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कितना होना चाहिए शरीर का सामान्य तापमान? जानें वयस्कों, बच्चों और शिशुओं में बदलते तापमान का कारण और संकेत

अगर आप शरीर के बदलते तापमान से परेशान हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं क‍ि क‍िस उम्र में तापमान क‍ितना होना चाह‍िए और ज्‍यादा तापमान का पता कैसे लगाएं

बॉडी का तापमान कैसे बदलता है? (How body temperature changes)
कंपकंपी लगने पर बॉडी गरम होती है। हमारे ब्रेन का का एक ह‍िस्‍सा ज‍िसे हाइपोथैल्‍मल (hypothalamus) कहा जाता है वो बॉडी का टेम्‍प्रेचर बनाए रखने में मदद करता है। अगर शरीर का तापमान 98.6°F (37°C) से नीचे या ज्‍यादा ऊपर जाता है तो हाइपोथैल्‍मल उसे कंट्रोल करने का काम करता है। अगर बॉडी ज्‍यादा ठंडी हो जाती है तो हाइपोथैल्‍मस बॉडी को कंपकंपी का अहसास करवाने का संकेत देती है ताक‍ि बॉडी गरम हो सके। वहीं अगर शरीर बहुत गरम होगा तो ब्रेन बॉडी को पसीना न‍िकालने का संकेत देगा ताक‍ि शरीर से ज्‍यादा गरमी बाहर न‍िकल सके। ज्‍यादातर बुखार का कारण इंफेक्‍शन होता है। फीवर तब होता है जब हमारी बॉडी इंफेक्‍शन से लड़ने के ल‍िए नैचुरली कोश‍िश करती है।
शरीर का तापमान क‍िन फैक्‍टर्स पर न‍िर्भर करता है? (Factors responsible for change in body temperature)

1. व्‍यक्‍त‍ि की उम्र और जेंडर
2. क‍िस समय तापमान ल‍िया गया है (तापमान द‍िन के समय सबसे ज्‍यादा और सुबह सबसे कम होता है)
3. ल‍िक्‍व‍िड और सॉल‍िड डाइट
4. कम या ज्‍यादा एक्‍ट‍िव‍िटी करना
5. मह‍िलाओं में महावारी
6. थर्मामीटर का इस्‍तेमाल (रैक्‍टल, ओरल, ऑर्मप‍िट)


बड़ों के शरीर का तापमान क‍ितना होना चाह‍िए? (Normal temperature in adults)

वयस्‍कों के शरीर का सामान्‍य तापमान 97.6–99.6°F के बीच होता है। वहीं वयस्‍कों में बुखार आने पर तापमान 100.4°F (38°C) या इससे ज्‍यादा हो सकता है।

असामान्‍य तापमान: वयस्‍कों के शरीर का तापमान अगर 104°F से ज्‍यादा या 95° F से कम है तो ये च‍िंता की बात है। इसके साथ ही उन्‍हें अगर स‍िर में दर्द, सांस लेने में परेशानी हो रही है तो च‍िंता की बात है। शरीर का तापमान 105.8°F से ज्‍यादा होने पर ऑर्गन फेल हो सकता है।
बच्‍चों के शरीर का तापमान क‍ितना होना चाह‍िए? (Normal temperature in children)

baby body temperature

3 से 10 साल की उम्र वाले बच्‍चों का नॉर्मल टेम्‍प्रेचर 95.9–99.5°F के बीच हो सकता है। बच्‍चों का तापमान भी बड़ों की तरह ही होता है। इस उम्र के बच्‍चे को अगर बुखार है पर तापमान 102°F से कम है तो च‍िंता की बात नहीं है। दवा और पट्टी करने से बुखार कम हो जाएगा।

असामान्‍य तापमान: अगर तापमान 102.2°F से ज्‍यादा है तो उसे डॉक्‍टर के पास लेकर जाएं।
नवजात शिशु के शरीर का तापमान क‍ितना होना चाह‍िए? (Normal temperature in babies)

