेटाइटिस बी के लिए भी खून की जांच की जाती है।
पेशाब की जांचें: पूरी गर्भावस्था के दौरान आपके पेशाब की जांच की जाती रहेगी, ताकि पेशाब में प्रोटीन की मौजूदगी का पता चल सके। प्रोटीन का होना प्री-एक्लेमप्सिया का संकेता हो सकता है, जो कि एक संभवत: खतरनाक स्वास्थ्य स्थिति है। गर्भावस्था की शुरुआत में पेशाब की जांच जीवाणु (बैक्टीरिया) के लिए भी की जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक विशिष्ट बैक्टीरिया और समय से पहले जन्म के बीच संबंध पाया गया है।
अल्ट्रासाउंड स्कैन। हालांकि, गर्भावस्था की पुष्टि करने के लिए तो अल्ट्रासाउंड स्कैन की जरुरत नहीं होती, मगर शुरुआती हफ्तों मे स्कैन करवा लेने से शिशु के स्वास्थ्य के बारे में पता चल जाता है।
डॉक्टर इन जांचों की रिपोर्ट और परिणामों के बारे में आपसे चर्चा करेंगी और बताएंगी कि आपकी गर्भावस्था वास्तव में किस तरह चल रही है।
क्या डॉक्टर से चेकअप के लिए मुझे पहले से कुछ तैयारी करनी चाहिए?
डॉक्टर से चेकअप करवाने जाने से पहले तैयारी करके जाना ज्यादा बेहतर है, ताकि आप डॉक्टर के साथ मिले समय और फीस पर खर्च किए पैसों का पूरा फायदा उठा सकें। थोड़ा समय निकाले और सोचें कि आप डॉक्टर से मुलाकात में क्या करना चाहती है। आपको इसके लिए खुद को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक तौर पर तैयार करना होगा।
आप निम्नांकित सुझाव आजमा सकती हैं:
अच्छी तरह नहा-धो लें और आरामदेह ढीले-ढाले कपड़े पहनें, जिन्हें उतारना और दोबारा पहनना आसान हो।
अपनी चिकित्सकीय रिकॉर्ड की फाइल साथ ले जाएं। डॉक्टर को आपके मेडिकल रिकॉर्ड देखकर ही आपकी पिछली स्थिति का पता चलता है। सभी मेडिकल कागजों को एक फाइल में तिथि के अनुसार क्रम में लगाएं।
अपने साथ कुछ खाने-पीने का सामान भी ले जाएं। हो सकता है डॉक्टर के पास नंबर आने के लिए आपको लंबा इंतजार करना पड़े, ऐसी स्थिति के लिए अपने पास स्नैक्स रखना सही रहता है। यदि आप गर्मियों में बाहर जा रही हैं, तो हमेशा अपने साथ पानी की बोतल रखना न भूलें।
अपने साथ कुछ किताबें, मैगज़ीन, बुनाई का काम या फिर ऐसा कुछ ले जाएं जो आपका समय बिताने में मदद करे। यदि आपके बच्चे हैं, तो शायद आपको उन्हें भी साथ ले जाना पड़े। ऐसे में वहां उन्हें व्यस्त रखने के लिए किताबें, कलर या विडियो गेम ले जा सकती हैं।
यदि आपको किसी बारे में कुछ चिंता हो, तो कोशिश करें कि उसके बारे में पहले ही पढ़कर थोड़ी जानकारी ले लें। इससे आपको डॉक्टर से मिलने वाले जवाबों को समझने में मदद मिलेगी और आपके लिए भी सवाल पूछना आसान होगा।
अपने स्वास्थ्य से जुड़े सवालों और चिंताओं के बारे में सोचें और उन्हें लिख लें। सबसे जरुरी सवाल को सूची में सबसे ऊपर रखें। यदि डॉक्टर उस दिन ज्यादा व्यस्त हो, तो शायद आपको उनसे सभी सवाल पूछने का मौका न मिले।
यदि आपके पति, माँ, बहन या दोस्त आपके साथ डॉक्टर के पास जाएं, तो शायद आप ज्यादा सहज महसूस करेंगी। यदि आप व्यक्तिगत या बेहद निजी सवाल पूछना चाहें, तो सुनिश्चित करें कि आपके साथ वह व्यक्ति जाए जिनके सामने आप ऐसे सवाल डॉक्टर से पूछ सकें।
यदि डॉक्टर आपसे कुछ टेस्ट करवाने के लिए कहे, तो पता कर लें कि इनके लिए आपको कोई तैयारी करने की जरुरत तो नहीं है। उदाहरण के तौर पर पहली तिमाही में अल्ट्रासाउंड के लिए आपका मूत्राशय पूरा भरा हुआ होना चाहिए। इसका मतलब है कि आपको स्कैन से पहले बहुत सारा तरल पदार्थ पीने की जरुरत होती है। खून की कुछ जांचें आपको खाली पेट करवानी होती हैं।
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