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ब्लड कैंसर कैसे होता है
कैंसर के कई प्रकारों में से एक ब्लड कैंसर की शुरुवत हमारे शरीर की कोशिकाओं में होने वाले उत्परिवर्तन के कारण होती है, जो कि खून या अस्थि मज्जा में होता है. इसके बाद यह खून के जरिये धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलती है. फिर एक ऐसी स्थिति आती है जब रक्त कैंसर की ये कोशिकाएं खत्म न होकर और बढ़ती ही जाती हैं. इसलिए ये अत्यंत आवश्यक है कि ब्लड कैंसर के लक्षण दिखाई ही आपको तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए. आइए इस लेख के माध्यम से हम ब्लड कैंसर के होने का के कारणों की पड़ताल करें ताकि इस विषय को लेकर लोगों में जागरूकता आए.
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ब्लड कैंसर यानी ल्यूकेमिया में कैंसर की कोशिकाएं तेजी से और अनियंत्रित तरीके से हड्डियों के अस्थि मज्जा में बढ़ने लगती हैं।
कैंसर (Cancer) एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। कैंसर के कई प्रकार होते हैं और उनमें एक खून का कैंसर यानि ब्लड कैंसर (Blood Cancer) भी है जिसे मेडिकल भाषा में ल्यूकेमिया (Leukemia) कहा जाता है। दरअसल यह खून या अस्थि मज्जा का कैंसर है। ल्यूकेमिया तब होता है, जब आपके शरीर में वाइट ब्लड सेल्स बढ़ जाती हैं। वाइट ब्लड सेल्स रेड ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स को बाहर निकाल देती हैं जिनकी आपके शरीर को स्वस्थ रहने के लिए आवश्यकता होती है। ब्लड कैंसर यानी ल्यूकेमिया में कैंसर की कोशिकाएं तेजी से और अनियंत्रित तरीके से हड्डियों के अस्थि मज्जा में बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं खून में फैल जाती हैं। इसकी सबसे घातक बात यह है कि कैंसर का यह प्रकार अन्य तरह के कैंसर की तरह ट्यूमर में नहीं बनता है जिसे एक्स-रे जैसे इमेजिंग टेस्ट में देखा जा सकता है। कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर फॉर अमेरिका के अनुसार, ल्यूकेमिया कई प्रकार के होते हैं। कुछ बच्चों में अधिक देखा जाता है जबकि कुछ वयस्कों में अधिक आम हैं। इसका उपचार ल्यूकेमिया के प्रकार और अन्य कारकों पर निर्भर करता है। अगर बात करें ब्लड कैंसर की, तो इसमें पीड़ित को कमजोरी या थकान, आसानी से चोट लगना या खून बहना, बुखार या ठंड लगना, हड्डियों या जोड़ों में दर्द, वजन घटना, रात को पसीना और सांस लेने में कठिनाई आदि शामिल हैं।
ब्लड डिसऑर्डर
जबकि आप कभी नहीं जान सकते कि आपको ल्यूकेमिया कैसे हुआ, क्योंकि इसका सटीक कारण का पता नहीं चल पाता है। हालांकि कुछ जोखिम कारक बीमारी से जुड़े होते हैं, जिसमें रेडिएशन के संपर्क में आना भी शामिल है। ल्यूकेमिया के लिए कुछ संभावित जोखिम कारक नीचे दिए गए हैं। खून से जुड़े कुछ विकार जिनमें पॉलीसिथेमिया वेरा, इडियोपैथिक मायलोफिब्रोसिस और थ्रोम्बोसाइटोपेनिया आदि की वजह से ब्लड कैंसर होने का जोखिम बढ़ सकता है। अगर आपको इनमें से कोई विकार है, तो आपको डॉक्टर से सही सलाह और इलाज की जरूरत है।
पारिवारिक इतिहास
कुछ लोग इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते हैं कि ल्यूकेमिया एक जेनेटिक बीमारी भी हो सकती है। बेशक अधिकांश ल्यूकेमिया का कोई पारिवारिक संबंध नहीं होता है। हालांकि यदि आपके परिवार में पहले कोई इससे पीड़ित था, तो आपको इसका जोखिम है। इतना ही नहीं, अगर जुड़वा में से किसी एक एक को यह था तो दूसरे को भी खतरा हो सकता है।
स्मोकिंग
बीड़ी-सिगरेट पीना कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है। बेशक स्मोकिंग करना सीधे रूप से ब्लड कैंसर से नहीं जुड़ा है लेकिन सिगरेट पीने से हल्का ब्लड कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। ध्यान रहे कि स्मोकिंग फेफड़ों के कैंसर से भी जुड़ा है।
रेडिएशन
हाई एनर्जी रेडिएशन जैसे, परमाणु बम विस्फोट के संपर्क में आने या विद्युत चुम्बकीय क्षेत्रों जैसे लो एनर्जी रेडिएशन (बिजली लाइन) के संपर्क में आने से भी ब्लड कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा कुछ कीटनाशकों और औद्योगिक रसायनों के साथ लंबे समय तक संपर्क से ल्यूकेमिया का जोखिम बढ़ सकता है।
जन्मजात सिंड्रोम
डाउन सिंड्रोम, फैनकोनी एनीमिया, ब्लूम सिंड्रोम, टेलैंगिएक्टेसिया और ब्लैकफैन-डायमंड सिंड्रोम सहित कुछ जन्मजात सिंड्रोम से एएमएल का जोखिम बढ़ सकता है। अगर आपके घर में किसी को यह रोग हैं, तो उसकी सही तरह जांच कराएं।
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