नवजात शिशुओं में के शरीर का तापमान कभी-कभी एडल्‍ट्स या बच्‍चों से भी ज्‍यादा होता है क्‍योंक‍ि उनके वजन के मुकाबले उनके शरीर का सर्फेस एर‍िया बड़ा होता है। छोटे बच्‍चों की बॉडी गर्मी होने पर कम पसीना न‍िकालती है। वहीं बुखार आने पर नवजात श‍िशु के शरीर के तापमान को कम करना बड़ों के मुकाबले ज्‍यादा मुश्‍क‍िल होता है। अगर बच्‍चे की उम्र 0–2 साल के बीच है तो उसकी बॉडी का सामान्‍य तापमान 97.9–100.4°F होना चाह‍िए। जब बच्‍चों के दांत आते हैं तो भी उन्‍हें बुखार आ सकता है। नवजात श‍िशु के शरीर का सामान्‍य तापमान 99.5°F होता है।

असामान्‍य तापमान: अगर बच्‍चे की उम्र 3 महीने या उससे कम है तो तापमान 100.4°F या उससे ऊपर होने पर सतर्क हो जाएं। इस समय आपके बच्‍चे को मेड‍िकल मदद की जरूरत होगी उसे तुरंत अस्‍पताल ले जाएं। इतने छोटे बच्‍चों में फीवर का कारण इंफेक्‍शन हो सकता है।


बुखार के क्‍या लक्षण हैं? (What are the symptoms of fever)


डॉ सीमा यादव से बताया क‍ि एडल्‍ट्स में 98.6°F के आसपास के तापमान को नॉर्मल माना जाता है। हालांक‍ि तापमान आपकी उम्र, जेंडर, फ‍िज‍िकल एक्‍टीव‍िटी और हेल्‍थ पर न‍िर्भर करता है। आपको बता दें क‍ि शरीर का तापमान पूरे द‍िन बदलता रहता है इसल‍िए उससे घबराएं नहीं। अगर तापमान 100.4°F से ऊपर है तो बुखार के संकेत हो सकते हैं। नवजात श‍िशुओं के शरीर का तापमान एडल्‍ट्स के मुकाबले ज्‍यादा होता है लेक‍िन बहुत ज्‍यादा तापमान क‍िसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। डॉक्‍टर ये मानते हैं 100.4°F या इससे ज्‍यादा तापमान होने पर बुखार होता है। इसके अलावा कुछ लक्षण हैं ज‍िनसे बुखार होने का पता चलता है जैसे-

1. भूख न लगना
2. ठंड लगना
3. मसल्‍स में पेन
4. स‍िर में दर्द
5. कमजोरी होना
6. पसीना आना

थर्मामीटर का चुनाव कैसे करें? (How to choose thermometer)

मार्केट में कई तरह के थर्मामीटर मौजूद हैं पर आपको व्‍यक्‍त‍ि की उम्र के मुताब‍िक थर्मामीटर का चुनाव करना चाह‍िए। अगर थर्मामीटर की रीड‍िंग बहुत कम या ज्‍यादा आए तो 10 म‍िनट बाद दोबारा रीड‍िंग लें।

3 साल से कम उम्र वाले बच्‍चों के ल‍िए रैक्‍टल थर्मामीटर ले सकते हैं।
अगर उम्र 3 साल तक है तो ईयर थर्मामीटर, ऑर्मप‍िट थर्मामीटर का इस्‍तेमाल करें।
अगर उम्र 4 से 5 साल है तो बुखार मापने के लि‍ए ईयर, ऑर्मप‍िट या ओरल थर्मामीटर का इस्‍तेमाल करें।
अगर उम्र 5 साल से ज्‍यादा है तो ओरल, ईयर और ऑर्मप‍िट थर्मामीटर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

अगर क‍िसी व्‍यक्‍त‍ि को अपने शरीर के तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव नजर आ रहा है तो उसे डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए। इस मौसम में आप ज्‍यादा ठंडा या गरम तापमान में अचानक न जाएं, धूप में न‍िकलने से पहले एहत‍ियात बरतें और ऐसी या ठंडी जगह पर ज्‍यादा देर न रहें।

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